[MISSION 2023] सिक्योर: दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 5 जुलाई 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

  1. यह आवश्यक नहीं कि हमारे देश में महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण उनके सामाजिक सशक्तिकरण में तब्दील हो। आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: un.orgInsightsonIndia

 निर्देशक शब्द: 

आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रमुख आँकड़ों के साथ देश में महिलाओं की स्थिति को प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु: 

आर्थिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक सशक्तिकरण दोनों शब्दों को परिभाषित कीजिए एवं इनके अंतर्संबंधों का सुझाव देते हुए दोनों में मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए।

समझाइए कि देश के विकास के लिए समुदाय की सबसे छोटी इकाई जो कि परिवार है, से महिला का आर्थिक सशक्तिकरण बहुत महत्वपूर्ण है।

इस आर्थिक सशक्तिकरण को सामाजिक सशक्तिकरण में बदलने में शामिल कमियों की व्याख्या कीजिए।

सम्बंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा कीजिए एवं उनका समाधान सुझाएं। 

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

 विषय: सामाजिक सशक्तिकरण, सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद एवं धर्मनिरपेक्षता। 

  1. सांप्रदायिकता के विकास के लिए उत्तरदायी कारकों एवं भारतीय समाज पर इसके प्रभावों की चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: InsightsonIndia

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते सम सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

सांप्रदायिकता को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु: 

भारत में साम्प्रदायिकता के उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

आधुनिक भारत में सांप्रदायिकता के उदय एवं विकास में योगदान देने वाले प्रमुख कारकों की चर्चा कीजिए।

इसकी वर्तमान स्थिति प्रस्तुत कीजिए।

सांप्रदायिकता से निपटने के उपाय प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

हमारे समाज पर सांप्रदायिकता के सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय। 

  1. भारत में माँ एवं बच्चे में पोषण की कमी को दूर करने में एक चिंता के कारण के रूप में एकीकृत बाल विकास योजना एवं पोषण अभियान के अब तक के हस्तक्षेपों पर चर्चा कीजिए। इन क्षतियों को दूर करने के लिए आप क्या उपाय सुझाएंगे? (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: कठिन             

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 5.0 के आँकड़े प्रस्तुत कीजिए एवं भारत में बच्चे तथा माँ के पोषण संबंधी मुद्दों पर प्रकाश डालिए।

 विषय वस्तु:

संक्षेप में योजना का वर्णन कीजिए एवं एकीकृत बाल विकास योजना तथा पोषण अभियान से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा कीजिए।

इन मुद्दों के समाधान के लिए सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

  1. वर्तमान अस्तव्यस्त वैश्विक स्थिति में बहुपक्षीय वार्ताएं कठिन होती जाएंगी। यह देखते हुए कि ‘द्विपक्षीय’, ‘त्रि- पक्षीय’ आदि समकालीन अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में अधिक संकर्षण प्राप्त हुआ है, क्या आपको लगता है कि भारत को अपना ध्यान ‘बहुपक्षवाद’ की ओर स्थानांतरित करना चाहिए? चर्चा कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: कठिन 

सन्दर्भ:  The Hindu

निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

‘बहुपक्षवाद’ से आपका क्या तात्पर्य है? समझाइए एवं प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु:

भारत ने वर्षों से बहुपक्षवाद का पालन क्यों किया? कारण स्पष्ट कीजिए।

क्या भारत को अपना रुख बदलना चाहिए? बिंदुवार कारण प्रस्तुत कीजिए।

‘बहुपक्षवाद’ के स्थान पर द्विपक्षीय, त्रिपक्षीय आदि को चुनने से सम्बंधित जोखिमों पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

  1. लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) के प्रमुख लक्ष्यों को सूचीबद्ध कीजिए। यह ब्रह्मांड के विकास को समझने में हमारी सहायता कैसे करेगा? (150 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ: The Indian ExpressCERN

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर के प्रमुख लक्ष्यों को सूचीबद्ध कीजिए एवं प्रत्येक लक्ष्य को संक्षेप में समझाइए।

ये लक्ष्य ब्रह्मांड के विकास को समझने में कैसे सहायता करेंगे? स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

ब्रह्मांड के विकास की समझ एक स्थायी भविष्य की ओर हमारा मार्ग कैसे प्रशस्त करेगी? आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: नैतिकता का अनुप्रयोग।

  1. ‘नैतिक परहितवाद’ शब्द से आप क्या समझते हैं? क्या आप परहितवाद के सन्दर्भ में इस आलोचना में विश्वास करते हैं कि यह किसी व्यक्ति के आत्म-विकास, उत्कृष्टता एवं रचनात्मकता की खोज में बाधा डाल सकता है? विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि: लेक्सिकन प्रकाशन।

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

‘नैतिक परहितवाद’ शब्द को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसकी आलोचना क्यों की जा सकती है? उपयुक्त उदाहरण देकर इसके कुछ संभावित कारण प्रस्तुत कीजिए।

परोपकारिता किसी व्यक्ति के विकास में कैसे बाधा नहीं डालती है? उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समझाइए।

आप इस उत्तर में विभिन्न नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन के अनुभवों का उपयोग कर सकते हैं। जैसे: हर्षवर्धन, अशोक, गांधी जी आदि।

 निष्कर्ष:

एक प्रशासक पर विशेष ध्यान देने के साथ समाज में इस तरह के परोपकारी व्यवहार को कैसे प्रोत्साहित किया जा सकता है? सुझाव दीजिए।

 

  1. “सरकारी कर्मचारियों के लिए आचार संहिताएँ, जिनमें मुख्य रूप से अनुचित व्यवहार पर प्रतिबंध शामिल हैं, नैतिकता के लिए ‘निम्न मार्ग’ को दर्शाती हैं। परीक्षण कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि: लेक्सिकन प्रकाशन।

निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

आप ‘आचार संहिता’ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए एवं इस विषय से संबंधित कोई भी प्रासंगिक बुनियादी डेटा प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कर सकते हैं।

 विषय वस्तु:

‘भारत में आचार संहिता’ की मूलभूत विशेषताओं का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

क्या एक तंत्र के रूप में ‘आचार संहिता’ भारत सरकार के उद्यमों में नैतिक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक एवं कम प्रभावी है? विचार- विमर्श कीजिए।

तर्क के दोनों पक्षों पर प्रकाश डालिए।

सरकारी अधिकारियों के मध्य नैतिक व्यवहार को सुनिश्चित करने के लिए ‘आचार संहिता’ को अधिक प्रभावी एवं दीर्घकालिक समाधान बनाने के लिए संक्षेप में सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

इस मुद्दे पर एक संतुलित एवं तर्कसंगत राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।