Print Friendly, PDF & Email

[MISSION 2023] सिक्योर: दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 4 जुलाई 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव।

  1. जैसे प्रत्येक सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही वैश्वीकरण के भी सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभाव होते हैं। भारतीय समाज एवं संस्कृति पर वैश्वीकरण के प्रभावों का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वैश्वीकरण को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारतीय समाज एवं संस्कृति पर वैश्वीकरण के सकारात्मक प्रभावों के बारे में लिखिए।

उपर्युक्त की पुष्टि करने के लिए उदाहरण एवं आंकड़े उद्धृत कीजिए।

भारतीय समाज एवं संस्कृति पर वैश्वीकरण के नकारात्मक प्रभावों के बारे में लिखिए।

उपर्युक्त की पुष्टि करने के लिए उदाहरण एवं आंकड़े उद्धृत कीजिए।

निष्कर्ष:

नकारात्मक प्रभावों को कम करने एवं सकारात्मक प्रभावों को अधिकतम करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय। 

  1. औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध जनजातीय विद्रोहों के विफल होने के कारणों की जाँच कीजिए। ये विद्रोह क्यों महत्वपूर्ण हैं तथा वर्तमान समय में इनका क्या महत्व है? 250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ:  Indian Express , Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 जाँच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यह उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए कि अठारहवीं एवं उन्नीसवीं शताब्दी में शासक वर्ग के उत्पीड़न के विरुद्ध अनेक जनजातीय विद्रोह हुए।

 विषय वस्तु: 

जनजातियों के द्वारा सामना की जाने वाली विभिन्न समस्याओं का उल्लेख कीजिए।

किसान एवं जनजातीय विद्रोहों के कुछ उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

इन विद्रोहों की विफलता के कारणों की जाँच कीजिए।

इन जनजातीय विद्रोहों के महत्व के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

यह उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए कि राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के लंबे समय तक, किसानों एवं जनजातियों का संघर्ष विकसित हुआ एवं अंततः राष्ट्रीय आंदोलन की मुख्य धारा का भाग बन गया।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय। 

  1. भारत में हिरासत में हिंसा एवं मौतों को रोकने में प्रौद्योगिकी की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। हिरासत में हिंसा में वृद्धि को रोकने के लिए और क्या उपाय करने की आवश्यकता है? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन             

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में हिरासत में हिंसा से संबंधित आँकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में हिरासत में हिंसा के विभिन्न कारणों का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।

उन उपायों के बारे में लिखिए, जिनसे प्रौद्योगिकी के उपयोग से देश में हिरासत में होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। उपर्युक्त को सिद्ध करने के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

हिरासत में हिंसा को रोकने में प्रौद्योगिकी की सीमाओं एवं उन सीमाओं को दूर करने के लिए आवश्यक अन्य उपायों को लिखिए।

निष्कर्ष:

इन सीमाओं को पार करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

  1. निर्यात पर प्रतिबंध लघु एवं दीर्घावधि में कृषि क्षेत्र को विशेष रूप से प्रभावित करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करता है? परीक्षण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ:  Indian Express

निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

प्रतिबंध कीघोषणा के प्रमुख कारकों पर प्रकाश डालिए।

प्रतिबंध के प्रभावों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

भारत द्वारा गेहूँ निर्यात प्रतिबंध पर संतुलित राय के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: आपदा एवं आपदा प्रबंधन।

  1. भू-स्खलन एक सतत एवं आवर्ती घटना है तथा भू-स्खलन से होने वाले अधिकांश जोखिमों का कारण ढाल की प्रकृति एवं सामग्री से संबंधित पहलुओं पर अपर्याप्त ध्यान देना है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल 

सन्दर्भ: The Hindu , Insights on India

 निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

भू-स्खलन को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु:

हाल के दिनों में हुए कुछ बड़े भू-स्खलनों के उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

कुछ उदाहरणों के साथ भारत में भू-स्खलन के प्राकृतिक कारणों का उल्लेख कीजिए।

भू-स्खलन की सर्वाधिक संभावना वाले क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए।

इन क्षेत्रों को दर्शाने वाला एक छोटा मानचित्र प्रस्तुत कीजिए।

मानव गतिविधि जनित भू-स्खलन के उदाहरणों पर प्रकाश डालिए।

भू-स्खलन से हताहतों की संख्या पर एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट के आँकड़ों का उल्लेख कीजिए।

मानवजनित भू-स्खलन में वृद्धि चिंताजनक क्यों है? समझाइए एवं इसे नियंत्रित करने के लिए उपायों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: मानवीय मूल्य – महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन एवं उपदेशों से प्राप्त  शिक्षा।

  1. बौद्ध नैतिकता उन सिद्धांतों एवं प्रथाओं से संबंधित है, जो किसी व्यक्ति को क्षति पहुंचाने के स्थान पर सहायता करने वाले तरीकों से कार्य करती है। समझाइए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ: plato.stanford.edu 

निर्देशक शब्द: 

समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

बौद्ध नैतिकता के प्रमुख पहलुओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए। 

विषय वस्तु:

समझाइए कि बौद्ध धर्म इस धारणा के आधार पर नैतिकता के बारे में सोचने का एक तरीका प्रस्तावित करता है कि सभी संवेदनशील प्राणी दर्द से बचना चाहते हैं। इस प्रकार, बुद्ध सिखाते हैं कि यदि कोई कार्य दुख से मुक्ति की ओर ले जाता है, तो वह शुभ है।

बौद्ध दर्शन के क्षति न पहुँचाने के सिद्धांत, करुणा, न्याय एवं जवाबदेही आदि का उल्लेख कीजिए।

दैनिक जीवन में इसके अनुप्रयोग का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

करुणा एवं समानता के बौद्ध नैतिक दावों का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए कि ये आधुनिक शैक्षणिक मुद्दों, जैसे:- शांति शिक्षा, पारिस्थितिक शिक्षा आदि में योगदान कर सकते हैं।

  

विषय: नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में विधि, नियम, विनियम एवं विवेक। 

  1. नैतिक दर्शन हमें अपनी पद्धति एवं सार के माध्यम से चुनौतीपूर्ण नैतिक मुद्दों पर चिंतन करने एवं बात करने के प्रति सशक्त बनाता है। विस्तार से समझाइए। (150 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि: लेक्सिकन प्रकाशन।

निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

आपके दैनिक जीवन में आपके द्वारा किए जाने वाले कार्यों को नियंत्रित करने वाले नैतिक दर्शन (विवेक) से आप क्या समझते हैं? उसका वर्णन करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:

नैतिक दर्शन यह निर्धारित करने में कैसे सहायता करता है कि क्या सही है और क्या गलत है? इस बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए।

अपने उत्तर को प्रमाणित करने के लिए उदाहरणों का प्रयोग कीजिए।

निष्कर्ष:

नैतिक दर्शन हमें विशुद्ध रूप से स्वार्थ से कार्य करने से कैसे रोकता है और हमें सत्यनिष्ठा का जीवन जीने में कैसे सहायता करता है? समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।