[Mission 2022] INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 29 June 2022

विषयसूची

सामान्य अध्ययन-I

  1. प्रधानमंत्री मोदी का G7 नेताओं को उपहार – भारत की शिल्प परंपराओं का उत्सव
  2. नाइजीरिया का नवीनतम लिथियम भंडार

सामान्य अध्ययन-II

  1. चीन का मुकाबला करने हेतु ‘पार्टनर्स इन द ब्लू पैसिफिक’ पहल
  2. शैक्षणिक कार्यक्रमों में पीएम गति शक्ति योजना
  3. G7 समूह द्वारा तेल बिक्री से रूस की आय को सीमित करने का निर्णय
  4. हॉर्न ऑफ अफ्रीका में चीन का हस्तक्षेप

सामान्य अध्ययन-III

  1. रूसी सोने के आयात पर प्रतिबंध

मुख्य परीक्षा संवर्धन के लिए सामग्री (नैतिकता/निबंध)

  1. पद्मश्री डॉक्टर सिलचर में मुफ्त कैंसर के इलाज के लिए अस्थायी नावों का उपयोग

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

  1. ‘ऑनलाइन और ऑफलाइन’ स्वतंत्र अभिव्यक्ति की सुरक्षा
  2. जिला निष्पादन ग्रेडिंग सूचकांक
  3. ओडीएफ स्थिति बनाए रखने के लिए संशोधित स्वच्छ प्रमाणन प्रोटोकॉल
  4. राजस्थान में यूरेनियम निक्षेप
  5. बैक्टीरियल सीमेंट मोर्टार ईंट के लिए पेटेंट
  6. माइक्रोप्लास्टिक्स वायरस को पानी में लंबे समय तक जीवित रहने में मदद करती है: एक अध्ययन

 


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी का G7 नेताओं को उपहार – भारत की शिल्प परंपराओं का उत्सव

संदर्भ:

G7 नेताओं को प्रधानमंत्री मोदी का उपहार (रटने की जरूरत नहीं है, केवल एक बार देखना काफी है)

जो बाइडन (अमेरिकी राष्ट्रपति): गुलाबी मीनाकारी ब्रोच और कफ़लिंक (उत्तर प्रदेश में वाराणसी का जीआई-टैग कला रूप)।

Current Affairs

 

फुमियो किशिदा (जापान के पीएम): निजामाबाद (उत्तर प्रदेश) से मंगाए गए काली मिट्टी के बर्तन भेंट किए। इसमें काले रंगों को बाहर निकालने के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि बर्तनों में ऑक्सीजन के प्रवेश की कोई गुंजाइश न हो।

Current Affairs

 

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज: को छत्तीसगढ़ की नंदी-थीम वाली डोकरा कलाकृति भेंट की है।

Current Affairs

बोरिस जॉनसन (ब्रिटेन के प्रधानमंत्री): प्लेटिनम पेंटेड हैंड पेंटेड टी सेट गिफ्ट किया है। यह खुर्जा पॉटरी में निर्मित है। चाय के सेट को बेस फॉर्म को हाथ से पेंट किया जाता है।

इमैनुअल मैक्रों (फ्रांस के राष्ट्रपति): लखनऊ के खास जरदोजी बॉक्स में इत्र की बोतलें उपहार में दी गईं। जरदोजी बॉक्स को फ्रांसीसी राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में खादी रेशम से हाथ से कढ़ाई कर सजाया गया है।

Current Affairs

 

मारियो द्रागी (इटली के प्रधानमंत्री): को ‘मार्बल इनले टेबल टॉप’ भेंट में दी गयी। इसे आगरा के स्टोनमैन क्राफ्ट ने बनाई है। इसकी उत्पत्ति ओपस सेक्टाइल में हुई है। मध्ययुगीन रोमन दुनिया में लोकप्रिय पिएत्रा ड्यूरा का रूप है जहां चित्र बनाने के लिए सामग्री को दीवारों और फर्शों में जड़ा जाता था।

Current Affairs

मैकी साल (सेनेगल के राष्ट्रपति): को उत्तरप्रदेश के प्रयागराज, अमेठी और सुल्तानपुर में बनी मूंज की टोकरियां और कपास की दरी भेंट की।

जस्टिन ट्रूडो (कनाडा के प्रधानमंत्री): कश्मीर का मशहूर उत्पाद रेशमी कालीन भेंट की। हाथ से बुने हुए रेशमी कालीन अपनी कोमलता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।

ओलाफ शॉल्ज (जर्मन चांसलर): मेटल मरोडी नक्काशी वाला मटका दिया गया। यह निकल कोटेड हाथ से उकेरा गया पीतल का बर्तन है। इसे मुरादाबाद जिले की उत्कृष्ट कृति माना जाता है। मुरादाबाद को पीतल नगरी भी कहा जाता है।

जोको विडोडो (इंडोनेशिया के राष्ट्रपति): को वाराणसी में बना राम दरबार गिफ्ट किया। यह गूलर की लकड़ी पर लाख आधारित पेंट का इस्तेमाल कर बनाया गया। यह रामायण के इंडोनेशियाई संस्करण – ‘काकाविन रामायण’ से काफी समानता रखता है।

 

विषय: विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए), विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिये ज़िम्मेदार कारक।

नाइजीरिया में लिथियम भंडार की नवीनतम खोज

संदर्भ:

हाल ही में, पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजीरिया में उच्च ग्रेड के लिथियम भंडार की खोज की गई है।

लिथियम (Lithium) के बारे में:

लिथियम एक नरम तथा चांदी के समान सफेद धातु होती है तथा मानक परिस्थितियों में, यह सबसे हल्की धातु और सबसे हल्का ठोस तत्व है। यह अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और ज्वलनशील होती है, और पानी के साथ तीव्रता से प्रतिक्रिया करती है। अत: इसे खनिज तेल में संगृहीत किया जाता है।

यह एक क्षारीय एवं दुर्लभ धातु है। लिथियम और अधिकांश लिथियम खनिजों का खनन, अन्य उच्च मूल्य वाले धातु खनिजों जैसे टिन, नाइओबियम-टैंटलम (कोलंबाइट-टैंटालाइट), और यूरेनियम (पाइरोक्लोर में) के साथ किया जाता है।

  • पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में स्थित ‘ग्रीनबुश खदान’ (Greenbushes mine) दुनिया की सबसे बड़ी हार्ड-रॉक लिथियम खदान है। 2021 में, वैश्विक लिथियम खदान का उत्पादन 100,000 टन के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जोकि वर्ष 2020 (82,500 टन) की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है।
  • विश्व स्तर पर, लिथियम की मांग मुख्य रूप से लिथियम-आयन बैटरी के रूप में इसके व्यापक अनुप्रयोग के कारण बढ़ रही है।
  • लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी आम तौर पर अधिक महंगी होती हैं लेकिन बेहतर प्रदर्शन करती हैं और पसंदीदा तकनीक बन रही हैं।

आमतौर पर उपयोग की जाने वाली विभिन्न प्रकार की लिथियम-आयन बैटरी निम्नलिखित हैं:

 

इन महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के संबंध में भारत की स्थिति:

  • भारत द्वारा दुर्लभ पृथ्वी धातुओं और लिथियम, कोबाल्ट (ज्यादातर चीन से) संबंधी अपनी लगभग सभी जरूरतों के लिए इनका आयात किया जाता है।
  • भारत, विश्व में इलेक्ट्रॉनिक और सौर विनिर्माण केंद्र बनने का प्रयास कर रहा है, जिससे इन महत्वपूर्ण संसाधनों के लिए भारत की मांग पिछले पांच वर्षों में 6 गुना बढ़ गई है।
  • भारत का पहला लिथियम भंडार स्थल दक्षिणी कर्नाटक के मांड्या जिले में खोजा गया था।

Current AffairsCurrent Affairs

 

महत्वपूर्ण धातुओं के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम:

  • अर्जेंटीना, बोलीविया और चिली (इन देशों को लिथियम त्रिकोण कहा जाता है) में खानों से निकासी और अधिग्रहण के लिए ‘खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड’ (Khanij Bidesh India Ltd. – KABIL) की स्थापना की गयी है।
  • ‘खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड’ (KABIL) राजस्थान और गुजरात के ‘ब्राइन पूल’ और ओडिशा और छत्तीसगढ़ की अभ्रक पेटी से लिथियम निकालने के लिए अन्वेषण कार्य भी करता है।
  • भारत की ‘महत्वपूर्ण खनिज रणनीति’: इसके तहत भारत के भविष्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण 49 खनिजों की पहचान की गयी है।
  • अन्य विश्व शक्तियों के साथ सहयोग: क्वाड (QUAD) के तहत, भारत महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के न्यायसंगत और निष्पक्ष ‘वैश्विक शासन’ (Global Governance) को सुनिश्चित करने और आपूर्ति संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए सहयोग कर रहा है।
  • इसरो द्वारा स्वदेश में विकसित लिथियम आयन बैटरी प्रौद्योगिकी का व्यवसायीकरण किया जा रहा है और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए 14 कंपनियों का चयन किया गया है।
  • भारत में पहला लिथियम आयन बैटरी निर्माण संयंत्र: CSIR द्वारा RAASI सोलर पावर प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर संयुक्त रूप से भारत में पहला लिथियम आयन बैटरी निर्माण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
  • ‘महत्वपूर्ण खनिज रणनीति’ के तहत, लीथियम आयन बैटरियों के लिए पुनर्चक्रण सुविधाएं स्थापित करने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है और इस्तेमाल की गई बैटरियों को इकट्ठा करने का दायित्व उत्पादकों पर सौंपा गया है।

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

चीन का मुकाबला करने हेतु पार्टनर्स इन द ब्लू पैसिफिकपहल

संदर्भ:

अमेरिका और उसके सहयोगी देशों – ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान और यूनाइटेड किंगडम – द्वारा प्रशांत मह्सागर क्षेत्र के छोटे द्वीप राष्ट्रों के साथ “प्रभावी और कुशल सहयोग” के लिए ‘पार्टनर्स इन द ब्लू पैसिफिक’ (Partners in the Blue Pacific – PBP) नामक एक नई पहल शुरू की गयी है।

नई पहल शुरू करने का कारण:

चीन का मुकाबला करने के लिए: चीन द्वारा 10 प्रशांत महासागरीय देशों के साथ एक ‘साझा सहयोग समझौते’ की पुष्टि किए जाने के बाद प्रशांत क्षेत्र में भू-रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।

पार्टनर्स इन द ब्लू पैसिफिक‘ (PBP) पहल: परिचय

‘पार्टनर्स इन द ब्लू पैसिफिक’ (PBP), प्रशांत महासागरीय द्वीपों का सहयोग करने और इस क्षेत्र में राजनयिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए पांच देशों का एक “अनौपचारिक तंत्र” है।

  • उद्देश्य: घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से प्रशांत क्षेत्र में “समृद्धि, अनुकूलन और सुरक्षा” को बढ़ाना। PBP के माध्यम से, ये देश चीन की आक्रामक पहुँच (आउटरीच) का मुकाबला करने के लिए इस क्षेत्र में और अधिक संसाधनों को निदेशित करेंगे।
  • “प्रशांत क्षेत्रवाद को उन्नत करना”, एवं प्रशांत द्वीप समूह फोरम के साथ मजबूत संबंध बनाना, इस पहल के अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
  • सहयोग क्षेत्र: जलवायु संकट, संपर्क और परिवहन, समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य, समृद्धि और शिक्षा।

चीन प्रशांत महासागर क्षेत्र में अपने संबंधों को किस प्रकार बदलने की कोशिश कर रहा है?

  • हाल ही में, चीन ने ‘सोलोमन द्वीप समूह’ के साथ एक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए है। जिससे दक्षिणी प्रशांत क्षेत्र में, अमेरिकी द्वीप क्षेत्र ‘गुआम’ के करीब, और ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के ठीक बगल में चीनी सेना द्वारा एक बेस बनाए जाने के बारे में गंभीर चिंता उत्पन्न हो गयी है।
  • सामूहिक विकास दृष्टिकोण: यह 10 प्रशांत देशों के बीच एक समझौता है, जो चीन को “पारंपरिक और गैर-पारंपरिक सुरक्षा” के साथ काम करने और इन देशों के साथ ‘कानून प्रवर्तन सहयोग’ का विस्तार करने में मदद करेगा। यह एक प्रकार से इस बात की चेतावनी है कि, ये प्रशांत महासागरीय देश “बीजिंग के कार्यक्षेत्र” का हिस्सा बनते जा रहे हैं।

चीन का मुकाबला करने हेतु अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा उठाए जा रहे कदम:

‘पार्टनर्स इन द ब्लू पैसिफिक’ (PBP) पहल के अलावा, अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

  1. समृद्धि हेतु इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क (Indo-Pacific Economic Framework for Prosperity IPEF): यह अमेरिका के नेतृत्व वाली एक पहल है जिसका उद्देश्य भारत-प्रशांत क्षेत्र में लचीलापन, स्थिरता, समावेशिता, आर्थिक विकास, निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए भाग लेने वाले देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है। 13 अन्य देशों के साथ भारत भी इस पहल का हिस्सा है।
  2. वैश्विक अवसंरचना और निवेश हेतु साझेदारी (Partnership for Global Infrastructure and Investment PGII) – यह चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ योजना के प्रत्युत्तर के रूप में देखे जाने वाले एक कदम में विकासशील दुनिया के लिए $600 बिलियन का फंड जुटाने की योजना है।
  3. यूरोपीय संघ द्वारा वैश्विक प्रवेश द्वार (Global gateway by EU)- दुनिया भर में वैश्विक निवेश अंतर को कम करने के लिए यूरोपीय संघ द्वारा ग्लोबल गेटवे की स्थापना की गयी है।
  4. एशिया-अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर: यह एशिया और अफ्रीका के बीच विकास, संपर्क और सहयोग के लिए भारत-जापान सहयोग है।

प्रशांत महासागरीय क्षेत्र का रणनीतिक महत्व:

  • अमेरिकी रक्षा विभाग की रिपोर्ट (2019): इस रिपोर्ट में इंडो-पैसिफिक को “अमेरिका के भविष्य के लिए सबसे अधिक परिणामी क्षेत्र” बताया गया है।
  • विशाल भौगोलिक क्षेत्र: संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर भारत के पश्चिमी तटों तक विश्व के एक बड़े हिस्से में फैला हुआ है।
  • विशाल जनसंख्या: यह क्षेत्र दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य (चीन), सबसे अधिक आबादी वाला लोकतंत्र (भारत), और सबसे बड़ा मुस्लिम-बहुल राज्य (इंडोनेशिया) का वास-स्थल है, और इसमें पृथ्वी की आधी से अधिक आबादी शामिल है।
  • सैन्य महत्व: विश्व की 10 सबसे बड़ी स्थायी सेनाओं में से 7 सेनाएं हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थित हैं; और इस क्षेत्र के 6 देशों के पास परमाणु हथियार हैं।
  • व्यापारिक शक्ति: दुनिया के 10 सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से नौ इस क्षेत्र में स्थित हैं, और वैश्विक समुद्री व्यापार का 60 प्रतिशत एशिया के माध्यम से होता है, जिसमें वैश्विक शिपिंग का लगभग एक तिहाई हिस्सा अकेले दक्षिण चीन सागर से होकर गुजरता है।

अमेरिका ने लंबे समय से इस क्षेत्र में अपने ‘हब-एंड-स्पोक सिस्टम’ (Hub-and-Spoke System) के साथ शक्ति संतुलन बनाए रखा है, जिसमे अमेरिका ‘हब’ है और उसके सहयोगी ‘स्पोक’ हैं जिनकी सुरक्षा की गारंटी अमेरिकी सैन्य शक्ति द्वारा दी जाती है। चीन द्वारा इसी प्रणाली का अपना संस्करण बनाने की कोशिश की जा रही है।

इंस्टा लिंक

भारत की इंडो-पैसिफिक विजन

अभ्यास प्रश्न:

इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत की सावधानीपूर्वक अंशशोघित की गई नीति, समान विचारधारा वाले देशों के साथ जुड़ाव और मजबूत साझेदारी के दो स्तंभों पर केंद्रित है। विस्तार में बताइए। (15अंक)

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

शैक्षणिक कार्यक्रमों में ‘पीएम गति शक्ति योजना’


संदर्भ:

हाल ही में, केंद्रीय शिक्षा सचिव ने शिक्षा मंत्रालय एवं भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीच्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन्स एंड जियो – इन्फार्मेटिक्स (BISAG-N) के सहयोग से NITIE मुंबई द्वारा “शहरी नियोजन हेतु तथा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने के लिए उपग्रह संचार, भू-सूचना विज्ञान और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी का सदुपयोग” शीर्षक विषय पर एक ऑनलाइन कार्यशाला को संबोधित किया।

उन्होंने सभी राज्य सरकारों द्वारा अपनी दक्षता और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए ‘गति शक्ति’ मंच की क्षमताओं का लाभ उठाने पर जोर दिया।

इस कार्यशाला में उभरे कुछ कार्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • शिक्षा संस्थानों को छात्रों एवं उद्योग जगत के पेशेवरों के प्रशिक्षण में योगदान करने की जरूरत है।
  • इन संस्थानों को BISAG-N द्वारा विकसित प्लेटफार्म का उपयोग करने और बुनियादी ढांचे के विकास सहित विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए इस प्लेटफार्म को मजबूत करने के उद्देश्य से अनुसंधान कार्य, परियोजनाओं, इंटर्नशिप आदि के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क में अनुसंधान को प्रोत्साहित करना; NEP 2020 और पीएम गति शक्ति मिशन की जरूरतों के बीच सामंजस्य हेतु व्यावहारिक एवं तथ्यात्मक समन्वय व एकीकरण।
  • इन संस्थानों ने लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला में अंतरविषयी कार्यक्रमों के माध्यम से पाठ्यक्रम शुरू करने तथा विभिन्न विभागों के बीच आने वाली बाधाओं को हटाने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने पर जोर दिया।

 

पीएम गति शक्ति मिशन: परिचय

  • एकीकृत योजना: यह मिशन अगले चार वर्षों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की एकीकृत योजना और कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगा, जिसमें जमीन पर काम में तेजी लाने, लागत बचाने और रोजगार पैदा करने पर ध्यान दिया जाएगा।
  • NIP को समाहित करना: गति शक्ति योजना, वर्ष 2019 में लॉन्च की गयी 110 लाख करोड़ रुपये की ‘राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन’ (National Infrastructure Pipeline– NIP) योजना को समाहित कर लेगी।
  • गलियारों का निर्माण: इसका लक्ष्य 11 औद्योगिक गलियारे और दो नए रक्षा गलियारों – एक तमिलनाडु में और दूसरा उत्तर प्रदेश में- का निर्माण करना हैं।
  • कनेक्टिविटी: सभी गांवों में 4जी कनेक्टिविटी का विस्तार करना एक अन्य उद्देश्य है। गैस पाइपलाइन नेटवर्क में 17,000 किमी जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
  • एकीकृत दृष्टिकोण: इस उद्देश्य बुनियादी ढांचे से संबंधित 16 मंत्रालयों को एक साथ लाने का है।
  • गति शक्ति डिजिटल प्लेटफॉर्म: इसमें एक सामान्य अम्ब्रेला प्लेटफॉर्म का निर्माण शामिल है जिसके माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के बीच वास्तविक समय के आधार पर समन्वय के माध्यम से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाई जा सकती है और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है।

इंस्टा लिंक्स:

एनईपी 2020

अभ्यास प्रश्न:

नई शैक्षिक नीति (NEP) 2020 के प्रावधानों का समालोचनात्मक विश्लेषण करें।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

G7 समूह द्वारा तेल बिक्री से रूस की आय को सीमित करने का निर्णय

संदर्भ:

  • दुनिया के सबसे समृद्ध लोकतंत्रों के नेताओं ने यूक्रेन का सहयोग करने के लिए “जब तक जरूरत रहेगी” के रूप में रूस के आक्रमण को खत्म करने के लिए एकजुट रुख अपनाया है।
  • G7 देशों ने युद्ध को वित्तपोषित करने वाले तेल की बिक्री से ‘क्रेमलिन’ की आय को सीमित करने के लिए दूरगामी कदम उठाने का फैसला किया है।

 

प्रमुख बिंदु:

  • जर्मनी में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में, सदस्य देशों द्वारा रूस पर “गंभीर और तत्काल आर्थिक लागत” लगाने संबंधी इरादे को रेखांकित किया गया।
  • G7 ने रूसी सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाने और काला सागर के माध्यम से यूक्रेन अनाज शिपमेंट पर नाकेबंदी के कारण भोजन की कमी से प्रभावित देशों को सहायता बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

 

रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाए जाने के निहितार्थ:

 

इंस्टा लिंक्स:

जी7 समूह

अभ्यास प्रश्न:

G7 देशों ने रूस पर “गंभीर और तत्काल आर्थिक लागत” लगाने की अपनी मंशा को रेखांकित किया। समालोचनात्मक विश्लेषण करें।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका में चीन का हस्तक्षेप

संदर्भ:

चीन पिछले एक दशक में पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में निवेश करता रहा है।

  • चीन ने इस महाद्वीप में निवेश और कच्चे माल पर जोर दिया है, लेकिन अब इसने पहले “चीन हॉर्न ऑफ अफ्रीका पीस, गवर्नेंस एंड डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस” (China Horn of Africa Peace, Governance and Development Conference) के साथ एक नया मोड़ ले लिया है।
  • यह पहली बार है जब चीन ने अपना लक्ष्य “सुरक्षा के क्षेत्र में भूमिका निभाना” निर्धारित किया है।
  • इथियोपिया में आयोजित सम्मेलन में हॉर्न ऑफ अफ्रीका में स्थित केन्या, जिबूती, इथियोपिया, सूडान, सोमालिया, दक्षिण सूडान और युगांडा देशों के विदेश मंत्रालयों की भागीदारी देखी गई।

 

चीन और ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ के बीच हालिया परियोजनाएं:

इंस्टा लिंक्स:

भारत के लिए हॉर्न ऑफ अफ्रीका का भू-राजनीतिक महत्व

अभ्यास प्रश्न:

‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ में चीन भारी निवेश कर रहा है। भारत के लिए इसके प्रभावों की चर्चा कीजिए। (10 अंक)

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।

रूसी सोने के आयात पर प्रतिबंध

संदर्भ:

G7 समूह द्वारा रूस को यूक्रेन पर आक्रमण करने पर दंडित करने के लिए रूसी सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है।

रूसी सोने पर G-7 द्वारा लगाए गए प्रतिबंध किस प्रकार प्रभावी होंगे?

  • आर्थिक दबाव: रूस 1917 की बोल्शेविक क्रांति के बाद पहली बार अपने विदेशी कर्ज में चूक कर चुका है, और ऊर्जा-ईधन के बाद सोना (गोल्ड) रूस का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात उद्योग है।
  • रूसी सोने के आयात पर प्रतिबंध, वैश्विक वित्तीय प्रणाली के साथ बातचीत करने की इसकी क्षमता को लक्षित करेगा।

सोने पर प्रतिबंध लगाए जाने का कारण:

  • स्वर्ण द्वारा मुद्रा का समर्थन: अमेरिका का कहना है कि पहले लगाए गए प्रतिबंधों के प्रभाव को रोकने के लिए रूस ने अपनी मुद्रा का समर्थन करने के लिए सोने का इस्तेमाल किया है।
  • ऐसा करने का एक तरीका अधिक ‘तरल विदेशी मुद्रा के लिए सोने की अदला-बदली’ करना है जो वर्तमान प्रतिबंधों के अधीन नहीं है।

क्या यह प्रतिबंध प्रभावी होगा?

नहीं, यह काम नहीं कर सकता: कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि कुछ ही देश सोने पर प्रतिबंध लागू कर रहे हैं, इसलिए यह कदम काफी हद तक प्रतीकात्मक है।

हाँ, यह हो सकता है:

  • निर्यात राजस्व को प्रतिबंधित किया जाए: रूस अभी भी G7 समूह के अधिकार क्षेत्र के बाहर अन्य देशों को सोना बेचने में सक्षम है, ऐसे में यह प्रतिबंध “निर्यात राजस्व अर्जित करने की रूस की क्षमता को प्रभावित करेगा”।
  • द्वितीयक प्रतिबंधों का खतरा पैदा करना: G7 के बाहर के देश, जो रूस के साथ व्यापार करते हैं, उन पर प्रतिबंध लग सकता है।

रूस के पास स्वर्ण की मात्रा:

  • क्रीमिया पर आक्रमण के लिए अमेरिका द्वारा रूस पर प्रतिबंध जारी करने के बाद रूस ने 2014 में अपनी सोने की खरीद में वृद्धि करना शुरू किया। अब देश के पास 100 अरब डॉलर से 140 अरब डॉलर का स्वर्ण भंडार है।
  • स्वर्ण द्वारा हर साल राजस्व में $19बिलियन का योगदान: ऊर्जा-ईधन के बाद सोना रूस का दूसरा सबसे आकर्षक निर्यात है और लगभग 90% राजस्व G-7 देशों से आता है।

भारत पर प्रभाव:

  • चूंकि भारत जी7 का हिस्सा नहीं है, इसलिए इस कदम का उस पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालाँकि, भारत को सोने की खरीद के लिए भुगतान जारी करने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • सोने की कीमत में वृद्धि की संभवना: भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक और उपभोक्ता है और सीमित आपूर्ति से इसकी कीमत बढ़ सकती है।

इंस्टा लिंक

रूस से भारत के लिए सबक

अभ्यास प्रश्न

यूक्रेन संकट का असर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। विश्लेषण कीजिए। भारतीय आर्थिक हितों की रक्षा के लिए किन कदमों की आवश्यकता है? (15 अंक)

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


 मुख्य परीक्षा संवर्धन हेतु पाठ्य सामग्री (नैतिकता/निबंध)


असम बाढ़: पद्मश्री डॉक्टर द्वारा सिलचर में कैंसर के मुफ्त इलाज के लिए अस्थायी नावों का किया इस्तेमाल।

सिलचर के बाढ़ से भरे कछार कैंसर अस्पताल में पद्मश्री डॉक्टर रवि कन्नन गरीब मरीजों का इलाज न रुकने देना सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने मरीजों से उनके घर जाकर मुलाकात की और वैकल्पिक व्यवस्था की ताकि उनकी दवा बंद न हो।

  • डॉक्टर कन्नन चेन्नई में अपनी जमी-जमायी मेडिकल प्रैक्टिस छोड़ कर वर्ष 2007 में असम के सिलचर में कछार कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र के माध्यम से बराक घाटी के लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए अपने परिवार के साथ असम चले आये थे।
  • यह इस बात पर प्रकाश डालता है, कि कैसे सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण, करुणा और कर्तव्य के मूल्य, समाज की बेहतरी में एक लंबा रास्ता तय कर सकते हैं।

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


ऑनलाइन और ऑफलाइन स्वतंत्र अभिव्यक्ति की सुरक्षा

संदर्भ: भारत ने G7 देशों के साथ ‘2022 रेजिलिएंट डेमोक्रेसीज स्टेटमेंट (RDS)’ पर हस्ताक्षर किए हैं

स्टेटमेंट में उल्लखित प्रमुख बिंदु:

  • नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं की स्वतंत्रता, स्वतंत्रता और विविधता की रक्षा करना और ऑनलाइन और ऑफलाइन अभिव्यक्ति और राय की स्वतंत्रता की रक्षा करना।
  • भारत वैश्विक चुनौतियों के समान, समावेशी और टिकाऊ समाधान की दिशा में काम करेगा और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की पुष्टि करेगा।
  • यह 2021 ‘कार्बिन बे ओपन सोसाइटीज स्टेटमेंट’ के अनुरूप है।

जिला निष्पादन ग्रेडिंग सूचकांक

संदर्भ: हाल ही में, शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए ‘जिला निष्पादन ग्रेडिंग सूचकांक’ (Performance Grading Index for districts : PGI-D) जारी किया गया।

  • महत्व: पीजीआई-डी से राज्य के शिक्षा विभागों को जिला स्तर पर कमियों की पहचान करने और विकेन्द्रीकृत तरीके से उनके निष्पादन में सुधार करने में मदद मिलेगी।
  • कार्यप्रणाली: पीजीआई-डी में जिलों को दस ग्रेडों में विभाजित किया गया है, यानी उस श्रेणी में अथवा कुल मिलाकर 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जिलों के लिए उच्चतम ग्रेड ‘दक्ष’ प्रदान किया जाता है। पीजीआई-डी में निम्नतम ग्रेड को आकांक्षा -3 कहा जाता है, जो कुल अंकों के 10 प्रतिशत तक के स्कोर के लिए है।
  • डेटा संग्रह: शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (UDISE), NCERT के राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS), और DoSEL के शगुन पोर्टल से।
  • उपलब्धि हासिल करने वाले राज्य: चंडीगढ़ (शीर्ष), गुजरात, केरल, दिल्ली।
  • जिला उपलब्धि: सीकर, झुंझुनू और जयपुर (सभी राजस्थान में)।
  • कोई ‘दक्ष’ श्रेणी प्राप्त करने वाला जिला नहीं।
  • अन्य मेट्रिक्स: राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एमओई द्वारा स्कूली शिक्षा के लिए); स्कूल समानता सूचकांक (नीति आयोग द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ग्रेड)।

ओडीएफ स्थिति बनाए रखने के लिए संशोधित स्वच्छ प्रमाणन प्रोटोकॉल

संदर्भ: स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) ने खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ), ओडीएफ+, ओडीएफ++ और जल+ प्रमाणन के लिए संशोधित स्वच्छ प्रमाणन प्रोटोकॉल लॉन्च किया है।

  • SBM-U को 2014 में सभी शहरी स्थानीय निकायों में 100% ODF का दर्जा हासिल करने के लिए लॉन्च किया गया था।
  • SBM-U 0, वर्ष 2021-22 से 2025-26 चरण को संदर्भित करता है।

राजस्थान में यूरेनियम निक्षेप

संदर्भ: राज्य की राजधानी जयपुर से 120 किमी से अधिक दूर स्थित सीकर जिले के रोहिल (खंडेला तहसील) में यूरेनियम का विशाल भंडार पाया गया है।

  • स्थिति: झारखंड और आंध्र प्रदेश के बाद, राजस्थान तीसरा राज्य है जहां यूरेनियम – जिसे दुनिया में दुर्लभ खनिजों में से एक माना जाता है – पाया गया है।
  • वैश्विक स्थिति: विश्व में यूरेनियम के सबसे बड़े उत्पादक कजाकिस्तान, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया हैं। भारत ज्यादातर कजाकिस्तान और कनाडा से यूरेनियम का आयात करता है।
  • वाणिज्यिक स्थिति: राजस्थान सरकार ने भारतीय यूरेनियम निगम को आशय पत्र (letter of intent -LoI) जारी कर यूरेनियम खनन के क्षेत्र में कदम रखा है।
  • उपयोग: यूरेनियम का उपयोग मुख्य रूप से बिजली पैदा करने के लिए और परमाणु ऊर्जा, दवाओं, रक्षा उपकरण और फोटोग्राफी के लिए भी किया जाता है।

 

अभिलक्षण: यूरेनियम एक सिल्वर-सफ़ेद धात्विक रासायनिक तत्व है। यूरेनियम -235 (इसका समस्थानिक) एकमात्र प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला आइसोटोप है, जो परमाणु विखंडन को बनाए रखने में सक्षम है।

बैक्टीरियल सीमेंट मोर्टार ईंट के लिए पेटेंट

संदर्भ: संयोजन में बैक्टीरिया को शामिल करने के साथ ‘सीमेंट मोर्टार ईंट’ (Bacterial Cement Mortar Brick), ताकत के मामले में पारंपरिक ईंटों से बेहतर होने का दावा करती है।

‘माइक्रोबियल क्रिएट कंपोजिट’ एक नए जमाने की सामग्री है जिसमें क्रैकिंग पर सेल्फ-हीलिंग का गुण होता है। यह क्रिया दरार के माध्यम से हवा और पानी के संपर्क में आने पर, मिश्रण में प्रयुक्त गैर-रोगजनक बैक्टीरिया द्वारा चूने (कैल्शियम कार्बोनेट) की वर्षा द्वारा होती है। अवक्षेपित चूना दरार को ढक देता है, जिससे सतह की स्थिरता में सुधार होता है।

 

माइक्रोप्लास्टिक्स वायरस को पानी में लंबे समय तक जीवित रहने में मदद करती है: एक अध्ययन

संदर्भ: मीठे पानी में छोड़े जाने के तुरंत बाद माइक्रोप्लास्टिक की सतह पर माइक्रोबियल कोशिकाओं या बायोफिल्म की एक परत बन जाती है, यह पोषक तत्वों से भरपूर कोटिंग सूक्ष्मजीवों के लिए एक होस्ट सतह बन जाती है जो तैरते हुए माइक्रोप्लास्टिक्स पर चढ़ जाती है।

अध्ययन के दौरान, माइक्रोप्लास्टिक पर वायरस तीन दिन या उससे अधिक समय तक पानी में जीवित रहे, और बायोफिल्म-उपनिवेशित छर्रों से जुड़े ये वायरस, पानी में शेष रह गए वायरस की तुलना में अधिक स्थिर थे।