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[MISSION 2023] सिक्योर : दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 20 जून 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

  1. प्राचीन भारत में सामंतवाद के उदय के क्या कारण थे? भारतीय सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था पर इसके प्रभावों का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: wikipedia.org , Times of India

निर्देशक शब्द: 

मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

सामंतवाद को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

भारत में सामंतवाद के उदय के प्रमुख कारकों का वर्णन कीजिए।

सामंतवाद ने भारतीय राजनीति एवं समाज को कैसे प्रभावित किया? स्पष्ट कीजिए। 

निष्कर्ष:

उपर्युक्त का संक्षेपण करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे। 

  1. चोल स्थानीय स्वायत्तशासी ग्रामों की विशेषताओं एवं प्रकृति पर प्रकाश डालिए। क्या वे वास्तव में स्वायत्तशासी थे? उनके महत्व पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India 

 निर्देशक शब्द: 

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे। 

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

उत्तरामेरुर शिलालेख का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

चोल स्थानीय स्वायत्तशासी ग्रामों की विशेषताओं का विस्तार से वर्णन कीजिए।

इन चोल स्थानीय स्वायत्तशासी ग्रामों द्वारा प्राप्त स्वायत्तता के स्तर पर चर्चा कीजिए।

चोल स्थानीय स्वायत्तशासी ग्रामों के महत्व का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त का संक्षेपण करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना। 

  1. भारत में डिजिटलीकरण अत्यधिक तेजी से प्रगति कर रहा है। इसलिए, एक सामाजिक उपाय के रूप में जनता के उत्थान के लिए इंटरनेट तक पहुंच प्रासंगिक बन गया है। क्या आपको लगता है कि इंटरनेट तक पहुंच को मौलिक अधिकार घोषित किया जाना चाहिए? समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम             

सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द: 

समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

भारत में डिजिटलीकरण का सन्दर्भ प्रस्तुत कीजिए एवं इससे संबंधित विभिन्न उपायों का वर्णन करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

अर्थव्यवस्था, विकास एवं समाज के लिए इंटरनेट द्वारा दिए जाने वाले लाभों का उल्लेख कीजिए। सम्बंधित तथ्यों एवं उदाहरणों के साथ उपर्युक्त की पुष्टि कीजिए।

मौलिक अधिकार के रूप में इंटरनेट का वर्णन कीजिए।

इंटरनेट को मौलिक अधिकार घोषित करने से सम्बंधित सीमाओं का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए। 

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

  1. राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- ऑयल पाम (NMEO-OP) ताड़ के तेल उत्पादन में “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है लेकिन यह आर्थिक एवं पारिस्थितिक चिंताओं से युक्त है, जिसे संबोधित करने की आवश्यकता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ:  Indian Express , Insights on India

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- ऑयल पाम (NMEO-OP), इसके लक्ष्य एवं उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु:

भारत में ताड़ की कृषि की ओर सरकार द्वारा हाल ही में किए गए प्रयासों का उल्लेख कीजिए।

ताड़ के तेल में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने से भारत को होने वाले लाभों का उल्लेख कीजिए।

ताड़ के तेल के संबंध में इस मिशन की संभावित हानि एवं नकारात्मक परिणामों का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

  1. देश में विज्ञान, नवाचार एवं अनुसंधान तथा विकास (SIRD) को किन तरीकों से प्रोत्साहन दिया जा सकता है? इस संबंध में ‘छोटे पेटेंट’ (petty patents) की भूमिका की विवेचना कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 विवेचना कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न के सभी पक्षों की तार्किक व्याख्या कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में अनुसंधान एवं विकास से संबंधित आँकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उन तरीकों के बारे में लिखिए, जिनसे देश में विज्ञान, नवाचार एवं अनुसंधान तथा विकास (SIRD) को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

छोटे पेटेंट- इसकी परिभाषा एवं यह कैसे देश में अनुसंधान एवं विकास को कैसे बढ़ावा दे सकता है? स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

  1. ‘महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना’ क्या है? महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना को प्राप्त करने के लिए एक अधिक एकीकृत एवं रणनीतिक दृष्टिकोण की आवश्यकता है क्योंकि ये देश के आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। परीक्षण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Indian Express , Insights on India

 निर्देशक शब्द: 

परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना के विभिन्न घटकों एवं देश के आर्थिक, सामाजिक तथा राजनीतिक कल्याण के लिए इसके महत्व का वर्णन कीजिए।

इसकी सुरक्षा के लिए वर्तमान में किए गए उपायों एवं उनकी सीमाओं का वर्णन कीजिए।

देश में महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा के लिए अपनाए जाने योग्य नवीन दृष्टिकोणों का उल्लेख कीजिए। 

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में कानून, नियम, विनियम और विवेक। 

  1. एक नैतिक परिधि के माध्यम से हम मानसिक प्रक्रियाओं की एक स्पष्ट दृष्टि का निर्माण करते हैं, जो हमें एक नैतिक दिशा की ओर इंगित करती है। विस्तार से समझाइए। (150 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

निर्देशक शब्द: 

समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

नैतिक परिधि (विवेक) से आपका क्या तात्पर्य है? आपके दैनिक जीवन में आपके द्वारा किए जाने वाले कार्यों को नियंत्रित करने वाले नैतिक कार्यों का वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु:

नैतिक परिधि यह निर्धारित करने में कैसे सहायक है कि क्या सही है और क्या गलत है? स्पष्ट कीजिए।

अपने उत्तर को प्रमाणित करने के लिए उदाहरणों का प्रयोग कीजिए।

हमें दूसरों के अधिकारों का सम्मान करने एवं उनके प्रति अपने दायित्वों को निभाने के लिए बाध्य करने वाली उचित विचारधारा का उपयोग करने के महत्त्व पर बल दीजिए।

अधिकतम लोगों के अधिकतम सुख के लिए उपयोगितावादी दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

नैतिक परिधि हमें विशुद्ध रूप से स्वार्थ से कार्य करने से कैसे रोकता है एवं हमें सत्यनिष्ठा का जीवन जीने में कैसे सहायता करता है? स्पष्ट करते हुए निष्कर्ष निकालिए।