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[MISSION 2023] सिक्योर : दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 17 जून 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

  1. 600-300 ईसा पूर्व के मध्य की अवधि में धार्मिक जीवन में व्यापक परिवर्तन देखे गए। इसने दो सबसे महत्वपूर्ण धर्म विरुद्ध धार्मिक आंदोलनों- जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म के उदय को चिह्नित किया। दोनों धर्मों की तुलना कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India

निर्देशक शब्द: 

तुलना कीजिए दोनों प्रकारों का एक विस्तृत तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत कीजिए, उनकी समान और असमान दोनों प्रकार की विशेषताओं को दर्शाइए। अभ्यर्थी को चाहिए कि वह दोनों का विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत करे। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

धर्म विरुद्ध संप्रदायों के उदय का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:

उन प्रमुख कारकों के बारे में लिखिए, जिनके कारण 600-300 ईसा पूर्व में धार्मिक जीवन में व्यापक परिवर्तन हुए, जिसके परिणामस्वरूप बौद्ध और जैन धर्म का उदय हुआ।

दोनों धर्मों के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए।

दोनों धर्मों के मध्य समानता पर भी चर्चा कीजिए। 

निष्कर्ष:

उपर्युक्त का संक्षेपण करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे। 

  1. भारतीय राजनीति एवं संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर ईरानी एवं मैसेडोनियाई आक्रमणों के प्रभावों का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ:  Insights on India

 निर्देशक शब्द: 

मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्राचीन भारत में ईरानी एवं मैसेडोनियाई आक्रमणों का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

प्राचीन भारत में ईरानी आक्रमणों के प्रभावों पर प्रकाश डालिए।

प्राचीन भारत में मैसेडोनियाई आक्रमणों का प्रभाव स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त का संक्षेपण करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ। 

  1. भारत एवं ईरान अनादि काल से घनिष्ठ ऐतिहासिक संबंध साझा करते रहे हैं। दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय संबंधों में विभिन्न उतार-चढ़ावों को देखते हुए सामूहिक लक्ष्यों एवं समृद्धि को प्राप्त करने के लिए संबंधों पर पुनर्विचार करने का समय आ गया है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: कठिन             

सन्दर्भ: Indian Express , Insights on India

 निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

भारत-ईरान के मध्य ऐतिहासिक संबंधों की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

स्वतंत्रता के पश्चात् भारत-ईरानी संबंधों के विकास एवं इनमें विभिन्न उतार-चढ़ावों का एक संक्षिप्त संदर्भ प्रस्तुत कीजिए।

सामूहिक लक्ष्यों को प्राप्त करने एवं क्षेत्र में समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के लिए भारत-ईरानी संबंधों के महत्व का वर्णन कीजिए।

संबंधों पर पुनर्विचार करने एवं सहयोग सुनिश्चित करने के लिए परिवर्तनों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

  1. जनसांख्यिकीय लाभांश क्या है? भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश पर बेरोजगारी के प्रभावों का परीक्षण कीजिए। क्या आपको लगता है कि बेरोजगारी के कारण लाभांश को कम करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार वृद्धि रामबाण हो सकती है? (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ: The Hindu , Insights on India

निर्देशक शब्द: 

परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

जनसांख्यिकीय लाभांश को परिभाषित कीजिए एवं इसकी विभिन्न विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

जनसांख्यिकीय लाभांश पर बेरोजगारी के प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

सार्वजनिक क्षेत्र के रोजगार जनसांख्यिकीय लाभांश का उपयोग करने में कैसे सहायता कर सकते हैं? स्पष्ट कीजिए।

उपर्युक्त की सीमाओं को पार करने के उपायों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- दैनिक जीवन में विकास एवं उनके अनुप्रयोग तथा प्रभाव।

  1. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा की गई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रगति के बावजूद इससे सम्बंधित कुछ चिंताएं हैं, जिन्हें तत्काल संबोधित करने की आवश्यकता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ: Indian Express , Insights on India

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सामान्य रूप से परिभाषित कीजिए एवं उसके योगदान पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु:

कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैश्विक स्तर पर व्यवसायों एवं उपभोक्ताओं पर क्रांतिकारी प्रभाव डालने में कैसे सक्षम है? समझाइए।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लाभों को विस्तार से सूचीबद्ध कीजिए। आँकड़े एवं उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सम्बंधित चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

  1. माइक्रोप्लास्टिक (microplastic) क्या है? इससे उत्पन्न खतरे क्या हैं? इन खतरों को दूर करने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

माइक्रोप्लास्टिक को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

माइक्रोप्लास्टिक से उत्पन्न खतरों पर चर्चा कीजिए।

माइक्रोप्लास्टिक से उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए आवश्यक क़दमों पर प्रकाश डालिए। 

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: केस स्टडी। 

  1. आप एक जिले के एस.पी. हैं। बेरोजगारी एवं नौकरी की माँग के विरुद्ध आपके जिले में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हुआ। लेकिन अचानक ही विरोध ने हिंसक रूप ले लिया और कुछ बदमाशों ने आगजनी की, ट्रेनों, बसों जैसी सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ की एवं पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिसमें 2 कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए। 

उन्होंने अगले ही दिन कुछ बदमाशों की पहचान कर ली एवं उच्च अधिकारियों ने आपको आरोपी के कुछ ‘अवैध’ निर्माणों को गिराने का आदेश दिया। ऐसे ही एक स्थान पर पहुंचने पर, आपने पाया कि इनमें से कुछ निर्माण अवैध नहीं थे बल्कि सभी प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ वैध थे। उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना देने पर उन्होंने निर्देश दिया कि आप फिर भी विध्वंस जारी रखें। 

(a) आपके समक्ष कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं? उनके पक्ष एवं विपक्षों का मूल्यांकन कीजिए।

(b) आप कौन-सी कार्रवाई करेंगे? उसके औचित्य का निर्धारण कीजिए। 

(c) क्या यह मामला प्रशासन का ‘न्यायाधीश, पंचायत एवं जल्लाद’ होने का उदाहरण है? विचार-विमर्श कीजिए। 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत कीजिए एवं शामिल हितधारकों को सूचीबद्ध करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

आपके समक्ष उपलब्ध विभिन्न विकल्पों क उल्लेख कीजिए एवं प्रत्येक के पक्ष एवं विपक्ष पर प्रकाश डालिए।

आपके द्वारा की जाने वाली कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताइए एवं नैतिक रूप से इसके औचित्य का निर्धारण कीजिए।

उपर्युक्त केस स्टडी की प्रकृति एवं प्रशासन के ‘न्यायाधीश, पंचायत एवं जल्लाद’ होने के बारे में दोनों पक्षों पर चर्चा कीजिए। 

निष्कर्ष:

उत्तर को समाप्त करने के लिए अपने विचारों का संक्षिप्त सारांश प्रस्तुत कीजिए।