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[MISSION 2023] सिक्योर : दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 16 जून 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

  1. हड़प्पा काल एवं वैदिक काल की प्रमुख विशेषताओं की तुलना कीजिए। दोनों कालों से वर्तमान तक की निरंतरता के तत्वों पर प्रकाश डालिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India , Insights on India

निर्देशक शब्द: 

तुलना कीजिए दोनों प्रकारों का एक विस्तृत तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत कीजिए, उनकी समान और असमान दोनों प्रकार की विशेषताओं को दर्शाइए। अभ्यर्थी को चाहिए कि वह दोनों का विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत करे।

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्राचीन भारत की प्रथम दो सभ्यताओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:

हड़प्पा एवं वैदिक काल के मध्य प्रमुख अंतरों पर चर्चा कीजिए।

दोनों कालों के मध्य महत्वपूर्ण सामान्य पहलुओं का उल्लेख कीजिए।

हड़प्पा सभ्यता से वर्तमान तक की निरंतरता का वर्णन कीजिए।

वैदिक काल से वर्तमान तक की निरंतरता का उल्लेख कीजिए। 

निष्कर्ष:

उपर्युक्त का संक्षेपण करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: जनसँख्या एवं संबंधित मुद्दे। 

  1. देश में जनसंख्या नियंत्रण की क्या आवश्यकता है? क्या आपको लगता है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता है? समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu , Insights on India 

निर्देशक शब्द: 

समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

भारत में जनसंख्या वृद्धि के संबंध में आँकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

जनसंख्या नियंत्रण की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए।

जनसंख्या नियंत्रण कानून की व्यवहार्यता पर चर्चा कीजिए।

इसके गुण-दोषों पर विस्तार से प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता के संबंध में आगे की राह एवं एक संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए। 

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना। 

  1. भारत में LGBTQIA+ अधिकारों के विकास पर प्रकाश डालिए। क्या समाज का समलैंगिकतापूर्ण रवैया बंधुत्व के संवैधानिक सिद्धांत के विरुद्ध जाता है? परीक्षण कीजिए। LGBTQIA+ समुदाय के लिए सही मायने में समानता सुनिश्चित करने के लिए और किन उपायों की आवश्यकता है? (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम             

सन्दर्भ: The Hindu , Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु:

भारत में LGBTQIA+ के उद्भव पर प्रकाश डालिए।

समलैंगिकता का वर्णन कीजिए।

संविधान में वर्णित बंधुत्व के लिए यह अधिकारातीत कैसे है? स्पष्ट कीजिए।

LGBTQIA+ समुदाय के लिए वास्तविक स्वरूप में समानता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदमों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

  1. पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन (ESG) क्या है? क्या भारत अपनी विविधता एवं विकासात्मक चुनौतियों को देखते हुए ईएसजी मॉडल को अपनाने के लिए तैयार है? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

 सन्दर्भ:  Live Mint , investopedia.com

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन (ESG) को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

ईएसजी की विभिन्न विशेषताओं एवं इससे सम्बंधित लाभों का वर्णन कीजिए।

ईएसजी को अपनाने के लिए भारत की तैयारी पर चर्चा कीजिए।

भारत ईएसजी को कैसे अपना सकता है एवं फिर अपने विकासात्मक उद्देश्यों को कैसे प्राप्त कर सकता है? उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: समावेशी विकास एवं इससे उत्पन्न होने वाले मुद्दे।

  1. मुद्रास्फीति असमानताओं को और भी बढ़ा देती है एवं गरीबों को सर्वाधिक प्रभावित करती है। उन नीतिगत उपायों पर चर्चा कीजिए जो यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं कि बढ़ती मुद्रास्फीति के मध्य असमानताएं गहरी न हों। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ: Indian Express

निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

बढ़ती मुद्रास्फीति के सन्दर्भ में आँकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

असमानताओं पर मुद्रास्फीति के प्रभाव का उल्लेख कीजिए एवं समझाइए कि यह गरीबों को सर्वाधिक कैसे प्रभावित करता है।

उपर्युक्त की पुष्टि करने के लिए आँकड़े एवं उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसा न हो, सरकार द्वारा लाए जा सकने वाले नीतिगत परिवर्तनों एवं सुधारों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

  1. भारत में वायु प्रदूषण को कैसे मापा जाता है? वायु प्रदूषण मापन में हाल ही में क्या परिवर्तन किए गए हैं? (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: Down to Earth , India Times ,Insights on India

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में वायु प्रदूषण की खतरनाक दर के सन्दर्भ में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

भारत में वायु प्रदूषण को मापने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा कीजिए।

हाल ही में वायु प्रदूषण मापन में लाए गए प्रमुख परिवर्तनों एवं इनके प्रभावों का वर्णन कीजिए। 

निष्कर्ष:

भारत में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: मूल्यों को विकसित करने में पारिवार, समाज एवं शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका। 

  1. अच्छे चरित्र का निर्माण न करने वाली शिक्षा व्यर्थ है। विचार-विमर्श कीजिए। (150 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल

 निर्देशक शब्द:

 विचार-विमर्श कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सम्बन्ध में अपने ज्ञान और समझ के अनुसार एक सारगर्भित रूप में उत्तर प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

शिक्षा के विभिन्न उद्देश्यों की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

शिक्षा का प्राथमिक उद्देश्य अच्छे चरित्र का निर्माण करना क्यों होना चाहिए एवं यह आजीविका प्रदान करने के साथ-साथ समाज को भी कैसे प्रभावित करेगा? स्पष्ट कीजिए।

अच्छे चरित्र से रहित शिक्षा समाज के लिए खतरा कैसे हो सकती है? समझाइए।

उपर्युक्त को सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

चरित्र निर्माण में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।