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[MISSION 2022] सिक्योर 2022: दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 6 जून 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

  1. मुगल वास्तुकला विभिन्न भारतीय एवं विदेशी इकाईयों के तत्वों को अपनाकर उनके द्वारा नियोजित बहुलवादी स्थापत्य परंपराओं का प्रतिनिधित्व करती है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मुगल वास्तुकला की भव्यता के बारे में लिखते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:

मुगल वास्तुकला में उपस्थित बहुलता एवं विभिन्न मुगल शासकों के राज्यकाल में इसने कैसे आकार लिया, इसके बारे में लिखिए।

मुगल वास्तुकला द्वारा कला की विभिन्न देशी शैलियों के साथ-साथ विदेशी इकाईयों से उधार लिए गए तत्वों का उल्लेख कीजिए।

उपर्युक्त को सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त को संक्षेप में सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।

  1. देश के विभिन्न भागों में भूजल संसाधनों की उपलब्धता में अत्यधिक विविधतापूर्ण जल विज्ञान संबंधी समायोजन एवं विविधताएँ उपयुक्त प्रबंधन रणनीतियों को विकसित करने में समग्र दृष्टिकोण की मांग करती हैं। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Insights on India

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

भूजल के महत्व के बारे में लिखते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

भूजल के उपयोग के प्रति वर्तमान दृष्टिकोण में शामिल मुद्दों का उल्लेख कीजिए।

भूजल के संधारणीय उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए नवीन दृष्टिकोण में किए जाने वाले परिवर्तनों का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

  1. डिजिटल लोकतंत्र से आप क्या समझते हैं? शासन के विभिन्न पहलुओं के साथ इसके संबंधों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम             

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द: 

परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

डिजिटल लोकतंत्र को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

डिजिटल लोकतंत्र के विभिन्न घटकों का उल्लेख कीजिए।

विभिन्न शासन मानक एवं डिजिटल लोकतंत्र के मध्य संबंध पर प्रकाश डालिए।

उपर्युक्त की सोदाहरण पुष्टि कीजिए।

निष्कर्ष:

संक्षेप में, डिजिटल लोकतंत्र का महत्व बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

  1. समृद्धि के लिए हिन्द-प्रशांत आर्थिक ढाँचा (IPEF) के सृजन में आर्थिक विकास एवं एकीकरण के संबंध में भारत के लिए अच्छी संभावनाएं हैं लेकिन भारत को भविष्य में होने वाली क्षति से सावधान रहना चाहिए। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

हिन्द-प्रशांत आर्थिक ढाँचा (IPEF) के सृजन के संबंध में पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

हिन्द-प्रशांत आर्थिक ढाँचा द्वारा भारत के लिए प्रस्तुत सम्भांवित लाभों का उल्लेख कीजिए।

भारत द्वारा हिन्द-प्रशांत आर्थिक ढाँचा में शामिल होने के कारण उत्पन्न होने वाली विभिन्न संभावित क्षतियों का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

इन क्षतियों को दूर करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए। 

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र एवं महत्त्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएँ, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन।

  1. भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग प्रत्येक वर्ष विश्व खाद्य व्यापार में अपने योगदान को बढ़ाते हुए भारी वृद्धि की ओर अग्रसर है। मूल्यवर्धन की अपार संभावनाओं के कारण यह एक उच्च-विकास एवं उच्च-लाभ वाले क्षेत्र के रूप में उभरा है। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल 

सन्दर्भ: Insights on India/

निर्देशक शब्द: 

समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विस्तार के संबंध में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के बारे में लिखिए।

इस उद्योग द्वारा सामना की जाने वाली विभिन्न बाधाओं एवं इसके विकास को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदमों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग तथा दैनिक जीवन पर इसका प्रभाव। 

  1. सहयोगी तकनीक (assistive technology) क्या है? दिव्यांगजनों के समक्ष आने वाली बाधाओं को कम करने में इसकी भूमिका पर चर्चा कीजिए। यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाने की आवश्यकता है कि यह तकनीक न्यूनतम लागत के साथ जनता के लिए उपलब्ध हो? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

परिचय:

सहयोगी तकनीक को सोदाहरण परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:

दिव्यांगजनों के समक्ष आने वाली बाधाओं को कम करने में विभिन्न सहयोगी तकनीक कैसे सहायता करती है? समझाइए।

जनसाधारण द्वारा सहयोगी तकनीक के प्रयोग में बाधक विभिन्न सीमाओं के बारे में लिखिए।

जनता के लिए वहनीय सहयोगी तकनीक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदमों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण।

 7. सही और गलत क्या है, इस पर किसी व्यक्ति का नैतिक निर्णय किसी गणितीय सिद्धांत का पूर्ण अनुप्रयोग नहीं है। किसी व्यक्ति के जीवन को कैसे संचालित किया जाए, इसकी जाँच करते समय अनेक निर्धारक तत्व व्यवहार में आते हैं। चर्चा कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

नैतिक सापेक्षवाद का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

कोई कार्य नैतिक रूप से सही है या गलत, यह निर्धारित करने में शामिल विभिन्न निर्धारकों का वर्णन कीजिए।

समय एवं स्थान में नैतिक क्रियाओं की भिन्नता या सापेक्षता का वर्णन कीजिए।

उपर्युक्त को सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त को संक्षेप में सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।