[MISSION 2022] सिक्योर 2022: दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 25 मई 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

  1. भारत शासन अधिनियम, 1935 अंग्रेजों द्वारा पारित सबसे व्यापक अधिनियम था लेकिन इसने भारतीयों को राजनीतिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में बहुत कम योगदान दिया। समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: अध्याय 20- आधुनिक भारत का संक्षिप्त इतिहास : राजीव अहीर (स्पेक्ट्रम प्रकाशक)

निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत शासन अधिनियम, 1935 की शुरूआत का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:

भारत शासन अधिनियम, 1935 की विभिन्न विशेषताओं एवं अधिनियम की विभिन्न सकारात्मकताओं का उल्लेख कीजिए।

इसकी नकारात्मकों का भी वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इसकी खामियों के बावजूद प्रमुख भारतीय नेताओं ने इसे एक अवसर देने एवं इसके परिणामों को देखने का निर्णय लिया।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव।

  1. क्योंकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता हमारे विश्व को सतत रूप से बदल रही है, अतः अधिकांश तकनीकों की भांति इसका भी समाज पर सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। परीक्षण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ:  Down to Earth

निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उद्योग 4.0 में इसकी भूमिका का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

समाज पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सकारात्मक प्रभावों का वर्णन कीजिए।

समाज पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नकारात्मक प्रभावों का वर्णन कीजिए।

उपर्युक्त को सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके सकारात्मक प्रभावों को अधिकतम करने एवं नकारात्मक प्रभावों को कम करने के तरीकों पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संसद एवं राज्य विधायिका- संरचना, कार्यप्रणाली, व्यवसाय का संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार तथा इनसे उत्पन्न होने वाले मुद्दे। 

  1. हालाँकि भारत में राजकोषीय संघवाद का एक लंबा इतिहास रहा है लेकिन विगत कुछ वर्षों में इसका अभ्यास तेजी से अपारदर्शी हो गया है। इसके सिद्धांतों एवं प्रथाओं में सुधार के लिए गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में राजकोषीय संघवाद को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

स्वतंत्रता के पश्चात से भारत में राजकोषीय संघवाद के विकास का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

भारत में राजकोषीय संघवाद के संबंध में विभिन्न मुद्दों का उल्लेख कीजिए।

उपर्युक्त मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक उपायों का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: बुनियादी ढाँचा: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़कें, हवाई अड्डे, रेलवे आदि।

  1. अभिनव पीपीपी मॉडल, जो तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देते हैं, सार्वजनिक नीति, प्रणालियों एवं सेवा वितरण के परिवर्तन को उत्प्रेरित कर सकते हैं। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Live mint

निर्देशक शब्द: 

समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

निवेश के पीपीपी मॉडल को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

पीपीपी मॉडल की विभिन्न विशेषताओं एवं इसके विभिन्न प्रकारों तथा अभिनव पीपीपी मॉडलों के लाभों की व्याख्या कीजिए। सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

पीपीपी मॉडल में शामिल विभिन्न बाधाओं का वर्णन कीजिए।

इन्हें दूर करने के उपायों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- दैनिक जीवन में विकास एवं इनके अनुप्रयोग तथा प्रभाव।

  1. मेटावर्स के संभावित अनुप्रयोग केवल मनोरंजन एवं गेमिंग तक ही सीमित नहीं हैं। मेटावर्स के अवसर ऑनलाइन शिक्षा एवं सरकारी सेवाओं में भी शामिल होंगे। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: ft.com

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मेटावर्स की अवधारणा को समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

मेटावर्स के विभिन्न घटकों एवं इसके संभावित अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालिए। इसे सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

मेटावर्स के संभावित अनुप्रयोगों के बारे में लिखिए।

यह ऑनलाइन शिक्षा में क्रांति कैसे ला सकता है? स्पष्ट कीजिए एवं सरकारी सेवाओं में मेटावर्स की भूमिका पर प्रकाश डालिए। इसे सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

मेटावर्स तकनीक के अधिकांश अवसरों के सृजन की आवश्यकता को सारांशित करते हुए एवं आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: मानवीय मूल्य – महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन एवं उपदेशों से प्राप्त शिक्षा। 

  1. निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है? (150 शब्द)

 “धैर्य अन्य गुणों का रक्षक एवं समर्थक है।” – जॉन लॉक

 प्रश्न का स्तर: मध्यम 

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उद्धरण को अपने शब्दों में समझाते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि धैर्य एक नींव है, जिस पर अन्य सभी गुणों का अभ्यास किया जाता है। इसके बिना अन्य सभी सद्गुणों का अभ्यास, विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों में, नहीं किया जा सकता है।

उपर्युक्त को सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

धैर्य के महत्व पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए। 

 

विषय: मानवीय मूल्य – महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन एवं उपदेशों से प्राप्त शिक्षा।

  1. निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है? (150 शब्द) 

“नैतिक उत्कृष्टता अभ्यास के परिणामस्वरूप विकसित होती है। हम न्यायपूर्ण कार्य करने से न्यायी, संयमित कार्य करने से संयमी एवं साहसी कार्य करने से साहसी बनते हैं।”

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उद्धरण को अपने शब्दों में समझाते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

नैतिक जीवन शैली एवं नैतिक उत्कृष्टता की ओर ले जाने वाले नैतिक अभ्यासों को विकसित करने के विभिन्न तरीकों का उल्लेख कीजिए।

हमें नैतिकता का अभ्यास करने की आवश्यकता है एवं समय के साथ यह एक आदत बन जाती है।

निष्कर्ष:

जीवन के नैतिक तरीकों को विकसित करने के महत्व पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।