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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 16 मई 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

1. भारत छोड़ो आंदोलन एक उग्र क्रांति से कम नहीं था। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: अध्याय 35- भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपिन चंद्रा।

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत छोड़ो आंदोलन की पृष्ठभूमि में देश के राजनीतिक परिदृश्य का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

गांधी की रणनीति, नए नेताओं के उदय, हिंसा, रियासत, नए विकास एवं जन भागीदारी आदि की तर्ज पर साम्राज्यवादी शासन के विरुद्ध अन्य संघर्षों या आंदोलनों से इस आंदोलन को पृथक करने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

यह उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए कि राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम को समाप्त करने की दिशा में अत्यधिक आवश्यक प्रोत्साहन का श्रेय भारत छोड़ो आंदोलन को दिया जा सकता है।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

2. कुछ लोगों का मानना है कि न्यायिक सक्रियता जनहित की सुरक्षा के लिए आवश्यक है जबकि अन्य की राय है कि न्यायिक कार्य के रूप में न्यायालयों को विधि की व्याख्या करनी चाहिए न कि उसे निर्मित करना चाहिए। परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Insights on India

निर्देशक शब्द: 

परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

भारत में न्यायिक सक्रियता को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

न्यायिक सक्रियता को समझाने के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

देश में जनता की स्थिति में सुधार करने के लिए भारत में न्यायिक सक्रियता की भूमिका पर प्रकाश डालिए।

अपने उत्तर की पुष्टि करने के लिए विभिन्न उदाहरणों का प्रयोग कीजिए।

भारत में न्यायिक सक्रियता की विभिन्न आलोचनाओं की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष:

एक संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

3. भारत एवं नेपाल के मध्य सांस्कृतिक विरासत दोनों देशों के लिए संबंधों को पुनर्परिभाषित करने एवं उन्हें मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं रणनीतिक अवसर हो सकता है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत के लिए नेपाल के महत्व का वर्णन करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत-नेपाल द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों एवं परिवर्तनों का उल्लेख कीजिए।

दोनों देशों के लिए सांस्कृतिक विरासत एक राजनीतिक एवं रणनीतिक अवसर के रूप में कैसे कार्य कर सकती है? सम्बंधित विभिन्न तरीकों का उल्लेख कीजिए।

भारत एवं नेपाल के मध्य संबंधों को मजबूत करने के लिए आवश्यक विभिन्न उपायों का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

4. खाद्य सुरक्षा एवं निर्यात के माध्यम से किसानों को बेहतर प्रतिफल सुनिश्चित करने के मध्य संतुलन स्थापित करना एक नाजुक कार्य है। क्या आपको लगता है कि हाल ही में सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाना उचित निर्णय है? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Down to Earth

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

प्रतिबंध की घोषणा के कारणों पर चर्चा कीजिए।

प्रतिबंध के प्रभावों का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

भारत द्वारा गेहूँ निर्यात प्रतिबंध पर एक संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: आपदा और आपदा प्रबंधन।

5. भारत में प्रायः भूस्खलन की आशंका रहती है, फिर भी शमन एवं रोकथाम की दिशा में उठाए गए कदमों के वांछित परिणाम प्राप्त नहीं हुए हैं। समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

 सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भूस्खलन के प्रति भारत की असुरक्षा के संबंध में आँकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में भूस्खलन के उन कारणों का उल्लेख कीजिए, जो भूस्खलन की रोकथाम एवं शमन को कठिन बनाते हैं।

भूस्खलन के सर्वाधिक संभावित क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए।

इसे दर्शाने के लिए एक मानचित्र प्रस्तुत कीजिए।

भूस्खलन को रोकने के लिए अपनाए गए विभिन्न उपायों एवं भूस्खलन शमन में आने वाली बाधाओं का वर्णन कीजिए।

उपर्युक्त को नियंत्रित करने के उपायों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश।

6. परियोजना 75-I भारतीय नौसेना के लिए कैसे महत्वपूर्ण है? भारत में अत्याधुनिक पनडुब्बी-निर्माण सुविधा में आने वाली विभिन्न बाधाओं का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

परियोजना 75-I के लक्ष्य एवं उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारतीय नौसेना के लिए परियोजना 75-I के महत्व का वर्णन कीजिए।

भारत में अत्याधुनिक पनडुब्बी-निर्माण सुविधा में आने वाली विभिन्न बाधाओं पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त बाधाओं को दूर करने के उपायों का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।

 7. उपयोगितावाद के सिद्धांत से आप क्या समझते हैं? (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: plato.stanford.edu

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उपयोगितावाद के दर्शन को संक्षेप में परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि उपयोगितावाद नैतिकता का एक सिद्धांत है, जो सुख अथवा आनंद को बढ़ावा देने वाले कार्यों की वकालत एवं दुख अथवा हानि का कारण बनने वाले कार्यों का विरोध करते हैं। जब इसे सामाजिक, आर्थिक अथवा राजनीतिक निर्णय निर्धारण की दिशा में निर्देशित किया जाता है, तो एक उपयोगितावादी दर्शन समग्र रूप से समाज की बेहतरी का लक्ष्य रखता है।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त को संक्षेप में सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।