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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 10 मई 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. हमारी प्राचीन ऐतिहासिक परंपराएं एक विस्तृत विविधता में फैली हुई हैं, जो सार्वजनिक अभिलेखों की अत्यधिक सटीकता एवं तथ्यात्मकता से लेकर मानव इतिहास के साहित्यिक प्रतिनिधित्व तक विस्तृत हैं। प्रारंभिक कश्मीर की जानकारी के स्रोत के रूप में राजतरंगिणी के महत्व का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द: 

मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत की ऐतिहासिक परंपराओं के समृद्ध प्राचीन कोष के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:

प्राचीन भारतीय ऐतिहासिक स्रोतों की विस्तृत विविधता का उल्लेख कीजिए।

उपर्युक्त को सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

राजतरंगिणी का महत्व- इतिहास के स्रोत के रूप में इसके पक्ष एवं विपक्ष का मूल्यांकन कीजिए।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त को संक्षेप में सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए। 

 

विषय: विश्व के भौतिक भूगोल की प्रमुख विशेषताएँ।

2. सवाना प्रकार की जलवायु के निर्माण को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारक कौन-कौन से हैं? सवाना जीवोम के लिए विभिन्न खतरों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Insights on India

निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उष्णकटिबंधीय सवाना या घास के मैदानों के बारे में संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

सवाना प्रकार की जलवायु के लिए अनुकूल कारकों का उल्लेख कीजिए।

उल्लेख कीजिए कि सवाना प्रकार की जलवायु एक विविध वनस्पति प्रदान करती है।

यह अपनी पारिस्थितिकी को कैसे प्रभावित करती है? समझाइए।

इसके विभिन्न खतरों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि जलवायु परिवर्तन के वर्तमान संदर्भ में सवाना के समक्ष आने वाले खतरों को दूर करना एवं पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

3. भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124-ए को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के विरुद्ध असहमति एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने के लिए एक उपयोगी उपकरण के रूप में हथियार बनाया गया है। आधुनिक लोकतांत्रिक भारत में इसकी आवश्यकता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124-ए के लक्ष्य एवं उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124-ए के ऐतिहासिक संदर्भ का वर्णन कीजिए।

कानून के दुरुपयोग के विभिन्न पहलुओं का उल्लेख कीजिए।

कानून की वर्तमान आवश्यकता के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124-ए के संबंध में एक संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

4. भारत एवं ऑस्ट्रेलिया जैसे समान विचारधारा वाले देशों के मध्य मजबूत द्विपक्षीय संबंध भारत-प्रशांत सुरक्षा ढांचे को आकार देने के लिए महत्वपूर्ण होंगे। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Indian Express

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत एवं ऑस्ट्रेलिया के मध्य बढ़ते व्यापार के विभिन्न पहलुओं का उल्लेख कीजिए।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा का वर्णन कीजिए।

दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय संबंधों में शामिल विभिन्न बाधाओं का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

5. कृषि सुधारों को भारत में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में माना गया है। ये भारतीय कृषि को परिवर्तित करने एवं आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Down to Earth

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उपर्युक्त की पुष्टि करने के लिए आँकड़े उद्धृत कीजिए।

कृषि क्षेत्र में विकास एवं उत्पादकता में बाधक चुनौतियों का वर्णन कीजिए।

उपर्युक्त की पुष्टि करने के लिए उदाहरण एवं आँकड़े उद्धृत कीजिए।

उपर्युक्त चुनौतियों को दूर करने के लिए आवश्यक विभिन्न अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक उपायों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: आपदा एवं आपदा प्रबंधन।

6. भारत में चक्रवात प्रबंधन के लिए अधिक जन जागरूकता के साथ-साथ उपयुक्त रोकथाम रणनीति तथा जोखिम कम करने की योजना विकसित करना, उच्च प्राथमिकता वाला एजेंडा है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

चक्रवातों की चपेट में आने की भारत की सुभेद्यता पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

आँकड़ों की सहायता से भारत की सुभेद्यता पर विस्तृत चर्चा कीजिए।

दीर्घावधिक नीति निर्माण में उपर्युक्त के रोकथाम के लिए आवश्यक उपायों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में विधि, नियम, विनियम और विवेक।

7. विधि में निहित सार्वजानिक शुभ लोकप्रिय सहमति से अधिकृत होता है। चर्चा कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सार्वजानिक शुभ को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

देश के कानून में सार्वजानिक शुभ स्थापित करने वाले उदाहरणों का उल्लेख कीजिए।

क्या आम तौर पर कानून में निहित होने की प्रक्रिया में लोकप्रिय सहमति नहीं है? स्पष्ट कीजिए। तर्क के दोनों पक्षों पर सोदाहरण चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

अपने विचारों का संक्षिप्त सारांश प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।