Print Friendly, PDF & Email

[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 5 मई 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: विश्व का इतिहास, जिसमें 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव शामिल हैं।

1. गुटनिरपेक्ष देश के रूप में भारत ने शीत युद्ध में क्या भूमिका निभाई? शीत युद्ध काल से प्राप्त उन प्रमुख सीखों पर चर्चा कीजिए, जिन्हें भारत वर्तमान रूस-यूक्रेन संघर्ष में लागू कर सकता है। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: Insights on India , Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

गुट निरपेक्ष आन्दोलन का परिचय प्रस्तुत कीजिए एवं इसकी पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

महाशक्तियों के मध्य तनाव को कम करने में गुट निरपेक्ष आन्दोलन द्वारा निभाई गई भूमिका पर सोदाहरण चर्चा कीजिए।

गुट निरपेक्ष आन्दोलन के भाग के रूप में भारत द्वारा निभाई गई भूमिका एवं गुट निरपेक्ष आन्दोलन से प्राप्त प्रमुख सीख पर प्रकाश डालिए।

इसके अनुप्रयोगों को रूस-यूक्रेन युद्ध पर कैसे क्रियान्वित किया जा सकता है?  स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष में यह उल्लेख किया जा सकता है कि 2020 के शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की उपस्थिति में भारत ने गुट निरपेक्ष आन्दोलन में भूमिका निभाना जारी रखने का आश्वासन दिया एवं उन्होंने गुट निरपेक्ष आन्दोलन को “विश्व की नैतिक आवाज” के रूप में संदर्भित किया है।

 

विषय: भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव।

2. वि-वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं? इसमें योगदान देने वाले कारकों एवं भारतीय समाज पर इसके प्रभावों का विस्तार से वर्णन कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Down to Earth

निर्देशक शब्द:

 वर्णन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वि-वैश्वीकरण को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

वि-वैश्वीकरण की ओर ले जाने वाले विभिन्न कारकों का उल्लेख कीजिए।

भारतीय समाज पर वि-वैश्वीकरण के विभिन्न सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

इन नकारात्मक प्रभावों को संबोधित करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ।

3. भारत की राजनीतिक व्यवस्था को अपने सामाजिक एवं सांस्कृतिक चरित्र को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने की आवश्यकता है और इसलिए हमें अपने प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए मौजूदा सरल बहुमत प्रणाली (first past the post) से बेहतर विकल्प की ओर बढ़ना चाहिए। समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

निर्देशक शब्द:

समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:

वर्तमान सरल बहुमत प्रणाली (first past the post) का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:

सरल बहुमत प्रणाली (first past the post), इसके गुण एवं दोषों का विस्तार से विश्लेषण कीजिए।इसके विकल्पों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

4. हम महामारी के विनाशकारी प्रभावों से उबर रहे हैं, ऐसे में कोविड -19 पर बल हमें अन्य स्वास्थ्य खतरों से दूर न कर दे। इस कारण लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों, आपातकालीन तैयारियों एवं स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Down to Earth

निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर महामारी के विनाशकारी प्रभावों एवं इससे लड़ने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में वर्तमान स्वास्थ्य प्रणाली में उपस्थित विभिन्न कमियों एवं कोविड -19 से लड़ने के विभिन्न प्रयासों का वर्णन कीजिए।

इसके अतिरिक्त, अन्य स्वास्थ्य खतरों पर भी ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दीजिए।

निष्कर्ष:

यह उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है ताकि बेहतर तरीके से निर्माण किया जा सके एवं एसडीजी -3 प्राप्त किया जा सके।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

5. रेपो दर क्या है? रेपो दर में वृद्धि करने का व्यापक आर्थिक प्रभाव क्या है? क्या आपको लगता है कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में आरबीआई द्वारा रेपो दर में वृद्धि करना एक अच्छा कदम है? परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Financial Express , Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

रेपो दर को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

रेपो दरों में वृद्धि करने के विभिन्न व्यापक आर्थिक प्रभावों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में रेपो दर में वृद्धि करने के कारणों का उल्लेख कीजिए।

यह विभिन्न मुद्दों को कैसे संबोधित कर सकता है? स्पष्ट कीजिए एवं इसकी संभावित कमियों का भी उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आरबीआई द्वारा रेपो दर में वृद्धि के संबंध में एक संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

6. दलहन भारत में फसल प्रणाली को बनाए रखने एवं जनसंख्या की पोषण सुरक्षा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

हाल के वर्षों में भारत में दलहन के उत्पादन में हुई तीव्र वृद्धि का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

भारत जैसे देश के लिए दलहन के पोषण लाभों का वर्णन कीजिए।

दलहन की खेती से स्थायी कृषि प्रणाली का निर्माण कैसे होता है? स्पष्ट कीजिए।

आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए आवश्यक अन्य उपायों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: शासन में नैतिकता एवं नैतिक मूल्यों को प्रबल बनाना।

7. राजनीतिक अभिविन्यास की परवाह किए बिना नागरिकों के साथ निष्पक्ष एवं समान तरीके से व्यवहार किया जाना सुनिश्चित करने के लिए लोक प्रशासन में गैर-पक्षधरता एक पूर्व शर्त है। विस्तार से समझाइए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 निर्देशक शब्द: 

समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

लोक प्रशासन में तटस्थता एवं गैर-पक्षधरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

उपयुक्त उदाहरणों के साथ लोक प्रशासन में न्याय एवं निरंतरता के स्तर के लिए महत्वपूर्ण मूल्यों पर चर्चा कीजिए।

अपने कार्यक्रमों के प्रभावी वितरण के लिए लोक सेवकों को सरकार के प्रति जवाबदेह कैसे होना चाहिए? उल्लेख कीजिए।

विधि के भीतर वर्तमान सरकार के प्रति प्रशासन की जवाबदेही पर चर्चा कीजिए एवं समझाइए कि एक समान तरीके से सरकारी नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संविधान भी महत्वपूर्ण है।

 निष्कर्ष:

तेजी से बढ़ते ध्रुवीकरण वाले विश्व में लोक प्रशासन में तटस्थता के उपायों का सुझाव प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।