[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 12 अप्रैल 2022

 

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MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. महापाषाण क्या हैं? विभिन्न प्रकार के महापाषाणों का वर्णन कीजिए। महापाषाण युग की प्रमुख कलाओं एवं शिल्पों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 वर्णन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 विवेचना कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न के सभी पक्षों की तार्किक व्याख्या कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

महापाषाण को परिभाषित कीजिए एवं भारत के कुछ महापाषाण स्थलों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

विभिन्न प्रकार के महापाषाणों के बारे में लिखिए।

महापाषाण युग की विभिन्न कलाओं एवं शिल्पों पर चर्चा कीजिए।

उपर्युक्त को सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

महापाषाण कला एवं शिल्प के महत्व के बारे में लिखते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

2. भारत इतिहास में सबसे बड़े शहरी विकास में से एक का साक्षी बन रहा है। यह आर्थिक, पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभाव को सक्षम बनाने के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण के माध्यम से शहरी नियोजन एवं विकास को देखने का एक अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में तेजी से विकसित हो रहे शहरीकरण के बारे में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

शहरीकरण में वृद्धि के कारण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण एवं समाज में उत्पन्न अवसरों के बारे में लिखिए।

उपर्युक्त अवसरों को प्राप्त करने के लिए उचित शहरी नियोजन एवं कार्यान्वयन से सम्बंधित  बाधाओं का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त चिंताओं को दूर करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

3. भारत एवं यू.के. के मध्य हाल ही में हस्ताक्षरित व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने दोनों देशों के मध्य सहयोग की नवीन राह खोली है, जिससे एक स्थायी साझेदारी का निर्माण हो सकता है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत-यू. के. संबंधों, इसके ऐतिहासिक दृष्टिकोण, ब्रेक्सिट के पश्चात की पृष्ठभूमि एवं वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

ब्रिटेन के साथ वर्तमान संबंधों पर प्रकाश डालिए। ब्रेक्सिट द्वारा लाए गए परिवर्तनों का उल्लेख कीजिए।

व्यापक रणनीतिक साझेदारी के बाद भारत एवं ब्रिटेन के मध्य उत्पन्न सहयोग के अवसरों के बारे में लिखिए।

सम्बंधित बाधाओं का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

एक साझा इतिहास साझा करने वाले इन देशों के मध्य परस्पर लाभ का रिश्ता कैसे विकसित हो सकता है? आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था एवं नियोजन, संसाधन जुटाने, वृद्धि, विकास एवं रोजगार से संबंधित विषय।

4. प्राथमिक एवं द्वितीयक बाजारों की कार्यप्रणाली को समझना स्टॉक, बॉन्ड एवं अन्य प्रतिभूतियों के व्यापार की प्रक्रिया को समझने की कुंजी है। प्राथमिक एवं द्वितीयक पूंजी बाजारों की तुलना कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

 सन्दर्भ: Insights on India

निर्देशक शब्द:

 तुलना कीजिए दोनों प्रकारों का एक विस्तृत तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत कीजिए, उनकी समान और असमान दोनों प्रकार की विशेषताओं को दर्शाइए। अभ्यर्थी को चाहिए कि वह दोनों का विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत करे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अर्थव्यवस्था में पूंजी बाजार की भूमिका का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

परिभाषा, खरीद के प्रकार, खरीद एवं बिक्री की प्रकृति, बिचौलियों की भूमिका, मूल्य स्तर, बाजारों के संगठन, लाभ एवं हानि जैसे विभिन्न मापदंडों पर प्राथमिक एवं द्वितीयक पूंजी बाजारों की तुलना कीजिए।

 निष्कर्ष:

उपर्युक्त को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था एवं नियोजन, संसाधन जुटाने, वृद्धि, विकास एवं रोजगार से संबंधित विषय।

5. एमएसएमई क्षेत्र पर महामारी के प्रभावों का परीक्षण कीजिए। भविष्य के बाह्य आघातों के प्रति एमएसएमई क्षेत्र को अधिक लचीला बनाने के लिए क्या कदम उठाने की आवश्यकता है? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

एमएसएमई क्षेत्र एवं महामारी के दौरान इसके द्वारा सामना की गई मंदी का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

आंकड़ों की सहायता से देश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका का उल्लेख कीजिए।

सम्बंधित क्षेत्र पर महामारी के प्रभावों के बारे में लिखिए।

सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न उपायों एवं भविष्य के बाह्य आघातों के प्रति इसे लचीला बनाने के लिए आवश्यक कदमों का उल्लेख कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

6. बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने एवं वायु की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए सरकार द्वारा अपनाए गए विभिन्न उपायों का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Down to Earth

 निर्देशक शब्द:

 मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में वायु प्रदूषण के आँकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में वायु प्रदूषण के प्रभावों पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।

इस संदर्भ में विभिन्न नीतिगत उपायों के बारे में लिखिए।

वायु प्रदूषण से निपटने में उनके प्रदर्शन – उनकी सफलताओं एवं सीमाओं के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: जवाबदेही एवं नैतिक शासन।

7. क्या उत्तरदायित्व लोक सेवकों में नैतिक रूप से उत्तरदायी व्यवहार को बढ़ावा देता है? समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उत्तरदायित्व को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तरदायित्व एवं इसे लागू करने के विभिन्न तंत्र लोक सेवकों में नैतिक व्यवहार का विकास कैसे करते हैं? समझाइए।

उत्तरदायित्व तंत्र होने के बावजूद लोक सेवकों द्वारा किए गए अनैतिक कार्यों के उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष

सशक्त उत्तरदायित्व तंत्र निर्माण के तरीकों का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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