[मिशन 2022| सिक्योर- 2022] फुल लेंथ सिक्योर रिवीजन टेस्ट: 30 मार्च 2022

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों में दीजिए:


सामान्य अध्ययनI


विषय: शहरीकरण, उनकी समस्याएं तथा उनके उपाय।

 

  1. शहरीकरण के साथ-साथ शहरी जीवन एवं नगरपालिका ठोस अपशिष्ट के अप्रिय उपोत्पाद लगातार बढ़ रहे हैं तथा वे अस्वच्छ भूमि भराव (Landfills) में समाप्त हो जाते हैं, जिससे खतरे उत्पन्न होते हैं। जाँच कीजिए। इस समस्या का क्या उपाय हो सकता है? (250 शब्द)

 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Down to earth

 

निर्देशक शब्द:

जाँच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
शहरीकरण की बढ़ती दर के साथ नगर निगम के ठोस अपशिष्ट में वृद्धि के सन्दर्भ में आँकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:
भारत में भूमि भराव (Landfills) में अपशिष्ट प्रबंधन से सम्बंधित समस्याओं को लिखिए।
ठोस अपशिष्ट से निपटने के लिए रणनीतियों का सुझाव दीजिए ताकि यह अपशिष्ट के स्थान पर संसाधन में परिवर्तित हो सके।

निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

 


सामान्यअध्ययनII


 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

 

  1. भारत के लिए, बिम्सटेक (BIMSTEC) अपने एक्ट ईस्ट एवं पड़ोसी प्रथम नीतियों के संगम की अनुमति देता है। तेजी से बदलते हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बिम्सटेक (BIMSTEC) की क्षमताओं पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: the Hindu

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
एक क्षेत्रीय संगठन के रूप में बिम्सटेक (BIMSTEC) के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:
भारत के लिए बिम्सटेक (BIMSTEC) के महत्व पर प्रकाश डालिए।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बिम्सटेक (BIMSTEC) की क्षमताओं के बारे में लिखिए एवं इसकी सीमाओं का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:
बिम्सटेक (BIMSTEC) की सम्पूर्ण क्षमता का एहसास करने के लिए शामिल बाधाओं को दूर करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

 


सामान्यअध्ययनIII


 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

 

  1. कृषि क्षेत्र में वृद्धि एवं उत्पादकता में बाधक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक सुधारों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: InstaPedia

निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका के सन्दर्भ में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:
कृषि क्षेत्र में वृद्धि एवं उत्पादकता में बाधक चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।
उपर्युक्त की पुष्टि करने के लिए उदाहरण एवं आँकड़े उद्धृत कीजिए।
उपर्युक्त चुनौतियों को दूर करने के लिए आवश्यक विभिन्न अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक उपायों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

 

  1. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) किसानों की आय में वृद्धि करने एवं कृषि के लिए आवश्यक विभिन्न आदानों की खरीद में उनकी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के अवसर उत्पन्न करती है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: insightsonindia

निर्देशक शब्द:

स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
पीएम किसान योजना के लक्ष्य एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:
पीएम-किसान योजना की विभिन्न विशेषताओं का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।
यह किस सीमा तक किसानों के मध्य तरलता की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सक्षम है? संकट के समय में यह उन्हें नकदी तक पहुंचने में कैसे सहायता करती है? उल्लेख कीजिए।
योजना से सम्बंधित विभिन्न सीमाओं का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन।

 

  1. प्रवाल विरंजन का क्या कारण है? वन्यजीवों एवं मनुष्यों पर विरंजन के प्रभावों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express, The Hindu

निर्देशक शब्द:

परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
प्रवाल विरंजन की परिघटना को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:
इस सन्दर्भ में उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।
प्रवाल विरंजन के कारणों का विस्तार से उल्लेख कीजिए।
वन्य जीवन पर इसके प्रभावों के बारे में लिखिए।
मनुष्यों पर इसके प्रभावों के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:
सम्पूर्ण विश्व में प्रवाल भित्तियों की रक्षा के लिए आगे बढ़ने की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

 


सामान्यअध्ययनIV


 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से प्राप्त शिक्षा।

 

  1. निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है? (150 शब्द)

    “यदि आप दूसरों को प्रसन्न रखना चाहते हैं, तो करुणा दर्शाएं। यदि आप स्वयं प्रसन्न रहना चाहते हैं, तो करूणा को अपनाएं।” – दलाई लामा

प्रश्न का स्तर: मध्यम

उत्तर की संरचना:

परिचय:
अपने शब्दों में उद्धरण की व्याख्या करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:
करुणा के महत्व एवं प्रसन्नता के साथ इसके संबंध की व्याख्या कीजिए।
उपर्युक्त को सिद्ध करने के लिए उदाहरण दीजिए।

निष्कर्ष:
उपर्युक्त को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से प्राप्त शिक्षा।

 

  1. निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है? (150 शब्द)

“नैतिकता को विधि नहीं बनाया जा सकता है लेकिन व्यवहार को विनियमित किया जा सकता है। न्यायिक फरमान ह्रदय परिवर्तन नहीं कर सकते हैं लेकिन वे हृदयहीनों पर लगाम लगा सकते हैं।” – मार्टिन लूथर किंग जूनियर।

प्रश्न का स्तर: कठिन

उत्तर की संरचना:

परिचय:
नैतिकता को विधान में बदलने में आने वाली कठिनाइयों एवं बाधाओं की व्याख्या कीजिए।

विषय वस्तु:
न्यायिक फरमान एवं विधि सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए पर्याप्त क्यों नहीं हैं? स्पष्ट कीजिए। सिद्ध करने के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
उचित नैतिक मूल्यों के साथ व्यवहार को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है एवं उचित व्यवहार की ओर व्यक्ति को कैसे अग्रसर किया जा सकता है? समझाइए।  साथ ही, यह भी लिखिए कि न्यायिक फरमान कमजोर लोगों के विरुद्ध ज्यादतियों एवं दुर्वचनों को कैसे रोक सकते हैं।

निष्कर्ष:
नैतिकता एवं विधान दोनों को एक साथ रखने की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।