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[मिशन 2022| सिक्योर- 2022] फुल लेंथ सिक्योर रिवीजन टेस्ट: 28 मार्च 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों में दीजिए:


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: सामाजिक सशक्तिकरण।

 

  1. दिव्यांगजनों (PwD) के लिए सम्मान का जीवन प्राप्त करने की दिशा में कई प्रयास किए गए हैं। हालांकि, समावेशिता के लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होने के लिए दिव्यांगजनों को उनके विकास एवं निर्णय निर्धारण में समान भागीदार के रूप में शामिल करना अनिवार्य है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: Scroll.in

 

निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
भारत में दिव्यांगजनों (PwD) की संख्या के संबंध में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:
दिव्यांगजनों (PwD) के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख कीजिए।उपर्युक्त की कमियों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:
दिव्यांगजनों (PwD) को उनके विकास एवं निर्णय निर्धारण में हितधारक के रूप में शामिल करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

 


सामान्य अध्ययन– II


 

 

विषय: विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।

 

  1. न्यायिक नियुक्ति प्रक्रिया में मनमानी की गुंजाइश को समाप्त करते हुए कॉलेजियम सुधारों का उद्देश्य अधिक पारदर्शिता होना चाहिए तथा यह न्यायिक स्वतंत्रता से समझौता किए बिना किया जाना चाहिए। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ:  the Print

 

निर्देशक शब्द:

समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
स्वतंत्रता के बाद से सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया के विकास पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:
तीन न्यायाधीश वाद एवं राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम, 2014 का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
वर्तमान कॉलेजियम प्रणाली में सुधार की आवश्यकता के कारणों के बारे में लिखिए।
न्यायिक स्वतंत्रता से समझौता किए बिना कॉलेजियम प्रणाली को प्रभावित करने वाले उपरोक्त मुद्दों को दूर करने के लिए सुधारों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:
हमारे लोकतंत्र के लिए कुशल, स्वतंत्र एवं सतर्क न्यायपालिका के महत्व का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

 


सामान्य अध्ययन– II


 

 

विषय: औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर उनके प्रभाव।

 

  1. निर्यात के संबंध में भारत के रिकॉर्ड प्रदर्शन के कारणों की जाँच कीजिए। भविष्य में निर्यात के इस स्तर को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदमों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: livemint

 

निर्देशक शब्द:

जाँच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
भारत के निर्यात प्रदर्शन का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:
भारत के प्रदर्शन के कारणों का उल्लेख कीजिए।
निर्यात में इस वृद्धि को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदमों के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: अर्थव्यवस्था पर उदारीकरण के प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन एवं औद्योगिक विकास पर उनके प्रभाव।

 

  1. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) को विकासशील देशों की बदलती आर्थिक गतिशीलता को पहचानने तथा उसके अनुसार पुनर्गठन एवं सुधार करने की आवश्यकता है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: InstaPedia

 

निर्देशक शब्द:

टिप्पणी कीजिए:
ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
वैश्विक अर्थव्यवस्था में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की भूमिका के संबंध में संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के संबंध में विभिन्न सीमाओं का उल्लेख कीजिए।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में आवश्यक सुधारों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: अर्थव्यवस्था पर उदारीकरण के प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन एवं औद्योगिक विकास पर उनके प्रभाव।

 

  1. विश्व बैंक ने स्वतंत्रता के बाद से ही भारत के आर्थिक विकास के लिए बड़े ऋण प्रदान करके उसका साथ दिया है। विकासात्मक उद्देश्यों के सूत्रधार के रूप में इसकी भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: InstaPedia

 

निर्देशक शब्द:

मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
स्वतंत्रता के बाद से विश्व बैंक के साथ भारत के संबंधों की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:
स्वतंत्रता के बाद से विश्व बैंक ने भारत की कैसे सहायता की है? व्याख्या कीजिए।
केंद्र एवं राज्य सरकारों तथा अन्य विकास भागीदारों के साथ विश्व बैंक की घनिष्ठ भागीदारी का उल्लेख कीजिए।
उपर्युक्त के संबंध में प्रारम्भ की गई योजनाओं का उल्लेख कीजिए।
विश्व बैंक निधि से सम्बंधित विभिन्न सीमाओं का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:
भारत के आर्थिक विकास में विश्व बैंक की भूमिका के संबंध में एक संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

 

  1. इतिहास से पता चलता है कि अन्यायपूर्ण प्रथाओं का शमन एवं अंत मानवता के मूल मूल्यों के दावे से होता है। सोदाहरण स्पष्ट कीजिए। (150 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

निर्देशक शब्द:

स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
मानवता के मूल मूल्यों को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:
अन्यायपूर्ण प्रथाओं को दूर करने के लिए इन मूल मूल्यों का उपयोग कैसे किया जा सकता है? व्याख्या कीजिए।
इसे उचित ठहराने के लिए ऐतिहासिक उदाहरणों का उपयोग कीजिए।
अन्यायपूर्ण प्रथाओं के शमन में मुख्य मूल्यों की भूमिका का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:
मौजूदा अन्यायपूर्ण प्रथाओं को दूर करने के लिए मूल मूल्यों का उपयोग करने की आवश्यकता को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नैतिक मुद्दे।

  1. नैतिकता अंतरराष्ट्रीय संबंधों में वैधता प्रदान करने एवं वापस लेने के द्वारा अपना कार्य करती है। चर्चा कीजिए। (150 शब्द)

प्रश्न का स्तर: कठिन

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए:
ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

परिचय:
अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नैतिकता की समग्र भूमिका का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:
नैतिकता अंतरराष्ट्रीय कृत्यों एवं संबंधों को वैधता कैसे प्रदान करती है एवं उसे कैसे वापस लेती है? सोदाहरण पुष्टि कीजिए।
अपने उत्तर के बिंदुओं को समझाने के लिए उदाहरणों का प्रयोग कीजिए।
उल्लेख कीजिए कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सदैव वैधता तथा नैतिकता पर विचार नहीं किया जाता है।

निष्कर्ष:
अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नैतिकता को बनाए रखने के महत्व का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।