[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 7 मार्च 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. विजयनगर काल के दौरान वास्तुकला एवं चित्रकला की प्रगति पर प्रकाश डालिए। क्या हम कह सकते हैं कि विजयनगर वास्तुकला मुख्यतः धार्मिक प्रकृति की है? टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: New Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कला एवं वास्तुकला के महान संरक्षक, विजयनगर के शासकों का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

विजयनगर वास्तुकला की विभिन्न विशेषताओं एवं उनकी प्रगति का उल्लेख कीजिए।

विजयनगर काल के दौरान चित्रकला के विकास का उल्लेख कीजिए एवं इस अवधि के दौरान विकसित किए गए बेहतरीन कार्यों के उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

क्या विजयनगर वास्तुकला मुख्यतः धार्मिक प्रकृति की थी? उदाहरणों के साथ विश्लेषण कीजिए।

निष्कर्ष:

विजयनगर की वास्तुकला की समग्र प्रकृति पर टिप्पणी करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए)।

2. करेवा क्या हैं? उनका निर्माण कैसे होता है? भारत में उनके भौगोलिक वितरण एवं आर्थिक महत्व पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Down to Earth

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

करेवा निक्षेप एवं उनकी महत्वपूर्ण विशेषताओं को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

करेवा निर्माण की प्रक्रिया का उल्लेख कीजिए।

भारत में इनके भौगोलिक वितरण के बारे में लिखिए।

करेवा निक्षेप के आर्थिक महत्व का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

करेवा निक्षेप को संरक्षित करने की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

3. फिजिटल (Phygital) शिक्षा – भौतिक एवं डिजिटल शिक्षा प्रणालियों का एक मिश्रण देश में अधिगम के परिणामों में सुधार के लिए एक अच्छा तरीका है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए बुनियादी ढांचे को सक्षम करने की आवश्यकता है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Live Mint

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

फिजिटल (Phygital) शिक्षा को परिभाषित कीजिए एवं उसका संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

देश में फिजिटल (Phygital) शिक्षा की क्षमताओं के बारे में लिखिए एवं समझाइए कि कैसे कोविड-19 ने इसे प्रोत्साहित किया।

भारत में फिजिटल (Phygital) प्रणालियों की सीमाओं का उल्लेख कीजिए।

भारत में फिजिटल (Phygital) शिक्षा के लिए सक्षम बुनियादी ढाँचा बनाने के लिए आवश्यक कदमों के बारे में विस्तार से लिखिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: बुनियादी ढांचा: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़कें, हवाई अड्डे, रेलवे आदि।

4. भारत के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को पूरा करने में पनविद्युत की क्षमताओं का विश्लेषण कीजिए। पनविद्युत उत्पादन को प्रभावित करने वाले संबद्ध जोखिम क्या हैं? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

पनविद्युत ऊर्जा को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए एवं भारत में इसके उत्पादन सम्बन्धी आंकड़ों पर प्रकाश डालिए।

 विषय वस्तु:

पनविद्युत ऊर्जा की क्षमताओं का उल्लेख कीजिए।

पनविद्युत परियोजनाओं से सम्बंधित विभिन्न जोखिमों के बारे में लिखिए। उदाहरण सहित उनकी पुष्टि कीजिए।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त सीमाओं को दूर करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

5. निके (Niche) बैंक क्या हैं? भुगतान बैंक एवं लघु वित्त बैंक के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए। क्या आपको लगता है कि भारत में निके बैंकिंग सफल रही है? मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

निके (Niche) बैंकों को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

निके (Niche) बैंकों की कुछ विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

भुगतान बैंकों एवं लघु वित्त बैंकों के मध्य निम्नलिखित के आधार पर अंतर स्पष्ट कीजिए- गतिविधियों का दायरा, मानदंड, कार्य की प्रकृति, निषिद्ध गतिविधियाँ आदि।

भारतीय व्यवस्था में निके बैंकों की सफलताओं एवं सीमाओं का मूल्यांकन कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

6. देश के आर्थिक विकास को गति देने में बैंक विलय की भूमिका का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में बैंक विलय का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

बैंक विलय के कारणों की व्याख्या कीजिए।

बैंक विलय से आर्थिक विकास में कैसे सुधार होगा? उल्लेख कीजिए।

बैंकिंग विलय को आर्थिक विकास में परिवर्तित करने की सीमाओं का उल्लेख कीजिए।

 निष्कर्ष:

एक संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।

7. वर्तमान समय में रॉल्स के न्याय सिद्धांत की प्रासंगिकता का परीक्षण कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ:  plato.stanford.edu

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

रॉल्स के न्याय सिद्धांत की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

रॉल्स के न्याय सिद्धांत के विभिन्न घटकों की विस्तार से व्याख्या कीजिए।

इसकी समकालीन प्रासंगिकता को दर्शाने के लिए उदाहरणों का उपयोग कीजिए।

यह किन तरीकों से प्रासंगिक है एवं भारत तथा विश्व भर में वर्तमान परिस्थितियों में इसे किन तरीकों से लागू किया जा सकता है? उल्लेख कीजिए।

 निष्कर्ष:

संतुलित रूप में आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


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