HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
धम्मचक्कप्पवत्तं सुत्त के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- गौतम बुद्ध द्वारा उनके निधन या परिनिर्वाण से पहले दी गई शिक्षाओं से संबंधित है
- इस सूत्र का मुख्य विषय चार आर्य सत्य हैं, जो बौद्ध धर्म की केंद्रीय शिक्षाएं हैं।
- इसमें मध्यम मार्ग, क्षणिकता और कार्य-कारण सम्बन्धी बौद्ध अवधारणाएं शामिल हैं
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: c)
धम्मचक्काप्पावत्तना सुत्त:
इसे धर्म सूत्र या विधि सूत्र को गौतम बुद्ध द्वारा आत्मज्ञान प्राप्त करने के बाद दिया गया प्रथम शिक्षण का रिकॉर्ड माना जाता है।
परंपरा के अनुसार, बुद्ध ने सारनाथ में यह उपदेश “पाँच तपस्वियों” को दिया था, उनके पूर्व साथी जिनके साथ उन्होंने छह साल तपस्या की थी।
इस सूत्र का मुख्य विषय चार महान सत्य हैं, जो बौद्ध धर्म की केंद्रीय शिक्षाएं हैं जो सभी बौद्ध विचार के लिए एक एकीकृत विषय या वैचारिक रूपरेखा प्रदान करती हैं।
यह मध्य मार्ग, क्षणिकता और कार्य-कारण सम्बन्धी बौद्ध अवधारणाओं को भी प्रस्तुत करता है।
Incorrect
उत्तर: c)
धम्मचक्काप्पावत्तना सुत्त:
इसे धर्म सूत्र या विधि सूत्र को गौतम बुद्ध द्वारा आत्मज्ञान प्राप्त करने के बाद दिया गया प्रथम शिक्षण का रिकॉर्ड माना जाता है।
परंपरा के अनुसार, बुद्ध ने सारनाथ में यह उपदेश “पाँच तपस्वियों” को दिया था, उनके पूर्व साथी जिनके साथ उन्होंने छह साल तपस्या की थी।
इस सूत्र का मुख्य विषय चार महान सत्य हैं, जो बौद्ध धर्म की केंद्रीय शिक्षाएं हैं जो सभी बौद्ध विचार के लिए एक एकीकृत विषय या वैचारिक रूपरेखा प्रदान करती हैं।
यह मध्य मार्ग, क्षणिकता और कार्य-कारण सम्बन्धी बौद्ध अवधारणाओं को भी प्रस्तुत करता है।
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Question 2 of 5
2. Question
चित्रकला की अपभ्रंश शैली की विशेषताएं निम्नलिखित में से कौनसी हैं
- इस शैली का विकास राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में हुआ है।
- जैन धर्म इस चित्रकला का मुख्य विषय था।
- पशु और पक्षियों की अनुपस्थिति है
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: a)
चित्रकला की अपभ्रंश शैली
यह शैली की उत्पत्ति गुजरात और राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में हुई थी। यह 11वीं से 15वीं शताब्दी के दौरान पश्चिमी भारत में चित्रकला की एक प्रमुख शैली थी। इन चित्रों के सबसे सामान्य विषय जैन थे और बाद के समय में वैष्णव शैली में भी इसे अपनाया गया था।
चित्रों में चित्रित मानव आकृतियों की विशेषताओं में मछली के आकार की उभरी हुई आँखों; तीखी नाक और दोहरी ठुड्डी (Double chin) को चित्रित किया गया है।
चित्रों में पशु और पक्षियों के चित्रों को खिलौने के रूप में दर्शाया गया है। सबसे प्रसिद्ध उदाहरण 15वीं शताब्दी के कल्पसूत्र और कालकाचार्य कथा हैं।
Incorrect
उत्तर: a)
चित्रकला की अपभ्रंश शैली
यह शैली की उत्पत्ति गुजरात और राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में हुई थी। यह 11वीं से 15वीं शताब्दी के दौरान पश्चिमी भारत में चित्रकला की एक प्रमुख शैली थी। इन चित्रों के सबसे सामान्य विषय जैन थे और बाद के समय में वैष्णव शैली में भी इसे अपनाया गया था।
चित्रों में चित्रित मानव आकृतियों की विशेषताओं में मछली के आकार की उभरी हुई आँखों; तीखी नाक और दोहरी ठुड्डी (Double chin) को चित्रित किया गया है।
चित्रों में पशु और पक्षियों के चित्रों को खिलौने के रूप में दर्शाया गया है। सबसे प्रसिद्ध उदाहरण 15वीं शताब्दी के कल्पसूत्र और कालकाचार्य कथा हैं।
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Question 3 of 5
3. Question
अमीर ख़ुसरो के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए?
- उन्होंने घोरा और सनम नामक नए संगीत रागों की शुरुआत की
- उन्होंने हिंदू और ईरानी शैलियों को मिलाकर संगीत की एक नई शैली विकसित की, जिसे कवाली के नाम से जाना जाता है।
- उन्होंने तुगलकनामा की रचना की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
अमीर ख़ुसरो (1252-1325) ने घोरा और सनम जैसे कई नए रागों की शुरुआत की।
उन्होंने हिंदू और ईरानी प्रणालियों के सम्मिश्रण से निर्मित कवाली नामक हल्के संगीत की एक नई शैली विकसित की। सितार के आविष्कार का श्रेय भी उन्हें ही दिया जाता है।
अमीर खुसरो प्रसिद्ध फारसी लेखक थे। उन्होंने कई कविताएँ लिखीं। उन्होंने कई काव्य रूपों की रचना की और सबक-ए-हिंदी या भारतीय शैली नामक फारसी कविता की एक नई शैली की रचना की।
उन्होंने कुछ हिंदी छंद भी लिखे। अमीर खुसरु की खज़ैन-उल-फ़ुतुह अलाउद्दीन की विजय का वर्णन करती है। उनका प्रसिद्ध कार्य तुगलकनामा ग़यासुद्दीन तुगलक के उदय से संबंधित है।
Incorrect
उत्तर: d)
अमीर ख़ुसरो (1252-1325) ने घोरा और सनम जैसे कई नए रागों की शुरुआत की।
उन्होंने हिंदू और ईरानी प्रणालियों के सम्मिश्रण से निर्मित कवाली नामक हल्के संगीत की एक नई शैली विकसित की। सितार के आविष्कार का श्रेय भी उन्हें ही दिया जाता है।
अमीर खुसरो प्रसिद्ध फारसी लेखक थे। उन्होंने कई कविताएँ लिखीं। उन्होंने कई काव्य रूपों की रचना की और सबक-ए-हिंदी या भारतीय शैली नामक फारसी कविता की एक नई शैली की रचना की।
उन्होंने कुछ हिंदी छंद भी लिखे। अमीर खुसरु की खज़ैन-उल-फ़ुतुह अलाउद्दीन की विजय का वर्णन करती है। उनका प्रसिद्ध कार्य तुगलकनामा ग़यासुद्दीन तुगलक के उदय से संबंधित है।
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Question 4 of 5
4. Question
मोहिनीअट्टम शास्त्रीय नृत्य रूप कथकली से कैसे भिन्न है?
- कथकली प्रदर्शन के पात्र मोहिनीअट्टम के विपरीत सात्विक, राजसिक और तामसिक प्रकारों में विभाजित होते हैं।
- मोहिनीअट्टम में कथकली के विपरीत शरीर की गति अचानक रुक जाती है और अचानक झटके से घूम जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
कथकली नाटक के पात्रों को मोटे तौर पर सात्विक, राजसिक और तामसिक प्रकारों में विभाजित किया गया है। सात्विक पात्र कुलीन, वीर, उदार और परिष्कृत होते हैं।
‘मोहिनीअट्टम’ की विशेषता, बिना किसी अचानक झटके अथवा उछाल के लालित्यपूर्ण, ढलावदार शारीरिक अभिनय है।
Incorrect
उत्तर: b)
कथकली नाटक के पात्रों को मोटे तौर पर सात्विक, राजसिक और तामसिक प्रकारों में विभाजित किया गया है। सात्विक पात्र कुलीन, वीर, उदार और परिष्कृत होते हैं।
‘मोहिनीअट्टम’ की विशेषता, बिना किसी अचानक झटके अथवा उछाल के लालित्यपूर्ण, ढलावदार शारीरिक अभिनय है।
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Question 5 of 5
5. Question
भारत में भित्ति चित्रों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- भित्ति चित्रों को प्राकृतिक गुफाओं और रॉक-कट कक्षों दोनों में देखा जा सकता है।
- इन चित्रों की प्रकृति धर्मनिरपेक्ष है।
- भित्ति चित्र अपने छोटे आकार के कारण अद्वितीय हैं, जिन्हें कागज पर अन्तर्विष्ट किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: a)
अधिकांश भित्ति चित्र या तो प्राकृतिक गुफाओं में या रॉक-कट कक्षों में चित्रित हैं। चित्रों में एक विषय का अनुसरण किया जाता है, सबसे आम हिंदू, बौद्ध और जैन। उनके विशाल आकार के कारण भित्ति चित्र अद्वितीय हैं। उन्हें कागज पर अन्तर्विष्ट नहीं किया जा सकता है और बड़ी संरचनाओं, आमतौर पर गुफाओं और मंदिर की दीवारों पर चित्रित किया जाता है। प्राचीन काल में, इनका तीन प्रमुख धर्मों द्वारा उपयोग किए जाते थे: बौद्ध धर्म, जैन धर्म और हिंदू धर्म। कुछ सर्वश्रेष्ठ उदाहरण अजंता- एलोरा गुफाओं के भित्ति चित्र हैं।
Incorrect
उत्तर: a)
अधिकांश भित्ति चित्र या तो प्राकृतिक गुफाओं में या रॉक-कट कक्षों में चित्रित हैं। चित्रों में एक विषय का अनुसरण किया जाता है, सबसे आम हिंदू, बौद्ध और जैन। उनके विशाल आकार के कारण भित्ति चित्र अद्वितीय हैं। उन्हें कागज पर अन्तर्विष्ट नहीं किया जा सकता है और बड़ी संरचनाओं, आमतौर पर गुफाओं और मंदिर की दीवारों पर चित्रित किया जाता है। प्राचीन काल में, इनका तीन प्रमुख धर्मों द्वारा उपयोग किए जाते थे: बौद्ध धर्म, जैन धर्म और हिंदू धर्म। कुछ सर्वश्रेष्ठ उदाहरण अजंता- एलोरा गुफाओं के भित्ति चित्र हैं।
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