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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 2 मार्च 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।

1. स्वतंत्रता पश्चात् के भारत में राष्ट्र निर्माण में मोरारजी देसाई की भूमिकाओं एवं योगदानों का विस्तार से वर्णन कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: Business Standard

 निर्देशक शब्द:

 वर्णन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मोरारजी देसाई एवं भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के बारे में संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

स्वतंत्र भारत में मोरारजी देसाई द्वारा निभाई गई भूमिकाओं का वर्णन कीजिए।

राष्ट्र निर्माण में उनके विभिन्न योगदानों का उल्लेख कीजिए।

एक शांति कार्यकर्ता के रूप में उनके प्रयासों के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

उनके योगदानों का सारांश प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।

2. ‘जलवायु परिवर्तन क्षेत्रीय एवं स्थानीय स्तरों पर मानसून की भविष्यवाणी की जटिलताओं को बढ़ा रहा है’। इस संदर्भ में, मानसून मिशन मानसून की समग्र समझ को बेहतर बनाने में कैसे सहायता करेगा? संक्षेप में वर्णन कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

वर्णन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय मानसून का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत कीजिए एवं समझाइए कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग इसकी भविष्यवाणी कैसे करता है।

विषय वस्तु:

मानसून की अनिश्चितता एवं इसके देर से लौटने का कारण बताइए।

मानसून मिशन का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

मानसून की समझ में सुधार लाने एवं जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

उपरोक्त को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य।

3. भारतीय न्यायालयों में स्थानिक विलंब न्यायिक सुधार में सबसे अधिक चर्चित विषयों में से एक है। परीक्षण कीजिए। साथ ही इस मुद्दे पर न्यायिक संस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक प्रयासों का भी उल्लेख कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

दलबदल से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों-अनुच्छेद संख्या, अनुसूची आदि पर संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारतीय न्यायालयों में विलंब एवं लंबित मामलों से संबंधित वर्तमान स्थिति पर संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

प्रमुख तथ्यों एवं मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए भारतीय न्यायालयों में विलम्ब के कारणों का उल्लेख कीजिए।

विशेष अनुशंसाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस मुद्दे पर न्यायिक संस्थानों में सुधार के लिए आवश्यक प्रयासों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

4. भारत द्वारा अपने संविधान के मूल दर्शन के रूप में धर्मनिरपेक्षता को अपनाने के बावजूद यह अभी भी चुनौतियों से परिपूर्ण है। विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय संदर्भ में धर्मनिरपेक्षता पर संक्षिप्त चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान का मूल दर्शन कैसे है? उल्लेख कीजिए।

भारत में धर्मनिरपेक्षता से सम्बंधित चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।

एक धर्मनिरपेक्ष भारत को बेहतर ढंग से साकार करने के लिए अनुशंसाएं प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

5. जीडीपी एवं जीवीए क्या हैं एवं वृद्धि की गणना करने में ये कैसे उपयोगी हैं? समझाइए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ:आधारभूत अर्थव्यवस्था, NCERT

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

जीडीपी एवं जीवीए क्या हैं? परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

जीडीपी, जीवीए से कैसे भिन्न है? स्पष्ट कीजिए।

वृद्धि की गणना के लिए ये किस प्रकार उपयोगी हैं? व्याख्या कीजिए।

2015 में प्रारम्भ की गई जीडीपी की गणना की नवीन पद्धति का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

दोनों के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

6. भारत में नियोजन की प्रमुख आलोचनाओं के साथ-साथ बाद के दशकों में उन्हें दूर करने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपायों/कार्यों की संक्षेप में चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: NCERT Class XI

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में नियोजन प्रक्रिया के बारे में संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

नियोजन की प्रमुख आलोचनाओं का उल्लेख कीजिए।

इसे ठीक करने के लिए की गई कार्रवाई का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि योजना प्रक्रिया में कमियों के बावजूद, भारत समावेशी विकास एवं समय पर हस्तक्षेप पर अपने ध्यान के साथ, कई अन्य देशों की तुलना में संकट को बेहतर तरीके से झेलने में सक्षम रहा है।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

7. निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है?  

“भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, चाहे वे कितनी भी अन्यायपूर्ण और कृतघ्न क्यों न हों” – ऐनी फ्रैंक (150 शब्द)

 


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