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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 22 फरवरी 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान बंगाल के कलाकारों ने ब्रिटिश कला का विरोध किया। उन्होंने अपने विचारों, तकनीकों एवं प्रेरणा के लिए पूर्वी संस्कृति की ओर रुख किया। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: भारतीय कला एवं संस्कृति: नितिन सिंघानिया

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कला की राष्ट्रवादी शैली के उदय का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

अवनींद्र नाथ टैगोर एवं नंदलाल बोस के नेतृत्व में बंगाल के कलाकारों के बारे में लिखिए, जिन्होंने पश्चिमी चित्रकला शैली को अस्वीकार कर अंग्रेजों का विरोध किया।

समझाइए कि इसके स्थान पर, उन्होंने अजंता की यात्रा की एवं प्राकृतिक, चूर्ण रंगों का उपयोग करके भारतीय तरीके से चित्रकला की संभावनाओं का पता लगाया।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

2. मुगल चित्रकला लघु चित्रकला की एक शैली है, जो सोलहवीं शताब्दी में उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप में विकसित हुई एवं अपनी परिष्कृत तकनीकों तथा विविध विषयों के लिए प्रसिद्ध है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: भारतीय कला एवं संस्कृति: नितिन सिंघानिया

 निर्देशक शब्द:

टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मुगल लघु चित्रकला की उत्पत्ति एवं क्रमिक विकास का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि मुगल शासकों ने भारतीय चित्रकला को और समृद्ध किया। जैसे:- सम्राट अकबर ने कश्मीर एवं गुजरात के कलाकारों को संरक्षण प्रदान किया; हुमायूँ ने दो फारसी चित्रकारों को अपने दरबार में संरक्षण प्रदान किया।

बाबरनामा, अकबरनामा, अब्द अल-समद, दसवंत एवं बसावन एवं उनके कार्यों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

अपनी चर्चा के आधार पर उपर्युक्त मुद्दे पर एक संक्षिप्त एवं निष्पक्ष निष्कर्ष प्रस्तुत कीजिए।

 

विषय: भारत की विविधता।

3. जनजातीय भाषाएं किसी क्षेत्र की वनस्पतियों, जीवों एवं औषधीय पौधों के सन्दर्भ में ज्ञान का खजाना हैं। हालाँकि, जब किसी भाषा का ह्रास होता है, तो वह ज्ञान प्रणाली पूर्ण रूप से समाप्त हो जाती है। इन लुप्तप्राय भाषाओं की सुरक्षा के लिए उपायों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Down to Earth

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में जनजातीय भाषाओं एवं भारत में लुप्तप्राय जनजातीय भाषाओं के उदाहरणों के सन्दर्भ में आँकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

जनजातीय भाषाओं एवं इसके विभिन्न अनुप्रयोगों के समृद्ध भंडार पर सोदाहरण टिप्पणी कीजिए।

भाषा प्रणालियों के पतन के प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

इन लुप्तप्राय जनजातीय भाषाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण के उपायों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

4. भारत में पारदर्शिता को बढ़ावा देने, जवाबदेही निर्धारित करने एवं दक्षता को पुरस्कृत करने के लिए कॉर्पोरेट प्रशासन में संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कॉर्पोरेट प्रशासन को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में कॉर्पोरेट प्रशासन को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों के बारे में लिखिए एवं उदाहरणों के साथ इसकी पुष्टि कीजिए।

भारत में कॉर्पोरेट प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक विभिन्न सुधारों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

5. मौलिक कर्तव्य एक अनुस्मारक के रूप में कार्य करते हैं कि जहां संविधान ने कुछ मौलिक अधिकार प्रदान किए हैं, वहीं नागरिकों को लोकतांत्रिक आचरण एवं लोकतांत्रिक व्यवहार के कुछ बुनियादी मानदंडों का पालन करने की भी आवश्यकता है। इस कथन के आलोक में क्या मौलिक कर्तव्यों को लागू किया जाना चाहिए? समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

संविधान के अनुच्छेद 51क एवं भाग IV-क के बारे में संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:

अनुच्छेद 51 क के अधिनियमन के पीछे के तर्क, इसके लक्ष्य एवं उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए।

कुछ मौलिक कर्तव्यों को लागू करने के लाभों के बारे में लिखिए।

मौलिक कर्तव्यों को लागू करने की कमियों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना।

6. ग्रे जोन संघर्ष से आप क्या समझते हैं? यह भारत की सुरक्षा को कैसे प्रभावित करता है? इससे निपटने के लिए भारत की तैयारियों का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

 सन्दर्भ: New Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ग्रे ज़ोन संघर्ष को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:  

ग्रे जोन संघर्ष की विभिन्न विशेषताएं लिखिए। सिद्ध करने के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

भारत की सुरक्षा पर ग्रे ज़ोन संघर्ष के प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

ग्रे ज़ोन संघर्ष एवं उनकी शक्ति एवं कमजोरियों से निपटने के लिए भारत के लिए उपायों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: नागरिक अधिकार-पत्र।

7. भारत में नागरिक अधिकार-पत्र की कमियों की गणना कीजिए एवं सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार के लिए उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों का सुझाव दीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नागरिक अधिकार-पत्र को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

नागरिक अधिकार-पत्र की कमियों का उल्लेख कीजिए।

उपर्युक्त कमियों को दूर करने के उपायों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

उच्च गुणवत्ता वाली सार्वजनिक सेवा प्रदान करने के लिए नागरिक अधिकार-पत्र को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

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