[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 21 फरवरी 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. राजपूत शैली की विभिन्न उपशैलियों के रूप में उभरी एवं विकसित हुईं चित्रात्मक शैलियाँ हालांकि दूरी के सन्दर्भ में कम विविध हैं लेकिन निष्पादन के सदर्भ में अत्यंत विविध हैं। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

 सन्दर्भ: भारतीय कला एवं संस्कृति: नितिन सिंघानिया

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

राजपूत चित्रकला के सौंदर्यशास्त्र एवं उनकी उत्पत्ति के बारे में संक्षेप में लिखिए।

 विषय वस्तु:  

मुख्य शैली एवं चित्रों में चित्रित विषयों के बारे में लिखिए।

इसके विकास के प्रमुख केंद्रों पर प्रकाश डालिए।

उनकी महत्वपूर्ण विशेषताओं के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

भारत के कलात्मक इतिहास में उनके विशेष स्थान पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

2. भरतनाट्यम नृत्य एवं अन्य भारतीय परंपराओं को संरक्षित एवं लोकप्रिय बनाने के लिए रुक्मिणी देवी अरुंडेल ने भरतनाट्यम नृत्य रूप के पुनर्जागरण को उत्प्रेरित किया। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: भारतीय कला एवं संस्कृति: नितिन सिंघानिया

 निर्देशक शब्द:

समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

रुक्मिणी देवी अरुंडेल के बारे में एक संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसकी मूल ‘साधिर’ शैली में भरतनाट्यम की स्थिति का उल्लेख कीजिए, जो मंदिर नर्तकियों, देवदासियों के बीच प्रचलित थी एवं इसे एक अश्लील कला माना जाता था।

आंदोलन को लोकप्रिय बनाने में रुक्मिणी देवी अरुंडेल की भूमिका का उल्लेख कीजिए।

रुक्मिणी देवी के अन्य योगदानों के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

रुक्मिणी देवी के प्रयासों के कारण विकसित हुए भरतनाट्यम के वर्तमान रूप का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सामाजिक सशक्तिकरण।

3. LGBTQIA+ समुदाय के सही समावेश की राह उनके विरुद्ध हिंसा एवं उत्पीड़न को समाप्त करने एवं समाज के क्षेत्रों के मध्य उनके सन्दर्भ में संवेदीकरण प्रारम्भ करने के साथ प्रारम्भ होती है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: New Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

LGBTQIA+ समुदाय के संबंध में तमिलनाडु के हालिया कदम का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

विभिन्न सन्दर्भों में LGBTQIA+ के समक्ष आने वाले विभिन्न मुद्दों का उल्लेख कीजिए।

LGBTQIA+ समुदाय के संबंध में उत्पीड़न को समाप्त करने एवं संवेदीकरण प्रारम्भ करने के महत्व का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

समावेशिता प्राप्त करने के लिए समुदाय को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

4. शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी क्षमता का उपयोग राज्य एवं नागरिकों के मध्य की खाई को पाटने के साथ-साथ सेवा वितरण में सुधार करने के लिए किया जाना चाहिए। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: New Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग के संभावित उपयोगों एवं इसके लाभों का उल्लेख कीजिए। सिद्ध करने के लिए उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

सेवा वितरण में सुधार के लिए शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग में बाधा डालने वाली विभिन्न सीमाओं एवं बाधाओं का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

5. मातृभाषा में आधारभूत शिक्षा के साथ-साथ शिक्षा के लिए एक बहुभाषी दृष्टिकोण अधिगम के नवीन अवसर उत्पन्न करेगा तथा कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों का सृजन करेगा। समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सामान्य रूप से भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:

व्यक्तित्व विकास में मातृभाषा के महत्व की विवेचना कीजिए।

मातृभाषा पर बल न देने के कारण उत्पन्न समस्याओं को प्रस्तुत कीजिए।

इस संबंध में नवीन शिक्षा नीति- 2020 के सन्दर्भ का उल्लेख कीजिए।

बहुभाषी उपागम की सीमाओं के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

6. विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में अधिक मापनीयता होती है एवं यह वास्तविक आजीविका लाभ प्रदान करती है। विकेन्द्रीकृत अक्षय ऊर्जा (DRE) आजीविका अनुप्रयोग को विकसित करने एवं प्रोत्साहित करने के लिए मसौदा नीति ढांचे के आलोक में टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: DownToEarth

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:  

विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा (DRE) आजीविका अनुप्रयोग के विकास एवं प्रोत्साहन के लिए मसौदा नीति ढांचे के संबंध में संदर्भ प्रस्तुत कीजिए।

भारत में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा के लाभों का उल्लेख कीजिए।

विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा की सीमाओं का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा की वास्तविक क्षमता का दोहन करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: मानवीय मूल्य – महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन एवं शिक्षाओं से प्राप्त शिक्षा।

7. गांधीवादी ट्रस्टीशिप एक ‘मानव गरिमा का साधन’ था। विस्तार से समझाइए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

महात्मा गांधी के ट्रस्टीशिप दर्शन के मूल विचार को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

गांधीवादी काल से लेकर समकालीन समय तक के उदाहरणों के साथ ट्रस्टीशिप की अवधारणा को विस्तार से समझाइए।

निष्कर्ष:

वर्तमान समय में ट्रस्टीशिप की आवश्यकता एवं उसके महत्व पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।


Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates

Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos