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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 14 फरवरी 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. तुर्की की विजय से भारतीय जीवन के कई क्षेत्र अत्यधिक प्रभावित हुए। इसके सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभावों पर प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

 सन्दर्भ: भारतीय कला एवं संस्कृति: नितिन सिंघानिया

निर्देशक शब्द:

 प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

दिल्ली सल्तनत की स्थापना एवं उसके प्रभाव के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

दिल्ली सल्तनत की स्थापना के प्रभावों के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके समग्र सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभावों को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

2. कला के कार्य हमें एक अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं कि समाज अपने परिवेश से कैसे संबंधित है। हड़प्पा कला के आलोक में विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: भारतीय कला एवं संस्कृति: नितिन सिंघानिया

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

हड़प्पा कला के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

हड़प्पा कला के प्रमुख तत्वों का उल्लेख कीजिए।

कला के उपर्युक्त कार्य हड़प्पा समाज में एक अंतर्दृष्टि कैसे प्रदान करते हैं? समझाइए।

निष्कर्ष:

हड़प्पा कला के संबंध में संक्षेप में समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

3. एक समान नागरिक संहिता (UCC) जो सर्वोत्तम परंपराओं पर आधारित है एवं भारत के आधुनिक संवैधानिक मूल्यों के साथ सामंजस्य स्थापित करती है, देश के समग्र विकास में एक आवश्यक कदम है। समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द: 

समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

अनुच्छेद 44 का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

भारत में समान नागरिक संहिता के लक्ष्यों एवं उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए।

एक संतुलित समान नागरिक संहिता देश के विकास में क्या भूमिका निभा सकती है? विस्तार से चर्चा कीजिए।

भारत में समान नागरिक संहिता के विरुद्ध उन तर्कों पर विस्तार से चर्चा कीजिए, जो विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।

निष्कर्ष:

समान नागरिक संहिता के संबंध में एक संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

4. विचाराधीन कैदियों के लिए न्याय की धीमी गति को एक आपराधिक न्याय प्रणाली के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है, विशेष रूप से जेल सुधार की। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रच्छन्न बेरोजगारी को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

विषय वस्तु:

भारत में विचाराधीन कैदियों के संबंध में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विचाराधीन कैदियों की बड़ी संख्या एवं उसके प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए आवश्यक सुधारों एवं जेलों की भीड़भाड़ को कम करने के उपायों का सुझाव दीजिए।

इस संबंध में विभिन्न समितियों की सिफारिशों पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

5. किसान उत्पादक संगठन (FPO) धारणीय आय-उन्मुख कृषि सुनिश्चित करने के लिए कुशल एवं लागत प्रभावी तरीकों के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: New Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

किसान उत्पादक संगठन (FPO) क्या हैं? व्याख्या करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:

किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की आवश्यकताओं का उल्लेख कीजिए।

किसान उत्पादक संगठनों (FPO) से होने वाले लाभों की विवेचना कीजिए।

निष्कर्ष:

किसानों की आय को दोगुना करने के उपाय के रूप में किसान उत्पादक संगठन (FPO) का उल्लेख करते हुए आगे की राह बताइए।

 

विषय: संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती।

6. ड्रोन के आयात पर प्रतिबंध लगाने के पीछे सुरक्षा चिंताओं एवं आत्मनिर्भरता के दोहरे उद्देश्यों को सावधानीपूर्वक लागू किया जाना चाहिए ताकि भारत में यूएवी पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को बाधित न किया जा सके। समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Live Mint 

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में ड्रोन के आयात पर प्रतिबंध का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:  

भारत में यूएवी पारिस्थितिकी तंत्र के विकास की सीमा को बताने के लिए आँकड़े प्रस्तुत कीजिए।

इसके विभिन्न अनुप्रयोगों का उल्लेख कीजिए। ड्रोन के विकास को सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा लागू किए गए विभिन्न नियमों का उल्लेख कीजिए।

भारत में ड्रोन के आयात पर प्रतिबंध के लाभों के बारे में लिखिए।

इसके नकारात्मक प्रभावों पर भी प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

भारत को ड्रोन के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाने की दिशा में आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से प्राप्त शिक्षा। नैतिकता की अवधारणाओं में भारत एवं विश्व के नैतिक विचारकों और दार्शनिकों का योगदान।

 7. क्या आपको लगता है कि प्लेटो के चार आधारभूत सद्गुण वर्तमान समय में प्रासंगिक हैं? उदाहरण सहित औचित्य सिद्ध कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्लेटो के 4 आधारभूत सद्गुणों – विवेक, साहस, न्याय एवं संयम का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

प्लेटो के सद्गुणों का संक्षेप में वर्णन कीजिए एवं प्लेटो के अनुसार उनका अर्थ स्पष्ट कीजिए।

एक-एक करके इन सद्गुणों की वर्तमान में प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए। यह दर्शाने के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए कि ये सद्गुण अभी भी कैसे महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए- महामारी के समय में साहस आदि।

निष्कर्ष:

सद्गुणों के समग्र महत्व पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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