[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 8 फरवरी 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. भारतीय उपमहाद्वीप में सिंधु घाटी सभ्यता के विकास एवं फलने-फूलने की विभिन्न परिस्थितियों का विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

 सन्दर्भ: NCERT

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सिंधु घाटी सभ्यता के संबंध में बुनियादी विवरण पर संक्षेप में प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

उन विभिन्न परिस्थितियों पर प्रकाश डालिए, जिनके कारण इस क्षेत्र में सिंधु घाटी सभ्यता का विकास हुआ।

उन परिस्थितियों का उल्लेख कीजिए, जिन्होंने इसके विकास में सहायता की।

उदाहरण सहित अपने उत्तर को स्पष्ट करने का प्रयास कीजिए।

बाद के चरणों में सिंधु घाटी सभ्यता की गिरावट के लिए उत्तरदायी कारकों पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसकी वर्तमान प्रासंगिकता प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

2. हड़प्पा सभ्यता में की गई खोजों से हमें इसकी अर्थव्यवस्था को समझने में किस प्रकार सहायता मिलती है? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: NCERT

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

हड़प्पा सभ्यता एवं इसकी विकसित अर्थव्यवस्था के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस सन्दर्भ में की गई विभिन्न खोजों एवं प्राप्त वस्तुओं को सूचीबद्ध कीजिए एवं समझाइए कि वे अर्थव्यवस्था के विभिन्न आयामों को कैसे प्रतिबिम्बित करते हैं। उदा.-

मानकीकृत ईंटें एवं बाट तथा माप: केंद्रीकृत नियामक तंत्र की व्यापकता को दर्शाता है।

नगर नियोजनः हड़प्पा की अर्थव्यवस्था में नियोजन को दिए गए महत्व को दर्शाता है।

लोथल में बंदरगाह: जीवंत व्यापार एवं वाणिज्य को दर्शाता है।

मेसोपोटामिया की गोलाकार मुहरें: दर्शाती हैं कि इसकी अर्थव्यवस्था अन्य सभ्यता से जुड़ी हुई थी।

निष्कर्ष:

हड़प्पा अर्थव्यवस्था की वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ।

3. क्या आपको लगता है कि आईएएस (कैडर) नियम 1954 में प्रस्तावित संशोधन से केंद्र-राज्य संतुलन बिगड़ जाएगा? टिप्पणी कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: The Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रस्तावित परिवर्तनों, अधिनियम, नियमों, यदि कोई हो, के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

संशोधन के उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए।

प्रस्तावित नियम केंद्र एवं राज्य सरकारों के मध्य शक्ति संतुलन को कैसे बिगाड़ेंगे? स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार। भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

4. “यदि चीन-रूस संयुक्त मोर्चे का निर्माण चमकदार रहा है, तो अमेरिकी गठबंधनों का पुनर्निर्माण एवं विस्तार भी उतना ही प्रभावशाली रहा है। वर्तमान भू-राजनीति एवं भारत के लिए उपस्थित ‘नवीन शीत युद्ध’ के खतरों एवं अवसरों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

महान शक्ति प्रतिद्वंद्विता के कारणों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस प्रतिद्वंद्विता एवं इसमें शामिल सभी प्रतिभागियों के विभिन्न आयामों को उदाहरणों के साथ प्रमाणित कीजिए।

उन अवसरों की सूची बनाएं, जो यह संघर्ष भारत के लिए उत्पन करता है और साथ ही उन चुनौतियों की सूची बनाएं, जिन्हें भारत को वर्तमान भू-राजनीति में अपने हित को सुरक्षित करने के लिए दूर करने की आवश्यकता है। प्रत्येक के लिए उदाहरण दीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि अमेरिका-चीन के बढ़ते तनाव से भारत को अपने आर्थिक एवं रणनीतिक हितों को हासिल करने में मदद मिल सकती है, जो देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

5. पिछले एक दशक में बढ़ती अर्थव्यवस्था के बावजूद गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसरों का सृजन भारत के लिए एक कठिन चुनौती बना हुआ है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में बेरोजगारी की मूल स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

विभिन्न उपशीर्षकों में इसकी संरचना पर प्रकाश डालते हुए इसके पीछे के प्रमुख कारणों की व्याख्या कीजिए।

दीर्घावधि, मध्यम अवधि एवं अल्पकालिक उपायों की संरचना का उपयोग करके लाभकारी बेरोजगारी की दर बढ़ाने के लिए समाधानों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

इस वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण के सुझावों को शामिल करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: भावनात्मक समझः अवधारणाएँ तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग।

6. क्या भावनाएँ नैतिक निर्णय के लिए कारण प्रदान कर सकती हैं? विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नैतिक निर्णय एवं भावनाओं को संक्षेप में परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:  

किसी व्यक्ति में उपस्थित भावनाएं नैतिक निर्णय लेने में कैसे सहायक हैं? समझाइए।

इस आयाम के लिए उदाहरण उद्धृत कीजिए।

समझाइए कि कैसे भावनाएं हर समय नैतिक निर्णय के कारणों को आसानी से पूरा नहीं कर सकती हैं।

इस आयाम के लिए भी उदाहरण उद्धृत कीजिए।

 निष्कर्ष:

नैतिक होने की हमारी क्षमता में बाधा डालने से रोकने एवं नकारात्मक भावनाओं से निपटने के लिए आगे की राह का सुझाव दीजिए। आप अपने सुझावों के स्पष्टीकरण के लिए किसी दार्शनिक या नेता की शिक्षाओं का उपयोग कर सकते हैं।

 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से प्राप्त शिक्षा। मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

 7. ‘नैतिक विनम्रता’ शब्द से आप क्या समझते हैं? किसी व्यक्ति के जीवन में विनम्रता विकसित करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कीजिए एवं इन चुनौतियों को दूर करने के लिए संभावित समाधानों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नैतिक विनम्रता शब्द को संक्षेप में परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

किसी व्यक्ति के जीवन में विनम्रता विकसित करने में आने वाली विभिन्न चुनौतियों को सूचीबद्ध कीजिए।

आपके द्वारा सूचीबद्ध प्रत्येक चुनौती के लिए उदाहरण उद्धृत कीजिए।

अपने जीवन में विनम्रता विकसित करने में इन सभी चुनौतियों को दूर करने के उपायों का  सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

समाज के समग्र विकास के लिए नैतिक विनम्रता के महत्व पर संक्षेप में प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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