How to Follow Secure Initiative?
How to Self-evaluate your answer?
MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन– I
विषय: सामाजिक सशक्तिकरण।
1. हमारा कानून समाज की जरूरतों एवं आवश्यकताओं के हिसाब से बदलता रहता है। वैवाहिक बलात्कार के पीड़ितों की सुरक्षा के लिए कानून बनने चाहिए क्योंकि यह मुद्दा खतरनाक दर से अपने चरम पर पहुंच रहा है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
टिप्पणी कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
भारत में वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए।
वैवाहिक बलात्कार के अपराधीकरण में आने वाली बाधाओं के बारे में लिखिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह लिखते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– II
विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।
2. न्यायिक सक्रियता की आलोचना चाहे जितनी भी हो, इस तथ्य पर कोई विवाद नहीं हो सकता कि न्यायिक सक्रियता ने देश में जनता की स्थिति को सुधारने के लिए बहुत कुछ किया है। सोदाहरण सिद्ध कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Insights on India
निर्देशक शब्द:
सिद्ध कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने पक्ष के समर्थन में प्रासंगिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए सरल भाषा में अपना उत्तर लिखे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत में न्यायिक सक्रियता को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। इसकी प्रमाणिकता के लिए उदाहरण दीजिए।
विषय वस्तु:
भारत में न्यायिक सक्रियता की विभिन्न आलोचनाओं की व्याख्या कीजिए। सिद्ध करने के लिए उदाहरण दीजिए।
देश में जनता की स्थिति में सुधार लाने के लिए भारत में न्यायिक सक्रियता की भूमिका लिखिए। अपने उत्तर के स्पष्टीकरण के लिए विभिन्न उदाहरणों का प्रयोग कीजिए।
निष्कर्ष:
एक संतुलित राय प्रदान करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।
3. भारत में न्याय वितरण प्रणाली के एक अभिन्न अंग के रूप में न्यायाधिकरणों की परिकल्पना की गई थी। हालांकि, इन न्यायाधिकरणों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। क्या राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग आगे की राह है? जांच कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: सरल
सन्दर्भ: Polity by M. Laxmikanth
निर्देशक शब्द:
जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत में न्यायाधिकरण की स्थापना से सम्बंधित अनुच्छेद 323 (क) एवं अनुच्छेद 323 (ख) के सन्दर्भ में लिखते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए।
विषय वस्तु:
भारत में न्यायाधिकरणों की स्थापना के विभिन्न उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए।
उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
भारत में संसदीय न्यायाधिकरणों के मुद्दों एवं सीमाओं पर प्रकाश डालिए।
राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग (NTC) की विशेषताओं एवं उपरोक्त मुद्दों को दूर करने की इसकी क्षमता के बारे में लिखिए।
एल. चंद्र कुमार मामले में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लेख कीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।
4. यूक्रेन अभी भी शीत युद्ध के दौर में जी रहा है क्योंकि इसे लेकर अमेरिका एवं रूस के मध्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। यूक्रेन का मुद्दा भारत को कैसे प्रभावित करता है? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
विश्लेषण कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
शीत युद्ध के बाद की घटनाएं वर्तमान संकट की ओर कैसे ले जाती हैं? स्पष्ट कीजिए क्रीमिया के 2014 के विलय पर विशेष बल दीजिए।
भारत पर इस संकट के संभावित प्रभाव एवं प्रमुख हितधारकों के साथ इसके संबंधों के बारे में लिखिए।
भारत को इस संबंध में क्या कदम उठाने चाहिए? सुझाव दीजिए।
निष्कर्ष:
अपने बहुपक्षीय संरेखण को बनाए रखते हुए प्रमुख शक्ति के साथ संबंधों में संतुलन बनाने पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– III
विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।
5. महंगाई क्या है? मांग जन्य एवं लागत जन्य मुद्रास्फीति में अंतर स्पष्ट कीजिए। भारत में हाल की मुद्रास्फीति की प्रवृत्ति के लिए आपूर्ति पक्ष के कारकों पर प्रकाश डालिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
मुद्रास्फीति को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
मांग जन्य एवं लागत जन्य मुद्रास्फीति के मध्य अंतर को विस्तार से स्पष्ट कीजिए।
भारत में मुद्रास्फीति की बढ़ती प्रवृत्तियों के कारणों एवं इसके प्रभावों के बारे में लिखिए।
इसे नियंत्रित करने के लिए उपायों का सुझाव दीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– IV
विषय: केस स्टडी।
6. किसी राज्य विशेष की राजधानी में यातायात अवरोध को कम करने के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। आपको आपकी व्यावसायिक क्षमता एवं अनुभव के आधार पर इस प्रतिष्ठित परियोजना के परियोजना प्रबंधक के रूप में चुना गया है। परियोजना को अगले दो वर्षों में 30 जून 2021 तक पूरा करने की समय सीमा है क्योंकि जुलाई 2021 के दूसरे सप्ताह में चुनाव की घोषणा से पहले मुख्यमंत्री द्वारा परियोजना का उद्घाटन किया जाना है। निरीक्षण करते हुए निरीक्षण करने वाली टीम के द्वारा एलिवेटेड कॉरिडोर के एक तटबंध में एक छोटी सी दरार संभवत: खराब सामग्री के इस्तेमाल के कारण देखी गई थी। आपने तुरंत मुख्य अभियंता को सूचित किया और आगे का काम रोक दिया। आपके द्वारा यह आकलन किया गया था कि एलिवेटेड कॉरिडोर के कम से कम तीन तटबंधों को तोड़कर पुनर्निर्माण करना होगा लेकिन इस प्रक्रिया से परियोजना में कम से कम चार से छह माह का विलम्ब होगा। लेकिन मुख्य अभियंता ने इस आधार पर निरीक्षण दल के अवलोकन को खारिज कर दिया कि यह एक छोटी सी दरार थी जो किसी भी तरह से पुल की मजबूती एवं स्थायित्व को प्रभावित नहीं करेगी। उन्होंने आपको आदेश दिया कि आप निरीक्षण दल के निरीक्षण को नज़रअंदाज़ करें और उसी गति और तीव्रता से काम करना जारी रखें। उन्होंने आपको बताया कि मंत्री कोई विलम्ब नहीं चाहते क्योंकि वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री चुनाव घोषित होने से पहले एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन करें। आपको यह भी बताया गया कि ठेकेदार मंत्री का दूर का रिश्तेदार है और वह चाहता है कि वह इस परियोजना को पूरा करे। उन्होंने आपको यह संकेत भी दिया कि अतिरिक्त मुख्य अभियंता के रूप में आपकी आगे की पदोन्नति पर मंत्रालय विचार कर रहा है। हालाँकि, आपने दृढ़ता से महसूस किया कि एलिवेटेड कॉरिडोर में तटबंध में मामूली दरार पुल के स्वास्थ्य एवं जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी और इसलिए एलिवेटेड कॉरिडोर की मरम्मत न करना बहुत खतरनाक होगा। (250 शब्द)
a) दी गई शर्तों के अधीन, एक परियोजना प्रबंधक के रूप में आपके लिए क्या विकल्प उपलब्ध हैं?
b) परियोजना प्रबंधक को किन नैतिक दुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है एवं ऐसी चुनौतियों से पार पाने के लिए उनकी प्रतिक्रिया क्या है?
c) परियोजना प्रबंधक को किन व्यावसायिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए उनकी प्रतिक्रिया क्या है?
d) निरीक्षण दल द्वारा किए गए अवलोकन को नजरअंदाज करने के क्या परिणाम हो सकते हैं?
प्रश्न का स्तर: मध्यम
उत्तर की संरचना:
परिचय:
मामला अध्ययन का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
संक्षेप में, परियोजना प्रबंधक के समक्ष उपलब्ध 3-4 विकल्पों की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।
उपरोक्त मामले में परियोजना प्रबंधक द्वारा सामना की जाने वाली विभिन्न नैतिक दुविधाओं एवं उपरोक्त दुविधाओं के लिए उचित नैतिक प्रतिक्रिया के बारे में लिखिए।
इस मुद्दे से उत्पन्न होने वाली विभिन्न व्यावसायिक चुनौतियों एवं उससे निपटने के लिए आवश्यक कदमों का उल्लेख कीजिए।
इन चिंताओं के परिणामों के बारे में लिखिए।
निष्कर्ष:
उपरोक्त चिंताओं को दूर करने के उपायों का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: केस स्टडी।
7. भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित खाद्य उत्पाद कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए एक खाद्य उत्पाद विकसित किया एवं आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने के बाद उसका निर्यात करना प्रारम्भ कर दिया। कंपनी ने इस उपलब्धि की घोषणा की एवं यह भी संकेत दिया कि शीघ्र ही उत्पाद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए लगभग समान गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य लाभ के साथ उपलब्ध कराया जाएगा। तदनुसार, कंपनी ने अपने उत्पाद को घरेलू सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित करवाया एवं उत्पाद को भारतीय बाजार में प्रारम्भ किया। कंपनी समय के साथ अपनी बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि कर सकती है और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त लाभ अर्जित कर सकती है। हालांकि, निरीक्षण दल द्वारा किए गए यादृच्छिक नमूना परीक्षण में पाया गया कि सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त अनुमोदन के विपरीत उत्पाद को घरेलू स्तर पर बेचा जा रहा है। आगे की जांच में, यह भी पता चला कि खाद्य कंपनी न केवल उन उत्पादों को बेच रही थी, जो देश के स्वास्थ्य मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे बल्कि घरेलू बाजार में अस्वीकृत निर्यात उत्पादों को भी बेच रही थी। इस प्रकरण ने खाद्य कंपनी की प्रतिष्ठा एवं लाभप्रदता पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। (250 शब्द)
a) आपके अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित घरेलू खाद्य मानक का उल्लंघन करने एवं घरेलू बाजार में अस्वीकृत निर्यात उत्पादों को बेचने के लिए खाद्य कंपनी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जानी चाहिए?
b) इस संकट को हल करने एवं अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस लाने के लिए खाद्य कंपनी के समक्ष क्या कार्रवाई उपलब्ध है?
c) मामले में शामिल नैतिक दुविधाओं की जांच कीजिए।
प्रश्न का स्तर: मध्यम
उत्तर की संरचना:
परिचय:
मामला अध्ययन का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
खाद्य कंपनी पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जाने वाली सभी कार्रवाई की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए। तर्कसंगत एवं दंडात्मक उपायों का उल्लेख कीजिए।
खाद्य कंपनी द्वारा अपनी प्रतिष्ठा को होने वाली क्षति से बचाने एवं अपनी विश्वसनीयता को वापस लाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का उल्लेख कीजिए।
इस मामले में शामिल विभिन्न नैतिक दुविधाओं के बारे में लिखिए।
निष्कर्ष:
दुविधाओं को दूर करने के उपायों का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।
Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos









