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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 19 जनवरी 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय कला एवं संस्कृति।

1. कथक पर विशेष बल देते हुए भारतीय शास्त्रीय नृत्य प्रणाली के विभिन्न पहलुओं की व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

समझाइए कि नृत्य को सदैव ही एक संपूर्ण कला माना गया है एवं इसका भगवान तथा पूजा से घनिष्ठ संबंध रहा है। भारत में नृत्य के शुरुआती उदाहरणों का पता भीमबेटका की गुफाओं में उपस्थित नृत्य चित्रों एवं मोहनजोदड़ो से प्राप्त एक नृत्य करने वाली लड़की की कांस्य प्रतिमा से लगाया जा सकता है।

 विषय वस्तु:  

भारत में नृत्य पर उपलब्ध विभिन्न ग्रंथों जैसे- भरतमुनि के नाट्यशास्त्र पर चर्चा कीजिए।

समझाइए कि संगीत नाटक अकादमी 8 नृत्यों को “शास्त्रीय” दर्जा प्रदान करती है।

समझाइए कि भारत में नृत्य रूपों को देवदासियों द्वारा जीवित रखा गया था एवं बाद में विभिन्न कलाकारों द्वारा पुनर्जीवित किया गया था।

स्पष्ट कीजिए कि नृत्य के दो पहलू होते हैं: तांडव एवं लास्य।

कथक नृत्य, इसके प्रस्तावक (विशेष रूप से बिरजू महाराज) एवं इसके विभिन्न रूपों की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष:

भारतीय नृत्य के समृद्ध इतिहास पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।

2. क्या सांसद संसदीय विशेषाधिकारों के बिना उन्हें सौंपे गए कार्यों का निर्वहन कर सकते हैं? टिप्पणी कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Polity by M. Laxmikanth

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

संसदीय विशेषाधिकारों एवं संबंधित अनुच्छेदों पर संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:

सांसदों से सम्बंधित विभिन्न संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लेख कीजिए।

सांसदों को संसद में स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम बनाने के लिए संसदीय विशेषाधिकारों के महत्व का उल्लेख कीजिए।

इन विशेषाधिकारों के अभाव में सांसदों को सौंपे गए कार्यों का निर्वहन करना कैसे मुश्किल होगा? समझाइए।

निष्कर्ष:

एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।

3. दलबदल विरोधी प्रणाली को भारतीय संविधान में क्यों शामिल किया गया? क्या ‘दलबदल विरोधी कानून’ देश के राजनीतिक जीवन में एक नया युग लेकर आया है? समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Polity by M. Laxmikanth

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

दल-बदल विरोधी प्रणाली एवं इससे सम्बंधित अनुच्छेदों पर संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

ऐतिहासिक संदर्भों एवं संशोधनों का हवाला देते हुए उल्लेख कीजिए कि इस प्रणाली को भारतीय संविधान में क्यों शामिल किया गया था।

दल-बदल विरोधी कानून के लाभों का उल्लेख करते हुए अधिनियम का विश्लेषण कीजिए।

इससे सम्बंधित आलोचनाओं का उल्लेख कीजिए। इस परिप्रेक्ष्य में सिफारिशें भी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

4. भारत-जापान संबंधों के दायरे एवं क्षमताओं का विश्लेषण कीजिए। दोनों देशों के मध्य मित्रता वैश्विक शांति एवं समृद्धि हासिल करने में कैसे सहायता कर सकती है? समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत-जापान संबंधों के संक्षिप्त इतिहास पर चर्चा करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत-जापान संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के दायरे पर चर्चा कीजिए।

समझाइए कि भारत एवं जापान के लिए समय आ गया है कि वे उन रिपोर्टों पर कड़ी नज़र डालें, जिनमें कहा गया है कि अफ्रीका एवं ईरान में संयुक्त बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पर्याप्त लागत वृद्धि एवं क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी पर अलग-अलग रुख के साथ रुकी हुई हैं।

साथ ही, दोनों देश, एशिया में लोकतांत्रिक देशों के रूप में, वैश्विक शांति एवं समृद्धि में योगदान करने के लिए सहयोग कर सकते हैं। साझेदारी हिन्द-प्रशांत की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ विश्व अर्थव्यवस्था को और मजबूत कर सकती है।

निष्कर्ष:

2006 में लिखते हुए, शिंजो आबे ने अपनी पुस्तक, उत्सुकुशी कुनी ई (टुवार्ड ए ब्यूटीफुल कंट्री) में अपनी आशा व्यक्त की कि “यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी, यदि आगामी 10 वर्षों में जापान-भारत संबंध, जापान-अमेरिकी एवं जापान- चीन संबंध से बेहतर हों।”

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

5. “अधिक तीव्र एवं समावेशी आर्थिक विकास के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश आवश्यक है। “भारत के अनुभव के आलोक में चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ:  Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में बुनियादी ढांचे की वर्तमान स्थिति पर प्रमुख आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:

भारत की आधारभूत संरचना यात्रा (जैसे सरकार की प्रमुख योजनाएं एवं उनके लाभ) की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।

भारत के समक्ष आने वाली चुनौतियों की संक्षेप में चर्चा कीजिए।

बुनियादी ढांचे में निवेश आर्थिक एवं समावेशी विकास कैसे लाएगा? विस्तार से समझाइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन एवं उपदेशों से प्राप्त शिक्षा।

6. “नेतृत्व केवल कार्यकारी स्थिति अथवा उपाधि से ही सम्बंधित नहीं है। यह संपर्क एवं प्रभाव से भी सम्बंधित है। अपने उच्चतम स्तर पर, नेतृत्व विश्व में मूल्यों में वृद्धि करने एवं आपके द्वारा किए गए कार्यों के माध्यम से जीवन का कल्याण करने से सम्बंधित है।“ उपयुक्त उदाहरणों का प्रयोग करते हुए इस कथन पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नेतृत्व को संक्षेप में परिभाषित कीजिए।

विषय वस्तु:  

उद्धरण में जिन प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया है, उन्हें स्पष्ट कीजिए।

उपरोक्त विशेषताओं में से प्रत्येक के लिए उदाहरणों को सूचीबद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

सार्वजनिक एवं निजी उद्यम दोनों में नेतृत्व की इस भूमिका पर कैसे बल दिया जा सकता है? एक संक्षिप्त तरीके से सुझाव दीजिए।

 

विषय: सिविल सेवा के लिये अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमज़ोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।

7. वर्तमान संदर्भ में निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है?

 “छोटे कार्य, जब लाखों लोगों द्वारा किए जाते हैं, तो विश्व को परिवर्तित कर सकते हैं।” (150 शब्द)

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विश्व में अब तक की प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डालिए अथवा आप इस उद्धरण के मूल में स्थित ‘दयालुता’ के मूल्य को परिभाषित कर सकते हैं।

 विषय वस्तु:  

अतीत की किसी भी बड़ी घटना पर प्रकाश डालिए, जहां समाज में परिवर्तन लाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने छोटे-छोटे कृत्यों के माध्यम से एक साथ आए।

वर्तमान विश्व की प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डालिए।

 निष्कर्ष:

समाज में व्यक्तियों के बीच ऐसे छोटे-छोटे कृत्यों को प्रोत्साहित करने के लिए क्या किया जा सकता है? संक्षेप में सुझाव दीजिए।


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