How to Follow Secure Initiative?
How to Self-evaluate your answer?
MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन– I
विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।
1. स्वतंत्रता पूर्व भारत में सामाजिक सुधार लाने में स्वामी विवेकानंद की भूमिका पर प्रकाश डालिए। (150 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Live Mint
निर्देशक शब्द:
प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
एक मार्गदर्शक प्रकाश के रूप में उनके दर्शन के साथ समाज सुधारक के रूप में स्वामी विवेकानंद की कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं एवं विचारधाराओं के प्रभाव का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए।
उनके अध्यात्मवाद के अन्य विचारों पर चर्चा कीजिए।
उनके अध्यात्मवादी प्रवचन ने आज तक भी समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाने में कैसे सहायता की? कुछ उदाहरणों के साथ वर्णन कीजिए।
निष्कर्ष:
उनके योगदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– II
विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग।
2. राजनीतिक-प्रशासनिक प्रणाली की प्रासंगिकता में, भारत में प्रधानमंत्री की शक्तियों एवं कार्यों पर विस्तार से चर्चा कीजिए। (150 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Polity by M. Laxmikanth
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
संबंधित अनुच्छेदों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री की स्थिति के महत्व पर संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
प्रधानमंत्री की शक्तियों पर प्रकाश डालिए।
भारत में प्रधानमंत्री द्वारा किए जाने वाले अतिरिक्त कार्यों का उल्लेख कीजिए।
निष्कर्ष:
एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग।
3.क्या आप इस विचार से सहमत हैं कि मंत्रिमंडल वह धुरी है, जिसके इर्द-गिर्द भारतीय राजनीतिक तंत्र घूमता है? ‘मंत्रिपरिषद एवं मंत्रिमंडल’ के मध्य अंतर स्पष्ट करते हुए कथन पर टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Polity by M. Laxmikanth
निर्देशक शब्द:
टिप्पणी कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
मंत्रिपरिषद एवं मंत्रिमंडल से संबंधित अनुच्छेदों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
भारत में मंत्रिमंडल की भूमिका एवं महत्व का उल्लेख करते हुए प्रश्नगत वक्तव्य पर प्रकाश डालिए।
‘मंत्रिपरिषद एवं मंत्रिमंडल’ के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
निष्कर्ष:
एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
4. महाद्वीपीय एवं समुद्री सुरक्षा के मध्य सही संतुलन स्थापित करना भारत के दीर्घकालिक सुरक्षा हितों का सबसे अच्छा गारंटर होगा। यूरेशियाई एवं हिन्द-प्रशांत क्षेत्रों के संदर्भ में कथन का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
विश्लेषण कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
यूरेशियाई क्षेत्र में भारत से संबंधित मुद्दों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
हिन्द-प्रशांत की तुलना में भारत यूरेशियाई क्षेत्र में इतना सफल क्यों नहीं रहा है? समझाइए।
भारत की महाद्वीपीय सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए दोनों क्षेत्रों के संतुलन की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।
भारत को दोनों क्षेत्रों में अपनी दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए?
सुझाव दीजिए।
निष्कर्ष:
क्षेत्र के साथ-साथ विश्व व्यवस्था पर नवीन भू-राजनीतिक विकास के प्रभावों को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– III
विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।
5. हम बेरोजगारी को कैसे मापते हैं? क्या यह भारत में बेरोजगारी की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है? इस दिशा में सुधारों का सुझाव दीजिए। (150 शब्द)
प्रश्न का स्तर: कठिन
सन्दर्भ: Indian Express
उत्तर की संरचना:
परिचय:
बेरोजगारी को परिभाषित कीजिए एवं उस पर नवीनतम आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
बेरोजगारी की गणना की विधियों का उल्लेख कीजिए।
इन विधियों से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा कीजिए।
वास्तविक बेरोजगारी के आंकड़े को प्राप्त करने में सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दीजिए।
भारत में बेरोजगारी कम करने के लिए कुछ सरकारी कदमों का उल्लेख कीजिए।
निष्कर्ष:
दिए गए मुद्दे पर एक निष्पक्ष एवं संतुलित निष्कर्ष प्रस्तुत कीजिए।
सामान्य अध्ययन– IV
विषय: मानवीय मूल्य- मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।
6. क्या ऑनलाइन शिक्षा हमारे बच्चों में आवश्यक मानवीय मूल्यों का संचार कर सकती है? विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)
निर्देशक शब्द:
विश्लेषण कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
मूल्य को संक्षेप में परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
शिक्षा का भौतिक माध्यम मानवीय मूल्यों को कैसे विकसित करता है? स्पष्ट कीजिए।
क्या ऑनलाइन शिक्षा मूल्यों को विकसित कर सकती है? जांच कीजिए।
इसकी संभावनाओं के साथ-साथ सीमाओं पर भी प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
निकट भविष्य में महामारी की स्थिति समाप्त नहीं होने पर विचार करते हुए स्थिति से निपटने के लिए आगे की राह का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: नीतिशास्त्र एवं मानवीय सह-सम्बन्ध- मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम।
7. क्या आपको लगता है कि धर्म में आस्था एवं तर्कवाद का विकास समाज में शांतिपूर्ण ढंग से हो सकता है? जांच कीजिए। (150 शब्द)
निर्देशक शब्द:
जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
धर्म को संक्षेप में परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
सोदाहरण समझाइए की कैसे ऐतिहासिक काल से ही धर्म एवं तर्कवाद शांतिपूर्वक एवं कभी-कभी विषम परिस्थितियों में भी अस्तित्व में रहा है।
आप महामारी के दौरान हुई घटनाओं, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस में किए गए दावों आदि को उद्धृत कर सकते हैं।
दोनों के मध्य सौहार्दपूर्ण संबंध कैसे स्थापित किया जा सकता है? सुझाव दीजिए।
आप यहां स्वामी विवेकानंद के दर्शन का परिचय दे सकते हैं।
निष्कर्ष:
समाज में अध्यात्मवाद एवं वैज्ञानिक सोच के संतुलन पर बल देते हुए सकारात्मक तरीके से निष्कर्ष निकालिए।
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