How to Follow Secure Initiative?
How to Self-evaluate your answer?
MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन– I
विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।
1. चोल काल भारत की कला एवं वास्तुकला में एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण अवधि का प्रतीक है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: सरल
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
टिप्पणी कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
वास्तुकला की द्रविड़ शैली- चोल कला एवं वास्तुकला की विशिष्टता का परिचय प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
चोल कला अन्य कलाओं से भिन्न क्यों थी? समझाइए।
चोल कला का महत्व एवं उसकी विशिष्टता पर प्रकाश डालिए।
चोल वास्तुकला एवं कला के उदाहरणों को उद्धृत करते हुए विस्तार से समझाइये।
निष्कर्ष:
चोल कला एवं वास्तुकला ने भारतीय वास्तुकला के परिदृश्य को कैसे परिवर्तित किया एवं विशेषकर दक्षिण भारत में भविष्य की वास्तुकला को कैसे प्रभावित किया? समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– II
विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
2. भारत में मौलिक कर्तव्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनके कार्यान्वयन के लिए विधिक प्रावधानों के अस्तित्व की जांच कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Polity by M. Laxmikanth
निर्देशक शब्द:
जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
मौलिक कर्तव्यों पर संक्षेप में प्रकाश डालिए एवं संबंधित अनुच्छेद आदि का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों के महत्व का उल्लेख कीजिए।
मौलिक कर्तव्यों के कार्यान्वयन के लिए कानूनी प्रावधानों के अस्तित्व की जांच कीजिए।
निष्कर्ष:
एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
3. भारतीय संविधान की प्रासंगिकता में ‘मूल संरचना’ सिद्धांत के विकास का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: सरल
सन्दर्भ: Polity by M. Laxmikanth
निर्देशक शब्द:
परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारतीय संविधान के सन्दर्भ में मूल संरचना के सिद्धांत पर संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
इस प्रकार के सिद्धांतों के उद्भव के कारणों का उल्लेख कीजिए।
न्यायपालिका द्वारा इसकी प्रासंगिकता में दी गई व्याख्या/निर्णय का उल्लेख कीजिए।
“मूल संरचना” सिद्धांत में कौन-कौन से पहलू शामिल हैं? समझाइए।
निष्कर्ष:
एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय: सामाजिक सशक्तिकरण।
4. सुगम्य भारत अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सार्वभौमिक पहुंच की ओर बढ़ने के कदमों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत में विकलांगता की स्थिति एवं अधिक समग्र समर्थन की आवश्यकता के बारे में लिखते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
सुगम्य भारत अभियान के प्रमुख प्रावधानों एवं उनके प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
इसके अलावा, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का उल्लेख कीजिए तथा समझाइए कि यह समावेशिता एवं पहुंच को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम कैसे था।
नए दिशानिर्देशों के बारे में लिखिए एवं समझाइए कि यह कैसे सार्वभौमिक पहुंच प्राप्त करने का लक्ष्य रखता है।
निष्कर्ष:
समावेशिता प्राप्त करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– III
विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था।
5. क्या आप सहमत हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने हाल ही में V-आकार के सुधार का अनुभव किया है? अपने उत्तर के समर्थन में कारण प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Indian Express
उत्तर की संरचना:
परिचय:
V-आकार के सुधार से क्या तात्पर्य है? परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।
विषय वस्तु:
सम्बंधित डेटा प्रस्तुत कीजिए एवं यह दर्शाने के लिए एक ग्राफ भी बनाएं कि वर्ष 2020 एवं 2021 में कोविड-19 के प्रभाव के बाद भारत में V-आकार का सुधार प्रारम्भ हुआ है।
कोविड के प्रभावों को कम करने एवं अर्थव्यवस्था में विकास सुनिश्चित करने के लिए भारत द्वारा उठाए जा सकने वाले कुछ कदमों का सुझाव दीजिए।
निष्कर्ष:
सुधार के लिए एक प्रासंगिक उपाय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– IV
विषय: महान नेताओं, प्रशासकों एवं सुधारकों के जीवन एवं उपदेशों से प्राप्त शिक्षा।
6. ‘सर्वाधिक संख्या में सर्वोत्तम कल्याण’ का नैतिक प्रतिमान वास्तव में एक कल्याणकारी राज्य के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (10 शब्द)
निर्देशक शब्द:
समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
उपयोगितावादी नैतिकता का सार संक्षेप में प्रस्तुत कीजिए अथवा “कल्याणकारी राज्य” शब्द को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
कल्याणकारी राज्य के प्रमुख सिद्धांतों पर प्रकाश डालिए।
क्या उपयोगितावादी नैतिकता इस उद्देश्य को प्रभावित करती है? विचार-विमर्श कीजिए।
अपने उत्तर में तर्क के दोनों पक्षों पर प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
समाज में सभी के लिए विकास को साकार करने के लिए नैतिकता के इस रूप से संबंधित नकारात्मक पहलुओं को कैसे संबोधित किया जा सकता है? आगे का राह का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: महान नेताओं, प्रशासकों एवं सुधारकों के जीवन एवं उपदेशों से प्राप्त शिक्षा।
7. प्रेम किसी व्यक्ति को अपने स्वार्थ से परे जाने की पर्याप्त अनुमति कैसे दे सकता है एवं किसी व्यक्ति को अपने जीवन में वास्तव में नैतिक अभिविन्यास प्राप्त करने में कैसे सहायता कर सकता है? उदाहरणों की सहायता से स्पष्ट कीजिए। (15 शब्द)
निर्देशक शब्द:
स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रेम, स्वार्थ एवं निस्वार्थता शब्दों को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
गांधी जी, बुद्ध, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, नेल्सन मंडेला, स्वामी विवेकानंद, जेन गुडॉल, विनोबा भावे आदि जैसे नेताओं एवं दार्शनिकों के जीवन से प्राप्त उदाहरणों का उपयोग कीजिए।
प्रेम एवं निःस्वार्थता के मध्य संबंध पर प्रकाश डालिए।
वर्तमान समय में किसी व्यक्ति में निस्वार्थ प्रेम के इस रूप के विकास को रोकने वाले तथ्यों पर प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
किसी व्यक्ति में यह निस्वार्थ प्रेम कैसे विकसित किया जा सकता है? समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।
Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos









