How to Follow Secure Initiative?
How to Self-evaluate your answer?
MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन– I
विषय: सामाजिक सशक्तिकरण, संप्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।
1. भारत में युवा महिलाओं पर सोशल मीडिया के पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: सरल
सन्दर्भ: The New Indian Express
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तरकीसंरचना:
परिचय:
हाल के उदाहरणों के साथ प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषयवस्तु:
युवा महिलाओं पर सोशल मीडिया के पड़ने वाले विभिन्न नकारात्मक प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
कुछ सकारात्मक प्रभाव भी प्रस्तुत कीजिए।
इसके नकारात्मक प्रभाव को कैसे रोका जा सकता है? संक्षेप में बताइए।
उत्तर में सामाजिक पहलुओं पर प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– II
विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
2. हालाँकि मौलिक अधिकार भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण भाग हैं लेकिन वे आलोचनाओं से रक्षित नहीं हैं। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Polity by M. Laxmikanth
निर्देशक शब्द:
समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों के महत्व पर संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए।
संबंधित आलोचनाओं पर भी प्रकाश डालिए।
मौलिक अधिकारों के संबंध में महान नेताओं की राय पर भी प्रकाश डाला जा सकता है।
निष्कर्ष:
एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
3. अनुच्छेद 32 भारत के नागरिकों के अन्य मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है एवं इसे ‘संविधान का ह्रदय एवं आत्मा’ माना जाता है। टिप्पणी कीजिए। (150 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Polity by M. Laxmikanth
निर्देशक शब्द:
टिप्पणी कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
अनुच्छेद 32 पर संक्षिप्त चर्चा करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
अनुच्छेद 32 से संबंधित प्रमुख प्रावधानों का उल्लेख कीजिए।
ये प्रावधान अन्य मौलिक अधिकारों की रक्षा कैसे करते हैं? विस्तार से समझाइए।
इसके अतिरिक्त, अनुच्छेद 32 के महत्व पर सर्वोच्च न्यायालय के किसी भी निर्णय पर प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
4. विश्व एक डिजिटल क्रांति का अनुभव कर रहा है, जहां भविष्य काफी हद तक डेटा के आस-पास केंद्रित है। इस संदर्भ में, समुदायों को डेटा के उपयोग में लाभ का उचित एवं न्यायसंगत भाग प्राप्त करने में सहायता करने के उपायों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: The New Indian Express
उत्तर की संरचना:
परिचय:
डेटा उपयोग की वर्तमान स्थिति एवं यह कैसे असमानता उत्पन्न कर रहा है, इसकी जानकारी प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
समुदायों द्वारा प्रभावी डेटा नियमन के लिए आवश्यक सुझावों को सूचीबद्ध कीजिए एवं उदाहरणों के साथ इसकी पुष्टि कीजिए।
डेटा के उपयोग से होने वाले लाभों के प्रभावी बंटवारे के साथ-साथ निजी डेटा को दुरुपयोग से बचाने के लिए विभिन्न समिति की कुछ सिफारिशों का उल्लेख कीजिए।
निष्कर्ष:
एक प्रासंगिक आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– III
विषय: विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश।
5. लगातार बदलती आतंकवाद-विरोधी एवं सुरक्षा चुनौतियों के मध्य भारत को अपनी सुरक्षा एजेंसियों के मध्य एक व्यापक एवं समन्वित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तरकीसंरचना:
परिचय:
आसूचना एजेंसियों सहित भारत के सुरक्षा ढांचे का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषयवस्तु:
भारत के सुरक्षा समन्वय में शामिल विभिन्न कमियों पर प्रकाश डालिए।
एजेंसियों के मध्य बेहतर समन्वय के लिए सुझाव दीजिए।
निष्कर्ष:
विशेष रूप से साइबर डोमेन से आने वाले खतरों के बारे में भविष्य के दृष्टिकोण के साथ निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– IV
विषय: भारत एवं विश्व के नैतिक विचारकों एवं दार्शनिकों का योगदान।
6. “आप साहस चुन सकते हैं या आप आराम चुन सकते हैं लेकिन आप दोनों को नहीं चुन सकते।” उपयुक्त उदाहरणों का उपयोग करते हुए कथन पर चर्चा कीजिए। (15 शब्द)
प्रश्न का स्तर: सरल
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रश्न के संदर्भ में साहस एवं आराम को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
उदाहरणों के माध्यम से समझाइए कि हम अपने जीवन में साहस की तुलना में आराम को क्यों चुनते हैं।
उदाहरणों में यथासंभव विविध आयाम प्रस्तुत कीजिए।
हमें साहस की तुलना में आराम को चुनने के लिए प्रेरित करने वाले कारणों की पहचान कीजिए।
निष्कर्ष:
आराम की तुलना में साहस को चुनने की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: भारत एवं विश्व के नैतिक विचारकों एवं दार्शनिकों का योगदान।
7. वर्तमान संदर्भ में निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है?
“धर्म तर्क करने के लिए उतना ही आवश्यक है जितना कि धर्म के लिए तर्क। एक के बिना दूसरा उपस्थित नहीं हो सकता।” (10 शब्द)
प्रश्न का स्तर: सरल
उत्तर की संरचना:
परिचय:
धर्म को संक्षेप में परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
कथन को सरल तरीके से विरूपित करने का प्रयास कीजिए। यह उदाहरणों के माध्यम से किया जा सकता है।
क्या लोग धर्म का पालन करते समय तर्कवाद की उपेक्षा करते हैं? स्पष्ट कीजिए।
क्या वर्तमान समय में धर्म एवं तर्क का मेल किया जा सकता है? समझाइए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
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