[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 3 जनवरी 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य एवं वास्तुकला के प्रमुख पहलू शामिल होंगे।

1. मुद्राशास्त्र की कला भारत में एक साम्राज्य की उपलब्धियों को समझने में सहायता करती है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

 सन्दर्भ: New Indian Express

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

मुद्राशास्त्र की कला का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

 विषय वस्तु:  

प्राचीन इतिहास की अवधि से लेकर आधुनिक काल तक मुद्राशास्त्र के विकास पर प्रकाश डालिए।

भारत में प्रचलित यूनानियों, गुप्तों, चोल, सल्तनत, मुगलों आदि के समय के सिक्कों की विभिन्न विशेषताओं का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

मुद्रा के मानकीकरण को दिए गए महत्व का उल्लेख कीजिए।

मुद्राशास्त्र विभिन्न साम्राज्यों की उपलब्धियों को समझने में कैसे सहायता करता है? उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।

इसके पक्ष एवं विपक्ष दोनों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

मुद्राशास्त्र के महत्व एवं वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

2. संवैधानिक प्रावधानों की प्रासंगिकता में, क्या आपको लगता है कि भारत को ‘विनाशकारी राज्यों के एक अविनाशी संघ’ के रूप में वर्णित किया गया है? टिप्पणी कीजिए। उन उदाहरणों पर प्रकाश डालिए, जब इन प्रावधानों को स्वतंत्र भारत में लागू किया गया था। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Polity by M. Laxmikanth

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

संवैधानिक प्रावधानों -अनुच्छेद संख्या, अनुसूची, ऐतिहासिक संदर्भ यदि कोई हो, पर संक्षिप्त चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

 विषय वस्तु:

प्रश्न में दिए गए कथन से संबंधित विस्तृत प्रावधानों पर प्रकाश डालिए।

प्रश्न में दिए गए कथन पर राय बनाने का प्रयास कीजिए एवं उस पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

उन उदाहरणों का उल्लेख कीजिए, जब संसद द्वारा स्वतंत्रता के बाद के भारत में संवैधानिक प्रावधानों के तहत इन शक्तियों का प्रयोग किया गया था।

निष्कर्ष:

एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

3. भारतीय संविधान के साथ ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) 2019’ की अनुरूपता का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

‘नागरिकता संशोधन अधिनियम पर संक्षिप्त विवरण एवं इस प्रकार के अधिनियम को पारित करने की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

‘नागरिकता संशोधन अधिनियम के प्रावधानों/उद्देश्यों पर प्रकाश डालिए।

इससे संबंधित सकारात्मक पहलुओं का विश्लेषण कीजिए।

नागरिकता संशोधन अधिनियम संविधान के अनुरूप क्यों नहीं है? विश्लेषण कीजिए।

इसे कैसे संशोधित / आगे संशोधित किया जा सकता है, इस बारे में आगे की राह बताइये।

निष्कर्ष:

एक प्रासंगिक समापन वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

4. भारत अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार के मध्य में है। इस संदर्भ में, पारिस्थितिकी एवं मानव आजीविका पर इसके नकारात्मक प्रभावों का परीक्षण कीजिए। हम उन प्रभावों को कैसे कम कर सकते हैं? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अक्षय ऊर्जा की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ वर्तमान में लागू भारत की भविष्य की योजनाओं का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

नवीकरणीय ऊर्जा के अबाधित विस्तार के विभिन्न नकारात्मक प्रभावों का विस्तृत विवरण दीजिए।

इसके अभिनव सुझावों को प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि:

हालांकि यह सच है कि अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं का उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर आधारित ऊर्जा अर्थव्यवस्था पर हमारी निर्भरता को कम करना है लेकिन इन परियोजनाओं को कैसे और कहां स्थापित किया जाता है और इनका पारिस्थितिकी और मानव जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

5. कहा जाता है कि क्रिप्टोकरेंसी एक तरफ लोगों को सशक्त बनाती है लेकिन साथ ही दूसरी तरफ नियामक बाधाएं भी उत्पन्न करती है। कथन के आलोक में क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष एवं विपक्षों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

क्रिप्टोकरेंसी क्या है? समझाइए एवं इसके उपयोग के सन्दर्भ में वर्तमान बहस का संक्षेप में वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

क्रिप्टोकरेंसी सशक्तिकरण का एक उपकरण कैसे हो सकती है? समझाइए। यह नियामक बाधाएं कैसे उत्पन्न करती है? संक्षेप में समझाइए।

प्रतिबंध लगाने के कुछ पक्ष एवं विपक्षों को सूचीबद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग के बारे में एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से प्राप्त शिक्षा।

6. “शिक्षा पर गांधी जी के दर्शन ने न केवल बच्चों को शिक्षित करने पर बल दिया बल्कि ऐसी शिक्षा पर बल दिया जो बच्चे के मानवता के बड़े पैमाने पर कल्याण के लिए प्रयास करती है।” टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वर्तमान शिक्षा की मुख्य विशेषताओं पर संक्षेप में प्रकाश डालिए। यह समाज को कैसे प्रभावित करती है? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

भारत के लिए जिस शिक्षा प्रणाली की उन्होंने कल्पना की थी, उस पर गांधीजी के विचारों पर प्रकाश डालिए।

यह भारत को एक खुशहाल एवं समावेशी भारत के निर्माण के उद्देश्य को साकार करने में कैसे सहायक है? समझाइए।

निष्कर्ष:

हम इन मूल्यों को अपनी शिक्षा प्रणाली में कैसे शामिल कर सकते हैं? समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

7. बासवन्ना का दर्शन समकालीन भारतीय समाज में अभी भी प्रासंगिक कैसे है? चर्चा कीजिए। (150 शब्द)

प्रश्न का स्तर: सरल

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

बासवन्ना के दर्शन में सबसे महत्वपूर्ण या अंतर्निहित मूल्यों पर प्रकाश डालिए।

विषय वस्तु:  

बासवन्ना की शिक्षाओं पर प्रकाश डालिए एवं समझाइए कि यह वर्तमान समाज में विभिन्न क्षेत्रों में मुद्दों को हल करने में कैसे सहायक है।

निष्कर्ष:

वर्तमान समय में समाज में अधिक जागरूकता फैलाने और इन संदेशों को फैलाने के लिए क्या किया जा सकता है? समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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