HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
Quiz-summary
0 of 5 questions completed
Questions:
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
Information
Welcome to Insights IAS Static Quiz in HINDI. We have already outlined details of this New Initiative HERE.
You have already completed the quiz before. Hence you can not start it again.
Quiz is loading...
You must sign in or sign up to start the quiz.
You have to finish following quiz, to start this quiz:
Results
0 of 5 questions answered correctly
Your time:
Time has elapsed
You have reached 0 of 0 points, (0)
Categories
- Not categorized 0%
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
- Answered
- Review
-
Question 1 of 5
1. Question
निम्नलिखित में से कौनसी प्रक्रिया मिट्टी में नाइट्रोजन में वृद्धि करती है/हैं?
- मनुष्य द्वारा कोयले का जलना
- वनस्पतियों का विनाश
- पशुओं द्वारा यूरिया का उत्सर्जन
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए।
Correct
उत्तर: c)
- मनुष्य द्वारा कोयले का जलना वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड का मुख्य स्रोत है। इसका मिट्टी में नाइट्रोजन वृद्धि से कोई सम्बन्ध नहीं है।
- जीवित जीवों के नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट उत्पाद जैसे यूरिया और जीवों के मृत अवशेष बैक्टीरिया द्वारा वापस अकार्बनिक अमोनिया में परिवर्तित हो जाते हैं।
Incorrect
उत्तर: c)
- मनुष्य द्वारा कोयले का जलना वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड का मुख्य स्रोत है। इसका मिट्टी में नाइट्रोजन वृद्धि से कोई सम्बन्ध नहीं है।
- जीवित जीवों के नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट उत्पाद जैसे यूरिया और जीवों के मृत अवशेष बैक्टीरिया द्वारा वापस अकार्बनिक अमोनिया में परिवर्तित हो जाते हैं।
-
Question 2 of 5
2. Question
इनमें से कौन सा पारिस्थितिकी तंत्र किसी दिए गए क्षेत्र की इकाई के लिए सबसे अधिक कार्बन का प्रच्छादन करेगा?
Correct
उत्तर: b)
लवणीय भूमि प्रमुख तटीय ‘ब्लू कार्बन’ आवासों में से एक हैं, जो ऊपर और नीचे के बायोमास और तलछट के भीतर कार्बन को स्टोर करने की उनकी क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं।
लवणीय भूमि द्वारा कार्बन का प्रच्छादन उष्णकटिबंधीय वनों से दो से चार गुना अधिक किया जाता है।
Incorrect
उत्तर: b)
लवणीय भूमि प्रमुख तटीय ‘ब्लू कार्बन’ आवासों में से एक हैं, जो ऊपर और नीचे के बायोमास और तलछट के भीतर कार्बन को स्टोर करने की उनकी क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं।
लवणीय भूमि द्वारा कार्बन का प्रच्छादन उष्णकटिबंधीय वनों से दो से चार गुना अधिक किया जाता है।
-
Question 3 of 5
3. Question
कार्बन कैप्चर यूटिलाइजेशन स्टोरेज (CCUS) एक प्रक्रिया है
Correct
उत्तर: c)
CCUS बड़े बिंदु स्रोतों, जैसे जीवाश्म ईंधन, बिजली संयंत्रों से अपशिष्ट कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को कैप्चर करने की एक प्रक्रिया है।
कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (CCS) में, उत्सर्जन को अत्यधिक लागत भूमिगत चट्टानों में संगृहीत किया जाता है, जबकि CCUS का उद्देश्य संसाधन का दोहन करके और नए बाजार का निर्माण कर CO2 उत्सर्जन का उपयोग करना।
Incorrect
उत्तर: c)
CCUS बड़े बिंदु स्रोतों, जैसे जीवाश्म ईंधन, बिजली संयंत्रों से अपशिष्ट कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को कैप्चर करने की एक प्रक्रिया है।
कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (CCS) में, उत्सर्जन को अत्यधिक लागत भूमिगत चट्टानों में संगृहीत किया जाता है, जबकि CCUS का उद्देश्य संसाधन का दोहन करके और नए बाजार का निर्माण कर CO2 उत्सर्जन का उपयोग करना।
-
Question 4 of 5
4. Question
महासागर पृथ्वी पर किस कारण से वृहत कार्बन सिंक के रूप में कार्य करता है
Correct
उत्तर: d)
वृहद भौगोलिक विस्तार और फाइटोप्लांकटन तथा समुद्री घास की अधिकता के कारण महासागर पृथ्वी पर सबसे बड़े कार्बन सिंक के रूप में कार्य करते हैं।
कार्बन डाइऑक्साइड आसानी से पानी में घुल जाता है और महासागर कार्बन का विशाल भंडार प्रदान करता है। महासागरों में कार्बन डाइऑक्साइड के संतुलन का एक चक्र मौजूद है।
समुद्री जल और वायु के बीच CO2 के आंशिक दबाव में अंतर गैसीय विनिमय की सुविधा प्रदान करता है। यह वायुमंडलीय CO2 को समुद्री जल में घुलने देता है।
महासागरों में घुलने वाला कार्बन डाइऑक्साइड तीन मुख्य रूपों में मौजूद होता है। सामान्य कार्बन डाइऑक्साइड के अलावा, यह बाइकार्बोनेट और कार्बोनेट आयनों के रूप में भी पाया जाता है।
Incorrect
उत्तर: d)
वृहद भौगोलिक विस्तार और फाइटोप्लांकटन तथा समुद्री घास की अधिकता के कारण महासागर पृथ्वी पर सबसे बड़े कार्बन सिंक के रूप में कार्य करते हैं।
कार्बन डाइऑक्साइड आसानी से पानी में घुल जाता है और महासागर कार्बन का विशाल भंडार प्रदान करता है। महासागरों में कार्बन डाइऑक्साइड के संतुलन का एक चक्र मौजूद है।
समुद्री जल और वायु के बीच CO2 के आंशिक दबाव में अंतर गैसीय विनिमय की सुविधा प्रदान करता है। यह वायुमंडलीय CO2 को समुद्री जल में घुलने देता है।
महासागरों में घुलने वाला कार्बन डाइऑक्साइड तीन मुख्य रूपों में मौजूद होता है। सामान्य कार्बन डाइऑक्साइड के अलावा, यह बाइकार्बोनेट और कार्बोनेट आयनों के रूप में भी पाया जाता है।
-
Question 5 of 5
5. Question
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की स्थापना संसद के एक अधिनियम के माध्यम से की गई थी।
- ट्राई का एक उद्देश्य अभिकर्ताओं को समान अवसर प्रदान करने और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को सुविधाजनक बनाने के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी नीतिगत वातावरण प्रदान करना है।
- ट्राई दूरसंचार सेवाओं को नियंत्रित करता है, जिसमें दूरसंचार सेवाओं के लिए प्रशुल्कों का निर्धारण / संशोधन शामिल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
जियोइंजीनियरिंग योजनाएं जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से सीधे निपटने के लिए तैयार की गई परियोजनाएं हैं, जो आमतौर पर हवा से CO2 को हटाकर या सूर्य के प्रकाश की मात्रा को सीमित करके ग्रह की सतह सुरक्षा प्रदान करती हैं।
योजना की पहली श्रेणी (जिन्हें हवा से CO2 ग्रहण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है) इसमें मशीनें शामिल हैं (कभी-कभी इन्हें “कृत्रिम पेड़” कहा जाता है) जो प्लास्टिक पॉलिमर का उपयोग करके वायुमंडल से गैस को संगृहीत करते हैं। अन्य प्रस्ताव महासागरों द्वारा अवशोषित CO2 की मात्रा में वृद्धि करना – उदाहरण के लिए पानी में बड़ी मात्रा में चूना मिलाना।
दूसरी श्रेणी में (पृथ्वी तक पहुँचने वाली सूर्य के प्रकाश की मात्रा को कम करने के लिए बनाई गई योजनाएँ) प्रस्तावों में अंतरिक्ष में वापस सूर्य के प्रकाश को प्रतिबिंबित करने के लिए स्ट्रैटोस्फियर में सल्फेट एरोसोल को स्थापित करना शामिल है; हवा में समुद्र के पानी का छिड़काव करके समुद्र के ऊपर बादल को कवर करने के लिए मानव रहित जहाजों का उपयोग करना; परावर्तिता बढ़ाने के लिए छतों को सफेद रंग से रंगना; और यहां तक कि पृथ्वी और सूर्य के बीच अंतरिक्ष में हजारों छोटे दर्पण स्थापित करना शामिल हैं।
Incorrect
उत्तर: d)
जियोइंजीनियरिंग योजनाएं जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से सीधे निपटने के लिए तैयार की गई परियोजनाएं हैं, जो आमतौर पर हवा से CO2 को हटाकर या सूर्य के प्रकाश की मात्रा को सीमित करके ग्रह की सतह सुरक्षा प्रदान करती हैं।
योजना की पहली श्रेणी (जिन्हें हवा से CO2 ग्रहण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है) इसमें मशीनें शामिल हैं (कभी-कभी इन्हें “कृत्रिम पेड़” कहा जाता है) जो प्लास्टिक पॉलिमर का उपयोग करके वायुमंडल से गैस को संगृहीत करते हैं। अन्य प्रस्ताव महासागरों द्वारा अवशोषित CO2 की मात्रा में वृद्धि करना – उदाहरण के लिए पानी में बड़ी मात्रा में चूना मिलाना।
दूसरी श्रेणी में (पृथ्वी तक पहुँचने वाली सूर्य के प्रकाश की मात्रा को कम करने के लिए बनाई गई योजनाएँ) प्रस्तावों में अंतरिक्ष में वापस सूर्य के प्रकाश को प्रतिबिंबित करने के लिए स्ट्रैटोस्फियर में सल्फेट एरोसोल को स्थापित करना शामिल है; हवा में समुद्र के पानी का छिड़काव करके समुद्र के ऊपर बादल को कवर करने के लिए मानव रहित जहाजों का उपयोग करना; परावर्तिता बढ़ाने के लिए छतों को सफेद रंग से रंगना; और यहां तक कि पृथ्वी और सूर्य के बीच अंतरिक्ष में हजारों छोटे दर्पण स्थापित करना शामिल हैं।
Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos









