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[Mission 2022] INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 02 December 2021

 

 

विषयसूची

 

सामान्य अध्ययनII

1. भारतीय नागरिकता का पर्यवसान

2. राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता

3. मिशन इंद्रधनुष (आईएमआई) 0

4. अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र

 

सामान्य अध्ययन-III

1. 5G तकनीक

2. पार्कर सोलर प्रोब

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. बारबाडोस

2. पराग अग्रवाल

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

 भारतीय नागरिकता का पर्यवसान


संदर्भ:

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने लोकसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए जानकारी दी, कि पिछले पांच वर्षों में छह लाख से अधिक भारतीयों ने अपनी नागरिकता त्याग दी है।

इस उत्तर में, इतनी बड़ी संख्या में भारतीयों द्वारा अपनी नागरिकता छोड़ने का कारण नहीं बताया गया।

नागरिकता का पर्यवसान:

‘नागरिकता अधिनियम, 1955’ (Citizenship Act, 1955) में अधिनियम या संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार भारतीय नागरिकता खोने के तीन कारण बताए गए हैं:

  1. त्यजन द्वारा (By renunciation):

वय: प्राप्त और पूर्ण सामर्थ्य का कोई भारत नागिरक, भारतीय नागरिकता के त्यजन की घोषणा कर विहित रीति से सकता है।

भारत के किसी युद्ध में लगे होने पर, इस प्रकार की घोषणा को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

जब कोई व्यक्ति अपनी नागरिकता का परित्याग करता है, तो उस व्यक्ति के नाबालिग बच्चों की भी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है। यद्यपि, इस तरह के बच्चे अठारह वर्ष की आयु पूरी करने पर भारतीय नागरिक बन सकते हैं।

  1. बर्खास्तगी द्वारा (By Termination):

यदि भारत का कोई नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता अर्जित कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाएगी। हालांकि, यह प्रावधान, भारत के युद्ध में व्यस्त रहने के दौरान लागू नहीं होता है।

  1. वंचित करने के द्वारा (By deprivation):

केंद्र सरकार के लिए निम्नलिखित स्थितियों में किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता को बर्खास्त करना अनिवार्य होता है:

  1. यदि नागरिकता फर्जी तरीके से प्राप्त की गयी हो।
  2. यदि नागरिक ने भारत के संविधान के प्रति अनादर जताया हो।
  3. यदि नागरिक ने युद्ध के दौरान शत्रु के साथ गैर-कानूनी रूप से संबंध स्थापित किया हो या उसे कोई राष्ट्रविरोधी सूचना दी हो।
  4. पंजीकरण या प्राकृतिक नागरिकता के 5 वर्षों के भीतर, उक्त नागरिक को किसी देश में दो वर्ष की कैद हुई हो।
  5. नागरिक सामान्य रूप से, सात 7 वर्षों से भारत से बाहर रह रहा हो।

current affairs

 

इंस्टा जिज्ञासु:

क्या आप जानते हैं कि ‘ग्लोबल वेल्थ माइग्रेशन रिव्यू रिपोर्ट’ के अनुसार, 2019 में, ‘उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्तियों’ (High Net Worth Individuals – HNIs) द्वारा देश छोड़ने के मामले में, विश्व स्तर पर भारत का स्थान, चीन के बाद दूसरा है?

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. संविधान में नागरिकता से संबंधित प्रावधान
  2. नागरिकता से संबंधित अधिनियम और नीतियां
  3. नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 की विशेषताएं
  4. विभिन्न अधिनियमों में वर्णित नागरिकता अर्जित करने और खोने के तरीके
  5. भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO)

मेंस लिंक:

CAA, 2019 के खिलाफ व्यक्त की जाने वाली प्रमुख चिंताएं क्या हैं?

स्रोत: द हिंदू।

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता


संदर्भ:

केंद्र सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता’ ट्रस्ट (National Export Insurance Account Trust – NEIA Trust) को 2021-22 से 2025-26 की अवधि तक के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने की मंजूरी दी है।

‘राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता’ के बारे में: 

  • राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता (National Export Insurance Account – NEIA) वाणिज्य मंत्रालय द्वारा स्थापित एक ट्रस्ट है और इसे ‘भारतीय निर्यात ऋण और गारंटी निगम’ (Export Credit & Guarantee Corporation of India – ECGC) द्वारा प्रशासित किया जाता है।
  • ‘राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता’ ट्रस्ट (NEIA Trust) स्थापना वर्ष 2006 में रणनीतिक और राष्ट्रीय महत्त्व के दृष्टिकोण से भारत से ‘परियोजना निर्यात’ को प्रोत्साहन देने के लिये की गई थी।
  • राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता, पात्र निर्यातकों को कवर देने में ईसीजीसी लिमिटेड की सीमाओं, पुनर्बीमा की गैर-उपलब्धता पर विचार करते हुए, भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक रूप से व्यवहारिक ‘मध्यम और दीर्घावधि निर्यात’ की सुविधा करता है।

उद्देश्य:

‘राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता’ ट्रस्ट (NEIA Trust) का उद्देश्य ऐसी परियोजनाओं और अन्य उच्च मूल्य वाले निर्यातों के लिए ऋण जोखिम कवर की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जो राष्ट्रीय हित के दृष्टिकोण से वांछनीय हैं, लेकिन क्षमता की कमी अथवा नीतियों में भिन्नता की वजह से ECGC  इनको बीमा सुरक्षा देने में असमर्थ होता है।

Current affairs

 

NEIA ट्रस्ट के कार्य:

  • NEIA ट्रस्ट, मध्यम और दीर्घावधि (medium and long term – MLT) / ‘परियोजना निर्यात’ को बढ़ावा देता है, जिसके तहत भारत से परियोजना निर्यात को (आंशिक/पूर्ण) सहायता देकर ‘निर्यात ऋण गारंटी निगम’ (ECGC) द्वारा MLT / ‘प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट’ को सहायता प्रदान की जाती है।
  • यह भारत से परियोजना निर्यात से जुड़े ‘एक्ज़िम बैंक फॉर बायर्स क्रेडिट’ (BC-NEIA) को भी सहयोग प्रदान करता है।

हाल ही में भारत सरकार द्वारा उठाया गया कदम:

सरकार ने निर्यात क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कई उपाय किए हैं। इस क्रम में सरकार ने पांच वर्षों की अवधि के लिए राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाते (एनईआईए) में 1,650 करोड़ रुपये के सहायता अनुदान (राशि) के योगदान को स्वीकृति दी है।

सरकार के हालिया कदम का महत्व:

NEIA ट्रस्ट में पूंजी लगाने से ‘भारतीय परियोजना निर्यातकों’ (Indian Project Exporters IPE) को निर्धारित बाजार में परियोजना निर्यात की विशाल क्षमता का दोहन करने में मदद मिलेगी।

  • देश भर से भारतीय स्रोतों से प्राप्त सामग्री के साथ परियोजना निर्यात की दिशा में किये गए इस समर्थन से भारत में विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
  • 1,650 करोड़ रुपये की धनराशि के योगदान से ट्रस्ट की जोखिम क्षमता बढ़ेगी।
  • यह NEIA को पूरी क्षमता के उपयोग के साथ 33,000 करोड़ रुपये के परियोजना निर्यात का सहयोग करने में सक्षम बनाएगा।
  • इसके परिणामस्वरूप घरेलू स्तर पर निर्मित वस्तुओं के अनुमानित उत्पादन में लगभग 25,000 करोड़ रुपये अर्जित किए जा सकेंगे।

NEIA – प्रदर्शन के मुख्य बिंदु:

ऋण और राजनीतिक सुरक्षा देकर एनईआईए ट्रस्ट मध्यम और दीर्घावधि (एमएलटी)/परियोजना निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 2006 में एनईआईए ट्रस्ट की स्थापना की गई थी।

  1. एनईआईए ऐसी परियोजनाओं को समर्थन देता है, जो वाणिज्यिक रूप से व्यवहार्य हो और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हों।
  2. भारत सरकार ने इसके लिए 4,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता तय की है और वास्तविक कॉर्पस की तुलना में 20 गुना अधिकतम देयता के लिए मंजूरी है।
  3. कई साल के दौरान भारत सरकार से मिला अंशदान 31 मार्च, 2021 तक 3,091 करोड़ रुपये हो गया था।
  4. शुरुआत से अब तक, एनईआईए 31 अगस्त, 2021 तक 53,000 करोड़ रुपये के समेकित परियोजना मूल्य के साथ 213 कवर दे चुका है।
  5. परियोजना निर्यात को संभव बनाने के मामले में इसका प्रभाव अफ्रीका और दक्षिण एशिया में सबसे महत्वपूर्ण रहा है।

 

इंस्टा जिज्ञासु:

क्या आप ‘निर्यात उत्पादों’ पर लगने वाले ‘संलग्न केंद्रीय, राज्य और स्थानीय शुल्कों या करों’ को वापस किए जाने संबंधी RoDTEP योजना के बारे में जानते हैं?

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. योजना के प्रमुख बिंदु
  2. पात्रता
  3. लाभ

मेंस लिंक:

राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता (NEIA) ट्रस्ट के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

मिशन इन्द्रधनुष 3.0


संदर्भ:

हाल ही में, 29 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के 250 जिलों में नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों के तहत गर्भवती महिलाओं और टीकाकरण से चूकने वाले बच्चों तक पहुंचने के लिए, ‘गहन मिशन इंद्रधनुष’ 3.0  (Intensified Mission Indradhanush – IMI 3.0) के 15 दिवसीय दो दौर आयोजित किए गए थे।

  • गहन मिशन इंद्रधनुष (IMI) 3.0 के दौरान लगभग 9.5 लाख बच्चों और 2.2 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
  • विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ‘गहन मिशन इंद्रधनुष 3.0’ का कार्यान्वयन शुरू किया जा चुका है।

गहन मिशन इंद्रधनुष (IMI) 3.0 के बारे में:

गहन मिशन इंद्रधनुष (आईएमआई) 3.0, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से वंचित या छूट गए बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचने के लिए एक अभियान है।

  • इसका उद्देश्य मिशन मोड में हस्तक्षेप के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पूर्ण टीकाकरण में तेजी लाना है।
  • इसका पहला चरण 22 फरवरी 2021 से 15 दिनों के लिए शुरू किया गया है।
  • यह अभियान देश के 29 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में पूर्व चिन्हित 250 जिलों/शहरी क्षेत्रों में चलाया जा रहा है।
  • इसके तहत, कोविड-19 के दौरान टीके की खुराक से वंचित रह गए प्रवासी व्यक्तियों और दुर्गम क्षेत्रों के लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

जिलों का वर्गीकरण:

आईएमआई 3.0 के लिए जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिलों को कम जोखिम वाले 313, मध्यम जोखिम वाले 152 और सबसे ज्यादा जोखिम वाले 250 जिलों में वर्गीकृत किया गया है।

‘मिशन इंद्रधनुष’ क्या है?

‘मिशन इंद्रधनुष’ की शुरुआत भारत सरकार द्वारा दिसंबर 2014 में की गई थी।

मिशन इंद्रधनुष का अंतिम लक्ष्य दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सभी उपलब्ध टीकों के साथ पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना है।

गहन मिशन इन्द्रधनुष (IMI):

टीकाकरण कार्यक्रम को और तीव्र करने हेतु, 8 अक्टूबर, 2017 को गहन इन्द्रधनुष मिशन (Intensified Mission Indradhanush- IMI) शुरू किया गया था।

  • इसका लक्ष्य, दो वर्ष तक की आयु तक के उन बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचने का है जो नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से वंचित रह गए या छूट गए हैं।
  • इस विशेष अभियान के तहत, दिसंबर 2018 तक 90% से अधिक पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने हेतु चुनिंदा जिलों और शहरों में टीकाकरण कवरेज में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

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गहन मिशन इंद्रधनुष (आईएमआई) 2.0:

‘इंटेंसिफाइड मिशन इन्द्रधनुष 2.0’ का आरंभ 31 अक्टूबर, 2019 को किया गया था।

  • इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था, कि देश में एक भी बच्चा टीकाकरण से नहीं छूटे।
  • इसके तहत “कम” टीकाकरण वाले क्षेत्रों में कवरेज के सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया था।
  • ‘आईएमआई 2.0’ के माध्यम से, स्वास्थ्य मंत्रालय का लक्ष्य देश के 271 जिलों में, दो साल से कम उम्र के प्रत्येक बच्चे और सभी गर्भवती महिलाओं – अभी भी कवर नहीं हैं/आंशिक रूप से कवर हैं- तक पहुंचना था।

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. मिशन इन्द्रधनुष के बारे में
  2. गहन इन्द्रधनुष मिशन क्या है?
  3. आईएमआई 0 क्या है?
  4. इन मिशनों के तहत लक्ष्य
  5. कवरेज

मेंस लिंक:

मिशन इन्द्रधनुष के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी।

 

विषय: महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र


संदर्भ:

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 3 दिसंबर को, फिन-टेक पर एक विचारशील नेतृत्वकारी मंच ‘इनफिनिटी फोरम’ (InFinity Forum) का उद्घाटन करेंगे।

  • इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के तत्वावधान में ‘अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण’ (IFSCA) द्वारा किया जा रहा है। आयोजन में GIFT -सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) और ब्लूमबर्ग सहयोग कर रहे हैं।
  • फोरम के पहले संस्करण में इंडोनीशिया, दक्षिण अफ्रीका और यूके साझीदार देश के रूप में भाग ले रहे हैं।

‘इनफिनिटी फोरम’ के बारे में:

इनफिनिटी फोरम (InFinity Forum), ‘अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण’ (IFSCA) की प्रमुख वित्तीय प्रौद्योगिकी और वैश्विक नेतृत्व के विचार-विमर्श का आयोजन है जहां दुनिया भर की समस्याओं, प्रगतिशील विचारों, नवीन तकनीकों की खोज और चर्चा की जाती है।

  • इनफिनिटी-फोरम के जरिये नीति, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व की जानी-मानी प्रतिभायें एक साथ आयेंगी तथा इस बात पर गहन विमर्श करेंगी, कि समावेशी विकास और सभी के लिए व्यापक रूप से लाभ पहुचाने हेतु प्रौद्योगिकी और नवाचार को फिन-टेक उद्योग में किस प्रकार इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • फोरम का एजेंडा‘बियॉन्ड’ (सर्वोच्च) विषय पर केंद्रित है। इसमें विभिन्न उप-विषय, जैसे ‘फिन-टेक बियॉन्ड बाऊंड्रीज,’(वित्त-प्रौद्योगिकी सर्वोच्च सीमा तक), फिन-टेक बियॉन्ड फाइनेन्स’(वित्त-प्रौद्योगिकी सर्वोच्च वित्त तक), आदि शामिल हैं।
  • फोरम में 70 से अधिक देश हिस्सा लेंगे।

IFSCA के बारे में:

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (International Financial Services Centres Authority – IFSCA) का मुख्यालय GIFT -सिटी, गांधीनगर, गुजरात में स्थित है।

  • इसकी स्थापना ‘अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम’, 2019 के तहत की गई थी।
  • यह संस्था भारत में वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों के नियमन तथा विकास के लिये एक एकीकृत प्राधिकार के रूप में काम करती है।
  • इस समय GIFT – IFSCA भारत में पहला अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है।

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) के बारे में:

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (International Financial Services Centres – IFSC) घरेलू अर्थव्यवस्था के अधिकार क्षेत्र से बाहर के ग्राहकों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

  • IFSC, सीमा-पारीय वित्त प्रवाह, वित्तीय उत्पादों और सेवाओं से संबंधित होते हैं।
  • लंदन, न्यूयॉर्क और सिंगापुर को वैश्विक वित्तीय केंद्रों के रूप में गिना जा सकता है।

IFSC द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं:

  • व्यक्तियों, निगमों और सरकारों के लिए फंड जुटाने हेतु सेवाएं।
  • पेंशन फंड्स, इंश्योरेंस कंपनियों और म्यूचुअल फंड्स द्वारा परिसंपत्ति प्रबंधन (Asset management) और ग्लोबल पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन (Global Portfolio Diversification)।
  • धन प्रबंधन (Wealth management)।
  • वैश्विक कर प्रबंधन और सीमा-पार कर देयता अनुकूलन (Cross-Border Tax Liability Optimization), जो वित्तीय बिचौलियों, लेखाकारों और कानूनी फर्मों के लिए एक व्यावसायिक अवसर प्रदान करते है।
  • वैश्विक और क्षेत्रीय कॉरपोरेट ट्रेजरी प्रबंधन संचालन, जिसमें, फंड जुटाना, तरलता निवेश और प्रबंधन और परिसंपत्ति-देयता मिलान करना सम्मिलित होता है।
  • बीमा और पुनर्बीमा जैसे जोखिम प्रबंधन कार्य।
  • अंतर-राष्ट्रीय निगमों के मध्य विलय और अधिग्रहण संबंधी गतिविधियाँ।

क्या IFSC को विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में स्थापित किया जा सकता है?

SEZ एक्ट, 2005 में केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदन के पश्चात बाद किसी ‘विशेष आर्थिक क्षेत्र (Special Economic Zone- SEZ) में अथवा SEZ के रूप में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) स्थापित करने की अनुमति दी गयी है।

भारत में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र:

भारत में पहला अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC)  गांधीनगर में गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (Gujarat International Finance Tec-City)- GIFT सिटी में स्थापित किया गया है।

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. IFSCs क्या होते हैं?
  2. क्या IFSC को SEZ में स्थापित किया जा सकता है?
  3. भारत का पहला IFSC
  4. IFSC द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं?
  5. IFSC की सीमाएं
  6. IOSCO के बारे में

मेंस लिंक:

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (IFSC)  के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

5 जी टेक्नोलॉजी


(5G technology)

संदर्भ:

हाल ही में जारी ‘एरिक्सन मोबिलिटी रिपोर्ट’ के अनुसार:

  • वर्ष 2027 के अंत तक भारत में पांचवीं पीढ़ी की दूरसंचार सेवाओं के मोबाइल सेवा उपयोगकर्ताओं की संख्या 39% या लगभग 500 मिलियन होने की संभावना है।
  • वर्ष 2021 के अंत तक स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की कुल संख्या 810 मिलियन होने की उम्मीद है और वर्ष 2027 तक 7% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़कर 2 बिलियन से अधिक होने का अनुमान है।
  • 2021 में, 68% व्यक्ति 4G सेवा का उपयोग करते है, मोबाइल सेवा उपयोगकर्ताओं के 5G सेवा अपनाने की वजह से वर्ष 2027 में इनकी संख्या 55% रह जाने की उम्मीद है।

5G क्या है?

5G तकनीक, मोबाइल ब्रॉडबैंड की अगली पीढ़ी है। यह तकनीक अंततः 4G LTE कनेक्शन को प्रतिस्थापित करेगी या इसमें महत्वपूर्ण वृद्धि करेगी।

5G तकनीक की विशेषताएं और लाभ:

  1. यह तकनीक, ‘मिलीमीटर वेव स्पेक्ट्रम’ (30-300 गीगाहर्ट्ज़) पर कार्य करती है, जिसके द्वारा काफी बड़ी मात्रा में डेटा को बहुत तेज गति से भेजा जा सकता है।
  2. 5G तकनीक, तीन बैंड्स अर्थात् निम्न, मध्य और उच्च आवृत्ति स्पेक्ट्रम में काम करती है।
  3. मल्टी-जीबीपीएस ट्रान्सफर रेट तथा अत्याधिक कम विलंबता (ultra-low latency), 5G तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की ताकत का उपयोग करने वाली एप्लीकेशंस का समर्थन करेगी।
  4. 5G नेटवर्क की बढ़ी हुई क्षमता, लोड स्पाइक्स के प्रभाव को कम कर सकती है, जैसे कि खेल आयोजनों और समाचार कार्यक्रमों के दौरान होती है।

5g

 

प्रौद्योगिकी का महत्व:

भारत की राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति 2018 में 5G के महत्व पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें कहा गया है कि एक वृद्धिशील स्टार्ट-अप समुदाय सहित 5G, क्लाउड, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और डेटा एनालिटिक्स, अवसरों के एक नए क्षितिज को खोलने तथा डिजिटल जुड़ाव को तीव्र एवं गहन करने का वादा करता है।

5G से होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिम:

  • आज तक, और बहुत सारे शोध किए जाने के बाद, वायरलेस तकनीकों के संपर्क में आने से स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के बारे में पता नहीं लगा है।
  • ‘ऊतक तापन’ (Tissue heating), रेडियोफ्रीक्वेंसी क्षेत्रों और मानव शरीर के बीच अंतःक्रिया का मुख्य तंत्र होता है। वर्तमान प्रौद्योगिकियों से रेडियोफ्रीक्वेंसी स्तर के संपर्क में आने से मानव शरीर के तापमान में नगण्य वृद्धि होती है।
  • जैसे-जैसे रेडियो आवृत्ति बढ़ती है, शरीर के ऊतकों में इसका प्रवेश कम होता जाता है और ऊर्जा का अवशोषण शरीर की सतह (त्वचा और आंख) तक सीमित हो जाता है।
  • यदि, समग्र रेडियोफ्रीक्वेंसी स्तर का संपर्क अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों से नीचे रहता है, तो, सार्वजनिक स्वास्थ्य पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है।

‘अंतर्राष्ट्रीय एक्सपोजर दिशानिर्देश’ क्या हैं?

विद्युत चुम्बकीय क्षेत्रों हेतु एक्सपोजर दिशानिर्देश, दो अंतरराष्ट्रीय निकायों द्वारा तैयार किये जाते हैं। वर्तमान में इनके द्वारा सुझाए गए दिशानिर्देशों का कई देश पालन करते हैं:

  1. अंतर्राष्ट्रीय गैर-आयनीकरण विकिरण संरक्षण आयोग (International Commission on Non-Ionizing Radiation Protection)
  2. अंतर्राष्ट्रीय विद्युत चुम्बकीय सुरक्षा समिति के माध्यम से ‘विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स संस्थान’ (Institute of Electrical and Electronics Engineers)
  3. These guidelines are not technology-specific. They cover radiofrequencies up to 300 GHz, including the frequencies under discussion for 5G.

ये दिशानिर्देश, प्रौद्योगिकी-विशिष्ट नहीं होते हैं। इनके द्वारा 300 GHz तक की रेडियोफ्रीक्वेंसी को कवर किया जाता है, जिसमे 5G तकनीक संबंधी आवृत्तियां भी शामिल होती हैं।

अंतर्राष्ट्रीय प्रयास– ‘अंतर्राष्ट्रीय विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र (EMF) परियोजना’:

WHO द्वारा वर्ष 1996 में एक ‘अंतर्राष्ट्रीय विद्युतचुंबकीय क्षेत्र’ (International Electromagnetic Fields -EMF) परियोजना की स्थापना की गई थी। यह परियोजना 0-300 गीगाहर्ट्ज़ आवृत्ति रेंज में बिजली और चुंबकीय क्षेत्रों के संपर्क में आने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव की जांच करती है और EMF विकिरण संरक्षण पर राष्ट्रीय अधिकारियों को सलाह देती है।

 

इंस्टा जिज्ञासु:

क्या भारत 5G सेवाओं को शुरू करने (रोल-आउट) के लिए तैयार है?

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. 5G क्या है?
  2. 3G, 4G और 5G के बीच अंतर।
  3. अनुप्रयोग
  4. ‘स्पेक्ट्रम’ क्या होता है?
  5. EMF परियोजना के बारे में।

मेंस लिंक:

5G तकनीक के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू।

 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

पार्कर सोलर प्रोब


(Parker Solar Probe)

संदर्भ:

हाल ही में, नासा का ‘पार्कर सोलर प्रोब’ (Parker Solar Probe) सूर्य के बेहद करीब से होकर गुजरा था। ‘सोलर प्रोब’ सूर्य की सतह से मात्र 5.3 मिलियन मील दूरी पर 363,660 मील प्रति घंटे की हास्यास्पद गति से गुजरा। इसके बाद, ‘पार्कर सोलर प्रोब’ इतनी तीव्र गति से गति करने वाला अब तक की सबसे तीव्र कृत्रिम वस्तु बन गया है।

इसके अतिरिक्त, पार्कर सोलर प्रोब ने सूर्य के सर्वाधिक नजदीक से गुजरने और सही-सलामत रहने संबंधी उपग्रहों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

इसके बाद:

‘पार्कर सोलर प्रोब’ अपनी कक्षा में परिभ्रमण जारी रखेगा और तेजी से सूर्य के करीब पहुंचता जाएगा, अंततः सूर्य की सतह से 4.3 मिलियन मील के भीतर 430, 000 मील प्रति घंटे की गति से परिभ्रमण करेगा।

  • हर बार सूर्य के समीप से गुजरने पर ‘पार्कर सोलर प्रोब’ हमारे तारे के बारे में मूल्यवान डेटा एकत्र करता है और इस जानकारी को वापस पृथ्वी पर वैज्ञानिकों के लिए प्रेषित करता है।
  • ‘पार्कर सोलर प्रोब’ द्वारा मुख्य रूप से, सौर हवा के बारे में जानकारी, और क्षेत्र में धूल के कणों की मात्रा के बारे आंकड़े एकत्र किए जाते हैं।

current affairs

 

‘पार्कर सोलर प्रोब मिशन’ के बारे में:

  • नासा का ऐतिहासिक पार्कर सोलर प्रोब मिशन सूर्य के बारे में अब तक ज्ञात जानकारी में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा, जहाँ पर बदलती हुई परिस्थितियां, पृथ्वी तथा अन्य दुनियाओं को प्रभावित करती हुई संपूर्ण सौर प्रणाली में प्रसारित होती है।
  • पार्कर सोलर प्रोब, किसी भी अंतरिक्ष यान की तुलना में, अत्याधिक ताप एवं विकिरण का सामना करते हुए सूर्य की सतह से सर्वाधिक नजदीक से होकर सूर्य के वायुमंडल से गुजरेगा और अंततः मानवता के लिए तारे का अब तक सबसे निकटतम पर्यवेक्षण प्रदान करेगा।

पार्कर सोलर प्रोब की यात्रा:

  • सूर्य के वातावरण के रहस्यों को उजागर करने के क्रम में, पार्कर सोलर प्रोब लगभग सात वर्षों में सात परिभ्रमणों के दौरान शुक्र के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करेगा तथा धीरे-धीरे अपनी कक्षा को सूर्य के नजदीक स्थापित करेगा।
  • पार्कर सोलर प्रोब अंतरिक्ष यान, सूर्य की सतह से 9 मिलियन मील की दूरी पर और बुध ग्रह की कक्षा के भीतर से से होकर सूर्य के वायुमंडल से गुजरेगा।

मिशन का लक्ष्य:

पार्कर सोलर प्रोब के तीन विस्तृत वैज्ञानिक उद्देश्य हैं:

  1. सौर कोरोना और सौर हवा को गर्म करने और गति प्रदान करने वाली ऊर्जा के प्रवाह का पता लगाना।
  2. सौर हवा के स्रोतों पर प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र की संरचना और गतिशीलता का निर्धारण करना।
  3. ऊर्जा कणों को गति प्रदान करने और इनका परिवहन करने वाली प्रणाली का अन्वेषण करना।

 

इंस्टा जिज्ञासु:

क्या आप राशिचक्रीय मेघ’ (Zodiacal Cloud) के बारे में जानते हैं?

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. पार्कर सोलर प्रोब के बारे में
  2. सोलर फ्लेयर्स क्या हैं?
  3. सूर्य का कोरोना
  4. पृथ्वी और शुक्र ग्रह की संरचना में अंतर
  5. रेडियो तरंगें क्या होती हैं?

मेंस लिंक:

सोलर फ्लेयर्स पृथ्वी के पर्यावरण को किस प्रकार प्रभावित करती हैं? चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू।

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


बारबाडोस

हाल ही में, बारबाडोस (Barbados) में आधिकारिक तौर पर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अपने राज्य के प्रमुख के रूप में हटा दिया गया है।

  • इसके साथ ही, बारबाडोस, ब्रिटिश उपनिवेश बनने के लगभग 400 साल बाद दुनिया का सबसे नया गणराज्य बन गया है।
  • हालांकि, बारबाडोस 54 राष्ट्रमंडल देशों में से शामिल रहेगा।

बारबाडोस के बारे में:

बारबाडोस दक्षिण-पूर्वी कैरेबियन सागर में स्थित एक छोटा सा द्वीपीय देश है।

पराग अग्रवाल

सोशल मीडिया दिग्गज ‘ट्विटर’ के सह-संस्थापक जैक डोर्सी के पद छोड़ने के बाद भारतीय मूल के ‘प्रौद्योगिकी कार्यकारी’ पराग अग्रवाल को ट्विटर का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया।


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