[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 2 दिसंबर 2021

 

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ।

1. ग्रीष्म लहर के रूप में वर्गीकृत होने वाली स्थितियों के लिए क्या मानदंड हैं? भारत ग्रीष्म लहर के बढ़ते मामलों का सामना क्यों कर रहा है? विश्लेषण कीजिए। ग्रीष्म लहर की स्थिति के शमन के क्या उपाय हैं? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ग्रीष्म लहर को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

ग्रीष्म लहर के मानदंडों का उल्लेख कीजिए।

भारत में ग्रीष्म लहरों के पीछे के कारणों का उल्लेख कीजिए।

अल्पावधिक एवं दीर्घावधिक ग्रीष्म लहर स्थितियों के शमन के तरीकों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

ग्रीष्म लहरों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अत्यधिक तत्परता से कार्य करने की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।

2. बढ़ते वैश्विक तापमान के परिणामस्वरूप तूफान एवं भारी वर्षा होती है लेकिन विरोधाभासी रूप से अधिक तीव्र शुष्क अवधि भी होती है क्योंकि भूमि से अधिकाधिक जल वाष्पित हो जाता है और वैश्विक मौसम पैटर्न परिवर्तित हो जाता है। इस विरोधाभास को दूर करने के लिए आवश्यक कदमों की चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में चरम मौसमी घटनाएं कैसे बढ़ रही हैं? संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

प्रासंगिक उदाहरण एवं तथ्य प्रस्तुत कीजिए।

चरम मौसमी घटनाओं, विशेष रूप से बाढ़ एवं सूखे के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए।

अपने उत्तर की पुष्टि के लिए प्रासंगिक तथ्य प्रस्तुत कीजिए।

चरम मौसमी घटनाओं में वृद्धि के लिए उत्तरदायी कारकों पर प्रकाश डालिए एवं हमारे देश एवं विश्व पर इसके पड़ने वाले प्रभावों पर प्रकाश डालिए।

सूखे एवं बाढ़ के इस जलवायु विरोधाभास को दूर करने के लिए समाधान प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सामाजिक सशक्तिकरण।

3. महिलाओं की श्रम शक्ति में भाग लेने की क्षमता विभिन्न आर्थिक एवं सामाजिक कारकों का परिणाम है, जो एक जटिल व्यवहार में अंतःक्रिया करते हैं। जांच कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उच्च विकास के बावजूद भारत में महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर (FLFPR) में कमी के संबंध में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

महिला श्रम बल भागीदारी दर (FLFPR) में कमी के आर्थिक कारणों का उल्लेख कीजिए।

महिला श्रम बल भागीदारी दर (FLFPR) में कमी के सामाजिक कारणों का उल्लेख कीजिए।

इन्हें नियंत्रित करने के लिए उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), यदि उचित रूप से लागू की जाती है तो इसमें महामारी से होने वाली अधिगम की अत्यधिक क्षति की भरपाई करने की क्षमता है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Live Mint

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), इसके लक्ष्यों एवं उद्देश्यों का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

अधिगम के परिणामों पर महामारी के प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

उपर्युक्त की पुष्टि के लिए हाल की ASER रिपोर्ट का उपयोग कीजिए।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रमुख घटकों का उल्लेख कीजिए।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के कुछ पहलू शिक्षा को फिर से पटरी पर लाने में कैसे सहायक हैं? समझाइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

5. भारत ने एचआईवी की घटनाओं को कम किया है लेकिन उसे इस सामाजिक कलंक को दूर करने एवं प्रभावित लोगों द्वारा सामना की जाने वाली असमानताओं से निपटने के लिए और अधिक प्रयास करना चाहिए। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: New Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत ने एड्स के विरुद्ध अपनी लड़ाई में जो प्रगति हासिल की है, उस पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

एड्स के विरुद्ध युद्ध में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए।

आवास, रोजगार, अपने परिवार आदि में एड्स से पीड़ित लोगों द्वारा सामना किए जाने वाले अंतहीन कलंक के बारे में उल्लेख कीजिए।

उनके द्वारा सामना की जाने वाली विभिन्न असमानताओं का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

एड्स के प्रति कलंक को समाप्त करने एवं असमानताओं को दूर करने के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

6. सरकार द्वारा अब तक किए गए उपायों के साथ-साथ वृद्धि में सुधार को बनाए रखने के लिए मांग सृजन के उद्देश्य से एक राजकोषीय समर्थन की भी आवश्यकता है। आलोचनात्मक टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

 सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विगत कुछ माह में मंदी के बाद वृद्धि में सुधार का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

महामारी से उत्पन्न आर्थिक संकट को दूर करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख कीजिए।

अर्थव्यवस्था में मांग सृजन सुनिश्चित करने के लिए राजकोषीय समर्थन की आवश्यकता के लिए तर्क प्रस्तुत कीजिए।

क्या ऐसा करना एक विवेकपूर्ण विचार है? जाँच कीजिए।

निष्कर्ष:

अपनी राय पर टिप्पणी करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: नैतिकता – निजी एवं सार्वजनिक संबंधों में।

7. एक प्रशासक के रूप में, नैतिकता यह जानना है कि आपको क्या करने का अधिकार है और क्या सही है। स्पष्ट कीजिए। (150 शब्द)

प्रश्न का स्तर: मध्यम

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रशासन के संबंध में नैतिकता को परिभाषित कीजिए एवं एक प्रशासक द्वारा अपने अधिकारों एवं सही कार्य करने के मध्य अंतर जानने की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए।

विषय वस्तु:  

एक प्रशासक के दृष्टिकोण से उद्धरण पर विस्तार से चर्चा कीजिए कि प्रशासक के लिए सही कार्य करना अनिवार्य क्यों है।

अपने उत्तर की पुष्टि के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

एक प्रशासक द्वारा किसी कार्रवाई को करने से पहले विचार करने योग्य मूल्यों, जैसे- अखंडता, निष्पक्षता एवं गैर-पक्षधरता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता एवं करुणा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालिए।

सही निर्णय लेने के लिए कुछ सिद्धांतों एवं बेंचमार्क का उल्लेख कीजिए, खासकर जब एक प्रशासक को नैतिक दुविधा का सामना करना पड़ता है। जैसे: गांधी का तिलिस्म आदि।

निष्कर्ष:

विशेष रूप से सत्ता में रहने वालों के लिए सही कार्य करने की आवश्यकता को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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