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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 29 नवम्बर 2021

 

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए)।

1. भारत में प्रमुख अधात्विक खनिजों के वितरण की व्याख्या कीजिए। खनन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने, उत्पादन बढ़ाने तथा उत्तरदायी एवं टिकाऊ खनन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए राष्ट्रीय खनिज नीति, 2019 का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: एनसीईआरटी कक्षा – 12: भारतीय लोग एवं अर्थव्यवस्था।

निर्देशक शब्द:

 व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में अधात्विक खनिज एवं उनके महत्व का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

एक स्वच्छ मानचित्र के साथ प्रमुख अधात्विक खनिजों के वितरण पर प्रकाश डालिए।

नवीनतम राष्ट्रीय खनिज नीति, 2019 के प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख कीजिए तथा विकास को बढ़ावा देने तथा भारत के खनिज क्षेत्रों में सुधार करने के इसके उद्देश्यों पर चर्चा कीजिए।

समझाइए कि भारत का खनन क्षेत्र अवैध एवं अवैज्ञानिक खनन, पर्यावरण एवं वैधानिक प्रक्रिया उल्लंघन, खदान स्थलों में मृत्यु के मामलों में वृद्धि एवं इस क्षेत्र में निवेश की कमी सहित अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिये उत्तरदायी कारक।

2. साहित्य में आर्थिक विकास के चालकों के रूप में समूह उद्योगों का विश्लेषण किया गया है, क्योंकि ये उत्पादकता वृद्धि में योगदान देते हैं। उद्योगों के समूहन के कारणों की व्याख्या कीजिए? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: एनसीईआरटी कक्षा – 12: भारतीय लोग एवं अर्थव्यवस्था।

 निर्देशक शब्द:

 व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

समूह उद्योगों को परिभाषित करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में समूह उद्योगों के कुछ उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

आर्थिक विकास के चालकों के रूप में समूह उद्योगों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

उद्योगों के समूहन के लिए उत्तरदायी कारकों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

भारत एवं विश्व भर के उदाहरणों के साथ इनकी पुष्टि कीजिए।

निष्कर्ष:

विशेष रूप से शहरीकरण में उनकी भूमिका में समूह उद्योगों के समग्र महत्व को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।

3. 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के कारणों की जांच कीजिए। युद्ध में भारत की विजय के क्या कारण थे? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

पूर्वी एवं पश्चिमी पाकिस्तान के मध्य संघर्ष का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

युद्ध छिड़ने के कारणों का उल्लेख कीजिए।

भारत के युद्ध में शामिल होने के कारणों का उल्लेख कीजिए।

पाकिस्तान पर भारत की विजय के कारणों के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

परिणाम को वर्तमान समय से जोड़ें, जब बांग्लादेश ने अपने मुक्ति आंदोलन के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया है एवं निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग- गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका।

4. सहकारी समितियों की अवधारणा स्थानीय सामग्री एवं पारिवारिक श्रम का उपयोग करके बुनियादी ढांचे का निर्माण करने वाले समुदायों के विचार पर आधारित है, जो समावेशी विकास का एक महत्वपूर्ण घटक है। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सहकारी समितियों को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

स्थानीय व्यवसायियों/किसानों को बहु-मिलियन बाजार की मुख्यधारा से जोड़ने, वित्तपोषण, स्थानीय स्तर की नीतिगत वार्ता आदि के संदर्भ में सामूहिक मांग एवं आपूर्ति का लाभ उठाने के लिए सही मंच प्रदान करने तथा आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान को बढ़ावा देने में सहकारिता की भूमिका का उल्लेख कीजिए।

समझाइए कि यह स्थानीय हितों को भी बढ़ावा देगा एवं हमारी आत्म निर्भर रणनीति को संरेखित करेगा।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार के समर्थन के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहकारी मॉडल का अनुकरण किया जा सकता है।

 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

5. विपक्ष का यह कर्तव्य है कि वह संसद को समाज के उन क्षेत्रों की भावनाओं से अवगत कराए जिनके विचारों को अन्यथा अनदेखा किया जा सकता है अथवा सरकार उनसे अनजान है। लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका पर टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

लोकतंत्र में “विपक्ष” का क्या अर्थ है? परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका की विवेचना कीजिए।

समझाइए कि विपक्षी दल ऐसे राजनीतिक दल हैं, जो संसदीय बहुमत या सरकारी गठबंधन से संबंधित नहीं हैं और सरकारी कार्रवाई से संबंधित अपनी असहमति तथा आलोचनात्मक विचारों को आवाज देते हैं तथा कानूनी रूप से सत्ता के शांतिपूर्ण प्रयोग के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

विपक्षी दल संसद के अविभाज्य घटक हैं एवं वे खेल के नियमों के अनुसार कार्य करते हैं, सरकारी नीतियों एवं रचनात्मक आलोचना में उनके योगदान के साथ नियंत्रण और संतुलन को आश्वस्त करते हैं। विपक्ष से लोकतंत्र पूर्ण हो जाता है।

लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए प्रमुख उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

लोकतंत्र में विपक्ष के महत्व का सारांश प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन- संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।

6. कश्मीर में एक ऐसी रणनीति की तत्काल आवश्यकता है, जो तुच्छ राजनीतिक लाभ से परे सोच सकती है तथा सख्त एवं मृदु शक्ति के परिनियोजन के मध्य एक इष्टतम संतुलन बना सकती है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर में हाल के घटनाक्रमों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

उन प्रमुख मुद्दों की पहचान कीजिए, जिन्हें कश्मीर में हल करने की आवश्यकता है।

समस्या के प्रति कठोर शक्ति दृष्टिकोण का उल्लेख कीजिए।

समस्या के प्रति मृदु शक्ति दृष्टिकोण का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

दोनों के इष्टतम मिश्रण को प्राप्त करने की आवश्यकता के बारे में लिखते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा।

7. जब नैतिकता विधि के अनुरूप न हो, तो क्या प्रबल होना चाहिए – नैतिक सिद्धांत या विधि? (150 शब्द)

प्रश्न का स्तर: सरल

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नैतिकता एवं विधि के मध्य संबंध का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:  

दोनों के मध्य संघर्ष के कारणों के बारे में लिखिए।

उपरोक्त की सोदाहरण पुष्टि कीजिए।

निष्कर्ष:

यह रेखांकित करते हुए निष्कर्ष निकालिए कि नैतिकता विधि का आधार, पूर्व-शर्तों का निर्माण करती है।


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