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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 19 नवम्बर 2021

 

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए)।

1. अतीत की प्रमुख भूवैज्ञानिक घटनाओं ने प्रायद्वीपीय अपवाह प्रणाली को कैसे आकार दिया? समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Insights on India

निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रायद्वीपीय अपवाह प्रणाली का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

प्रायद्वीपीय अपवाह प्रणाली को प्रभावित करने वाले प्रमुख भूवैज्ञानिक कारकों को सूचीबद्ध कीजिए।

प्रायद्वीपीय नदी तंत्र की विशिष्ट विशेषताओं में प्रकट होने वाली इन घटनाओं के कारण उत्पन्न होने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

भारत के लिए प्रायद्वीपीय अपवाह के महत्व के बारे में लिखते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भौगोलिक विशेषताएँ एवं उनकी अवस्थिति- अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत एवं हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।

2. देश के लिए नदी जोड़ो परियोजनाएं एक बड़ी चुनौती हैं तथा साथ ही ये जल के मुद्दों को हल करने का अवसर भी हैं। समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में नदियों को परस्पर जोड़ने के उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

कुछ रिपोर्टों के अनुसार, यह एक अभियांत्रिक रामबाण औषधि है, जो कुछ भागों में सतत बाढ़ एवं अन्य भागों में जल की कमी को कम करने के अलावा देश में विद्युत की तीव्रता से बढ़ती आवश्यकता के लिए जलविद्युत उत्पादन की सुविधा प्रदान करेगी।

भारत में इन परियोजनाओं को आपस में जोड़ने के इतिहास की संक्षेप में चर्चा कीजिए। ऐसी नीतियों के सकारात्मक पहलुओं की व्याख्या कीजिए।

इनके दोषों पर चर्चा कीजिए।

इसकी सफलताओं एवं असफलताओं के उदाहरणों पर चर्चा कीजिए तथा सुझाव दीजिए कि क्या किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष:

एक निष्पक्ष एवं संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

3. शहरी गरीबों के लिए गरीबी विरोधी नीतियों के अभिकल्पन को समग्र शहरी नियोजन एवं संस्थागत ढांचे के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में शहरी गरीबों की संख्या के सन्दर्भ में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

शहरी क्षेत्रों में गरीबी के विभिन्न कारणों का उल्लेख कीजिए एवं समझाइए कि यह ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में बहुत अधिक गंभीर क्यों है।

भारत में शहरी गरीबों के उद्देश्य से अपनाए गए नीतिगत उपायों एवं उनकी सीमाओं के बारे में लिखिए।

उचित शहरी नियोजन एवं नीतियां भारत की शहरी गरीबी को कम करने में कैसे सहायता कर सकती हैं? समझाइए।

शहरी गरीबों की सहायता के लिए आवश्यक संस्थागत ढांचे के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

4. अमेरिका एवं चीन को अपने द्विपक्षीय संघर्षों पर ‘असहमत होने के लिए सहमत’ होना चाहिए तथा वैश्विक चुनौतियों के बीच विषमता को दूर करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। अमेरिका एवं चीन के मध्य हितों के अभिसरण को प्राप्त करने में भारत क्या भूमिका निभा सकता है? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Live Mint

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अमेरिका एवं चीन के सन्दर्भ में हाल के अशांत संबंधों का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

दोनों देशों के मध्य विभिन्न द्विपक्षीय तनावों का उल्लेख कीजिए।

वैश्विक चुनौतियों के लिए उचित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए साझा आधार खोजने की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए।

इस सन्दर्भ में भारत द्वारा निभाई जा सकने वाली सक्रिय भूमिका के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली।

5. जलवायु परिवर्तन एवं जल की कमी के युग में, सूक्ष्म सिंचाई फसल की उपज बढ़ाने एवं जल, उर्वरक तथा श्रम आवश्यकताओं को कम करने में सहायता कर सकती है। सूक्ष्म सिंचाई में शामिल मुद्दों का विश्लेषण कीजिए तथा उनके समाधान के उपाय सुझाएं। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

 सन्दर्भ:  Live Mint

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

जल की कमी एवं वर्तमान में हमारे द्वारा सामना किए जा रहे जल-संकट के सन्दर्भ में तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

सूक्ष्म सिंचाई क्या है? समझाइए।

भारत में सूक्ष्म सिंचाई उद्योग में उपस्थित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कीजिए।

उपर्युक्त मुद्दों को नियंत्रित करने के लिए उपाय सुझाएं।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन- संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।

6. विविधतापूर्ण सीमाओं का प्रबंधन एक जटिल कार्य है लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण है। प्रभावी सीमा प्रबंधन के लिए विभिन्न चुनौतियों एवं रणनीतियों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

 सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

इस तथ्य पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए कि भारत अनेक देशों के साथ सीमा साझा करता है। उनमें से कुछ देशों के साथ भारत के संबंध अच्छे नहीं हैं, जिससे सीमा प्रबंधन का कार्य चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

 विषय वस्तु:  

सीमा सुरक्षा के संबंध में शामिल चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

इन मुद्दों के समाधान एवं अपनी सीमाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए भारत द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

प्रभावी सीमा प्रबंधन रणनीति की आवश्यकता को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: केस स्टडी।

7. हालाँकि लोग यह जानते हैं कि दहेज एक अपराध है, फिर भी समाज में यह बुराई मौजूद है। हाल ही में दहेज प्रताड़ना की शिकायत के बाद एक युवती ने आत्महत्या कर ली। उसके मामले में, उसके द्वारा पति को भेजे गए वॉयस नोट सहित 102 गवाह एवं 53 साक्ष्य उपस्थित थे, जहां उसने अपने ससुराल वालों से होने वाली यातना के बारे में शिकायत की।

 सिर्फ वह ही नहीं बल्कि कई अन्य महिलाएं भी दहेज की धमकियों का सामना करती हैं और मर जाती हैं क्योंकि उनके परिवार दहेज की मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं होते हैं। अंतर यह है कि ऐसी घटनाएं प्रकाश में नहीं आतीं हैं क्योंकि पीड़ित इस सन्दर्भ में चुप रहने का फैसला करते हैं। 

शोध के अनुसार, विगत तीन वर्षों में, सजा की दर बहुत कम है और दुखद बात यह है कि इन मामलों में शायद ही कोई दोषी सिद्ध होता है।

 अनेक साक्षर एवं विकसित राज्यों में दहेज के मामलों की संख्या अधिक है। इससे पता चलता है कि साक्षरता की उच्च दर इस खतरे को रोकने में सक्षम नहीं है। उदाहरण के लिए, 96.2% साक्षरता दर वाला केरल भारत का सबसे साक्षर राज्य है। 2011 की जनगणना रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में पुरुष साक्षरता 96.11% एवं महिला साक्षरता 92.07% है। हालांकि, केरल के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के विरोधाभासों द्वारा प्रकाशित एक सांख्यिकी रिपोर्ट से पता चला है कि राज्य में दहेज से संबंधित मौतों के मामले आसमान छू रहे हैं। (250 शब्द)

 1. हमारे समाज में दहेज की इतनी गहरी पैठ क्यों है?

2. इसका सामना करने के लिए किन उपायों की आवश्यकता है?

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में दहेज की अवैध प्रथा की गहरी पैठ का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

इसके उन्मूलन के उद्देश्य एवं विभिन्न कदमों के बारे में लिखिए। दहेज अभी भी हमारे समाज में इतनी गहरी जड़ें क्यों जमा चुका है? समझाइए।

महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने, जागरूकता पैदा करने, दोषी पक्ष को जवाबदेह ठहराने एवं दोषसिद्धि की दर को बढ़ाकर दहेज से निपटने के तरीकों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

हमारे समाज को दहेज से मुक्त करने की आवश्यकता का सारांश प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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