Print Friendly, PDF & Email

[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 11 नवम्बर 2021

 

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए)।

1. भारत में रेशम उद्योग की अवस्थिति को निर्धारित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं? 19वीं शताब्दी से वर्तमान समय तक इन उद्योगों की अवस्थिति में हुए परिवर्तनों का संक्षेप में वर्णन कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

निर्देशक शब्द:

 वर्णन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में रेशम उद्योग की वर्तमान अवस्थिति का संक्षेप में उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

रेशम उद्योग की अवस्थिति को निर्धारित करने वाले कारकों की व्याख्या कीजिए।

इसके प्रमुख कारकों पर टिप्पणी कीजिए।

स्थान में परिवर्तनों के कारणों पर प्रकाश डालिए। प्रौद्योगिकी, विज्ञान में उन्नति आदि जैसे कारकों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

देश में उद्योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिये उत्तरदायी कारक।

2. विश्व के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों की अवस्थिति के लिए उत्तरदायी गैर-भौगोलिक कारकों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यह समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों की अवस्थिति प्रकृति में जटिल है।

 विषय वस्तु:

इसके गैर-भौगोलिक कारकों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

उत्तर के औचित्यीकरण के लिए भारत एवं विश्व भर से प्रासंगिक उदाहरणों को उद्धृत कीजिए।

 निष्कर्ष:

उपरोक्त के महत्व को संक्षेप में बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

3. बढ़ते शहरीकरण एवं स्मार्ट शहरों के प्रतिमान के साथ, शहरों में आग की दुर्घटनाओं के मुद्दों को संबोधित करने के लिए भारत के राष्ट्रीय भवन संहिता, 2016 में एक सुधार की आवश्यकता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Live Mint , The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

शहरी क्षेत्रों में आग के खतरों के कारणों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

आग से बचाव, इमारतों की आग से सुरक्षा आदि के संबंध में जीवन सुरक्षा आदि पर भारतीय राष्ट्रीय भवन संहिता, 2016 की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

संहिता की कमियों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि किसी भी निर्माण से पहले जोखिम का आकलन किया जाना चाहिए एवं कठोर जांच तथा संतुलन के साथ पर्याप्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन।

4. धारणीय सामुदायिक संपत्ति के निर्माण के लिए एमपीलैड (MPLAD) कार्यक्रम एवं प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के प्रभावी विकास के लिए इसकी विशेषताओं पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

एमपीलैड (MPLAD) कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

एमपीलैड (MPLAD) कार्यक्रम का उपयोग करके सामुदायिक संपत्ति के निर्माण के उदाहरणों का उल्लेख कीजिए।

प्रत्येक सांसद को निधियों के आवंटन एवं उनके संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए ऐसी निधियों के उपयोग के मानदंडों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि एमपीलैड (MPLAD) कार्यक्रम सांसदों को उनके निर्वाचन क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं एवं मांगों को पूरा करने में सहायता करती है एवं ऐसी परियोजनाओं की ओर त्वरित ध्यान देने की सुविधा प्रदान करती है।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

5. विमुद्रीकरण के घोषित उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफलताओं एवं विफलताओं पर आलोचनात्मक टिप्पणी कीजिए। क्या यह वास्तव में एक आत्म-प्रवृत्त सदमा था? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विमुद्रीकरण के प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

दिए गए तर्क पर चर्चा कीजिए, जो यह दर्शाता है कि काले धन से निपटने में विमुद्रीकरण मामूली रूप से सफल रहा है।

काले धन से निपटने में विमुद्रीकरण एक घोर विफलता सिद्ध क्यों हुई? चर्चा कीजिए।

क्या यह एक आत्म-प्रवृत्त सदमा था? जाँच कीजिए।

निष्कर्ष:

विमुद्रीकरण पर एक निष्पक्ष एवं संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।

6. वैश्वीकरण ने उन समाजों में मांस के उपभोग के पैटर्न को बढ़ाने की प्रवृत्ति को जन्म दिया है जो पारंपरिक रूप से शाकाहारी हुआ करते थे। इस नवीन प्रवृत्ति के जलवायु प्रभाव का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

 सन्दर्भ: Down to Earth

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वर्तमान संदर्भ में मांस के सेवन से संबंधित तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

मांस के उपभोग में वृद्धि के प्रभावों के बारे में लिखिए।

नवीन प्रवृत्ति के जलवायु प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

अपने आहार को उसके कार्बन फुटप्रिंट के संदर्भ में भी देखने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: सिविल सेवा के लिये अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमज़ोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।

7. सत्यनिष्ठा से तात्पर्य आपके विश्वासों के प्रति निष्ठा से नहीं है। यह सत्य की खोज के प्रति निष्ठा है। टिप्पणी कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सत्यनिष्ठा को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

सत्यनिष्ठा के विभिन्न आयामों के बारे में लिखिए।

मूल्य के उद्देश्य के लिए मूल्य को अपने आप में बनाए रखना महत्वपूर्ण क्यों है? उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

उत्तर के मुख्य भाग में प्रस्तुत पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।


Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates

Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos