[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 1 नवम्बर 2021

 

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन- I


 

विषय: विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ।

1. कोपेन वर्गीकरण प्रणाली विश्व में सबसे सामान्य जलवायु वर्गीकरण प्रणालियों में से एक है। वर्गीकरण के मानदंड एवं इसकी कमियों की व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Insights on India

निर्देशक शब्द:

 व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कोपेन द्वारा प्रस्तुत जलवायु के वर्गीकरण की व्यापक प्रकृति के बारे में संक्षेप में बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

वर्गीकरण को विस्तार से समझाइए- विश्व जलवायु की एक तालिका बनाइए एवं चित्रण उद्देश्यों के लिए एक मानचित्र भी प्रस्तुत कीजिए।

कोपेन जलवायु वर्गीकरण योजना के लाभों पर प्रकाश डालिए।

इसकी सीमाओं की चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

यह उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए कि ऊपर चर्चा की गई सीमाओं के बावजूद, यह सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली जलवायु वर्गीकरण योजनाओं में से एक है, हालांकि संशोधनों के साथ।

 

विषय: विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ।

2. सवाना प्रकार की जलवायु पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण क्यों है? सवाना जीवोम के लिए विभिन्न खतरों की जांच कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उष्णकटिबंधीय सवाना या घास के मैदानों के बारे में संक्षेप में बताइए कि वे उष्णकटिबंधीय आर्द्र एवं शुष्क जलवायु प्रकार से सम्बंधित हैं।

 विषय वस्तु:

उल्लेख कीजिए कि सवाना जलवायु विविध वनस्पति प्रदान करती है।

विभिन्न सवाना क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए एवं समझाइए कि कैसे वे अपनी पारिस्थितिकी को अलग तरह से प्रभावित करते हैं।

जलभराव, आग, सूखा, अतिचारण आदि जैसे विभिन्न खतरों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि जलवायु परिवर्तन के वर्तमान संदर्भ में सवाना के सामने आने वाले खतरों को दूर करना एवं पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग- गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका।

3. राष्ट्रीय विकास की दिशा में एक आर्थिक चालक के रूप में सहकारी समितियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Hindustan Times

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

एक सहकारी समिति के रूप में अमूल के सफल मॉडल का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

स्थानीय व्यवसायियों/किसानों को बहु-मिलियन बाजार की मुख्यधारा से जोड़ने, वित्तपोषण, स्थानीय स्तर की नीतिगत वार्ता आदि के संदर्भ में सामूहिक मांग और आपूर्ति के लाभों को प्राप्त करने के लिए सही मंच प्रदान करने और आर्थिक और सामाजिक उत्थान को बढ़ावा देने में सहकारिता की भूमिका का उल्लेख कीजिए।

समझाइए कि यह स्थानीय हितों को भी बढ़ावा देगा और हमारी आत्म निर्भर रणनीति को संरेखित करेगा।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रोत्साहन के साथ अमूल के सहकारी मॉडल को विभिन्न अन्य क्षेत्रों में अनुकरण किया जा सकता है।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

4. साक्ष्यों से पता चलता है कि स्वस्थ भोजन एवं बेहतर पोषण सीखने की क्षमता में सुधार करता है, जिससे बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन होता है। उपर्युक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के प्रदर्शन का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के बारे में लिखते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

स्वस्थ भोजन एवं पोषण सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में कैसे भूमिका निभाते हैं? उल्लेख कीजिए।

योजना के लाभों, विभिन्न सकारात्मक प्रभावों एवं सफलताओं आदि के बारे में लिखिए।

योजना की सीमाओं एवं योजना के कार्यान्वयन के प्रमुख मुद्दों का उल्लेख कीजिए।

नवीनतम परिवर्तनों के बारे में लिखिए। इसके विस्तारित क्षेत्र एवं आगे की राह पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

5. हाल के वर्षों में अनौपचारिक क्षेत्र के सिकुड़ने की प्रवृत्ति एवं इस नई प्रवृत्ति के साथ बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

 सन्दर्भ: Indian Express

निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अनौपचारिक क्षेत्र में “स्वयं के खाते” अथवा असंगठित उद्यम शामिल हैं, जो अपने व्यवसायों के लिए विशेष रूप से छोटे ग्रामीण किसानों को काम पर रखते हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था का लगभग 94% भाग हैं।

 विषय वस्तु:

उल्लेख कीजिए कि किसान क्रेडिट कार्ड और डिजिटलीकरण अभियान और पहल के साथ अनेक कृषि गतिविधियों को औपचारिक रूप दिया जा रहा है और साथ ही जीएसटी व्यवस्था ने छोटे व्यवसायों को औपचारिक रूप दिया है। यह एक सकारात्मक प्रवृत्ति है क्योंकि यह पैमाने की मितव्ययिता, प्रौद्योगिकी के उपयोग आदि का लाभ देगा।

अनौपचारिक क्षेत्र में कई लोगों के बेरोजगार होने के कारण के रूप में महामारी के कठोर प्रभाव का उल्लेख कीजिए।

यह सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत नीति की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए कि अनौपचारिक से औपचारिक क्षेत्र में व्यवसायों और कर्मचारियों में कौशल वृद्धि, वित्तपोषण पहल आदि के माध्यम से सुचारू रूप से संक्रमण हो।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

6. डॉल्फिन प्रोजेक्ट की घोषणा के साथ ही डॉल्फिन के संरक्षण को राष्ट्रीय महत्व दिया जा रहा है। जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में डॉल्फ़िन के महत्व एवं उनके सामने आने वाले खतरों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यह समझाते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए कि गंगा नदी डॉल्फ़िन राष्ट्रीय जलीय पशु है और सिंधु नदी डॉल्फ़िन को अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) द्वारा संकटग्रस्त के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

 विषय वस्तु:  

उल्लेख कीजिए कि जलीय जीवन नदी पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य का एक संकेतक है।

स्पष्ट कीजिए कि बांधों एवं बैराजों के निर्माण जैसे खतरों और बढ़ते प्रदूषण के कारण सामान्य रूप से नदियों में जलीय जानवरों और विशेष रूप से डॉल्फ़िन की आबादी में गिरावट आई है।

इसके संरक्षण के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए कीस्टोन प्रजातियों का संरक्षण महत्वपूर्ण है।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।

7. एक नैतिक प्रणाली के रूप में उपयोगितावाद की स्थायी लोकप्रियता के बावजूद हमारे दैनिक जीवन में कर्त्तव्यवाद शायद और भी अधिक स्पष्ट है। टिप्पणी कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: plato.stanford.edu

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कर्तव्यवाद नैतिकता एवं इसकी विशेषताओं को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

उपयोगितावाद अधिक स्वीकार्य एवं लोकप्रिय क्यों है? स्पष्ट कीजिए।

उपयोगितावाद की सीमाओं पर प्रकाश डालिए एवं समझाइए कि कैसे नियमों और कानूनों के आधार पर हमारे दैनिक जीवन में कर्तव्यवाद नैतिकता की अधिक नैतिक संवेदनशीलता है।

यह हमारे दैनिक जीवन का भाग कैसे है? उदाहरणों के साथ पुष्टि कीजिए।

निष्कर्ष:

अपने विचारों का संक्षिप्त सारांश प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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