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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 21 अक्टूबर 2021

 

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ।

1. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत को महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत से अधिक पूर्ण क्यों माना जाता है? जांच कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India

निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्लेट विवर्तनिकी एवं महाद्वीपों की गति तथा उन्हें समझाने के लिए प्रस्तुत किए गए विभिन्न सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के बारे में संक्षेप में लिखिए एवं संक्षेप में इसकी व्याख्या कीजिए।

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत, इसकी क्रियाविधि एवं इसने महाद्वीपों की गति की सफलतापूर्वक व्याख्या कैसे की, के बारे में लिखिए।

बेहतर प्रदर्शन के लिए छोटे एवं साफ-सुथरे आरेखों का प्रयोग कीजिए।

निष्कर्ष:

दोनों सिद्धांतों के सामान्य महत्व का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ।

2. समुद्र तल के प्रसार की अवधारणा को समझाइए। समुद्र तल के प्रसार से सम्बंधित भौगोलिक विशेषताएं क्या हैं? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

समुद्र तल प्रसार का वर्णन करते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

समुद्र तल प्रसार के उत्तरदायी कारकों की व्याख्या कीजिए।

इसमें शामिल क्रियाविधियों की व्याख्या कीजिए।

समुद्र तल प्रसार में शामिल प्रक्रियाओं को समझाने के लिए उपयुक्त आरेखों का प्रयोग कीजिए।

समुद्र तल प्रसार से सम्बंधित भौगोलिक विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष:

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत में महाद्वीपीय विस्थापन को समझाने में समुद्र तल प्रसार कैसे सहायक है, समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।

3. भारतीय LGBTQIA+ समुदाय के लिए समावेशी समाज वास्तव में एक दूर का सपना बना हुआ है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यह समझाते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए कि भले ही LGBTQIA+ लोगों को धारा 377 को समाप्त करके कानूनी समर्थन प्रदान किया गया हो लेकिन जब परिवार एवं समाज की इकाई के अंदर बुनियादी मानवाधिकारों की बात आती है तो वे अभी भी पदानुक्रम में सबसे नीचे हैं।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि LGBTQI+ समुदाय के संबंध में एक समावेशी समाज के लिए सोशल मीडिया अभियान एवं कॉर्पोरेट विज्ञापन केवल एक सीमित शहरी आबादी तक ही सीमित हैं। अनेक परिवार, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, होमोफोबिक एवं ट्रांसफोबिक होते हैं और अक्सर समुदाय के लोगों को किसी प्रकार का मनोवैज्ञानिक विकार मानते हैं।

परिवारों के भीतर जबरन बलात्कार, यौन अभिविन्यास में बदलाव के लिए अस्पतालों में प्रवेश, चिकित्सा संस्थान द्वारा अन्य मनोवैज्ञानिक रूप से परेशान लोगों के साथ-साथ कुछ मनोवैज्ञानिक और यौन प्रयोग करने, वित्तीय असुरक्षा आदि के लिए आत्महत्या के उदाहरण, परित्यक्त जैसे मुद्दों का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

LGBTQIA+ समुदाय को मुख्यधारा में लाने का प्रयास करने वाले एवं वास्तव में समावेशी समाज का निर्माण करने वाले गैर सरकारी संगठनों एवं सहायता समूहों के कुछ उदाहरण प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

4. हमारे संविधान में महान व्यक्तित्वों एवं उनके दर्शन से प्रेरित आदर्श एवं मूल्य निहित हैं, जिन्होंने हमारे लोकतंत्र को समृद्ध किया है। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रस्तावना में निहित भारतीय संविधान के कुछ आदर्शों एवं मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

कुछ प्रमुख नेताओं के आदर्शों एवं मूल्यों पर प्रकाश डालिए। आप इसे संविधान के प्रासंगिक अनुच्छेदों से भी जोड़ सकते हैं।

 निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि संविधान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के आधार पर बनाया गया था एवं इसका एक बड़ा भाग हमारे नेताओं के आदर्शों के साथ-साथ हमारे समाज के लिए उपयुक्तता के आधार पर अन्य संविधानों से उधार लिया गया है।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

5. बेरोजगारी एवं रोजगार-रहित विकास का संकट चिंता का कारण है, जिसे शीघ्रातिशीघ्र हल किया जाना चाहिए। भारत महामारी के बाद के चरण में बेरोजगारी की वृद्धि से कैसे बच सकता है? जाँच कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

 सन्दर्भ: Indian Express

निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यह समझाते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए कि अत्यधिक स्वचालन विश्व स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के विनाश का कारण बन रहा है, विशेष रूप से महामारी के बाद के परिदृश्य में एवं रणनीतिक नीति हस्तक्षेप समय की आवश्यकता है।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि आर्थिक विकास का मॉडल श्रम पर पूंजी को प्राथमिकता देता है एवं इसप्रकार बेरोजगारी संकट को हल करने की संभावना नहीं है।

मानव श्रम को प्रतिस्थापित करने वाली प्रतिस्थापन प्रौद्योगिकियों जैसे 3डी प्रिंटर, एआई आदि का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

इस तथ्य पर बल दीजिए कि असंगठित क्षेत्र रोजगार सृजन में अत्यधिक योगदान देता है।इसके अलावा हमारे मौजूदा श्रम बल के उच्च अंत कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता एवं सामाजिक सुरक्षा आवश्यकताओं के साथ प्लेसमेंट के साथ नियोजित प्रशिक्षण एवं सेवा क्षेत्र आदि पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता समय की मांग है।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

6. भारत ने हरित गृह गैस उत्सर्जन से आर्थिक विकास को पृथक करने की दिशा में अपने प्रयासों में काफी प्रगति की है। क्या आपको लगता है कि भारत को 2050 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए? समालोचनात्मक जाँच कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक जाँच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की कुछ पहलों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

भारत को शुद्ध शून्य दृष्टिकोण क्यों अपनाना चाहिए? कुछ कारणों का उल्लेख कीजिए।

इसमें शामिल विभिन्न चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।

 निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि लंबे समय में सतत ऊर्जा उत्पादन के लिए स्वच्छ ऊर्जा स्रोत ही एकमात्र विकल्प है एवं इसे आक्रामक नीतिगत प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

 


सामान्य अध्ययनIV


 

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा।

7. भारत को मादक पदार्थों की लत को एक आपराधिक चुनौती के स्थान पर नैतिक एवं एक चिकित्सा खतरे के रूप में व्यवहार करने का दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि: लेक्सिकन प्रकाशन।

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यह समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि नशीले पदार्थों के खतरे का सामना करने के लिए प्रतिशोध एवं निवारक दृष्टिकोण की अवधारणा फलदायी नहीं रही है और इसके कारण नशीले पदार्थों का नेटवर्क भूमिगत रहा है।

 विषय वस्तु:  

इसकी प्रमुख समस्याओं का वर्णन कीजिए।

पुर्तगाल मॉडल की तर्ज पर नशामुक्ति के लिए एक मानवीय एवं प्रेरक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि मादक पदार्थों की लत के शिकार लोगों को दंडित करने के स्थान पर मानवाधिकार एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य को सम्भाषण का केंद्र बनाया जाना चाहिए।


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