HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
लाल और पीली मिट्टी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- लाल मिट्टी कम वर्षा वाले क्षेत्रों में क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों पर विकसित होती है।
- जब इसके कण सूक्ष्म होते हैं तो यह उपजाऊ होती हैं और जब कण मोटे होते हैं तो यह अनुपजाऊ होती है।
- यह नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस से भरपूर होती है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
- दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी भाग में निम्न वर्षा वाले क्षेत्रों में क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों पर लाल मृदा विकसित होती है। पश्चिमी घाट के पीडमोंट क्षेत्र के साथ, लंबे हिस्से पर लाल दोमट मृदा फैली हुई है।
- पीली और लाल मृदा ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों और मध्य गंगा मैदान के दक्षिणी भागों में भी पाई जाती है। क्रिस्टलीय और कायांतरित (मेटामॉर्फिक चट्टानों) में लोहे के व्यापक मात्रा के कारण मृदा लाल रंग की हो जाती है। जब यह हाइड्रेटेड रूप में होती है तो यह पीली दिखती है। सूक्ष्म कणों वाली लाल और पीली मृदा सामान्य रूप से उपजाऊ होती है, जबकि शुष्क ऊसर क्षेत्रों में पाई जाने वाली मोटे कणों वाली मृदा अनुपजाऊ होती है। इनमें सामान्यतः नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है।
Incorrect
उत्तर: a)
- दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी भाग में निम्न वर्षा वाले क्षेत्रों में क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों पर लाल मृदा विकसित होती है। पश्चिमी घाट के पीडमोंट क्षेत्र के साथ, लंबे हिस्से पर लाल दोमट मृदा फैली हुई है।
- पीली और लाल मृदा ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों और मध्य गंगा मैदान के दक्षिणी भागों में भी पाई जाती है। क्रिस्टलीय और कायांतरित (मेटामॉर्फिक चट्टानों) में लोहे के व्यापक मात्रा के कारण मृदा लाल रंग की हो जाती है। जब यह हाइड्रेटेड रूप में होती है तो यह पीली दिखती है। सूक्ष्म कणों वाली लाल और पीली मृदा सामान्य रूप से उपजाऊ होती है, जबकि शुष्क ऊसर क्षेत्रों में पाई जाने वाली मोटे कणों वाली मृदा अनुपजाऊ होती है। इनमें सामान्यतः नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है।
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Question 2 of 5
2. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- मरुस्थलीय क्षेत्रों में ब्लॉक और कणिकामय अधिक अपक्षय होता है।
- मरुस्थलीय क्षेत्रों में दैनिक तापमान अधिक होता है।
- ऊर्ध्वाधर संधि वाली चट्टानें ब्लॉक अपक्षय के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
मरुस्थलीय क्षेत्रों में तापमान में तेजी से बदलाव होने या पहाड़ों पर पाले की क्रिया के कारन ब्लॉक और कणिकामय अधिक अपक्षय होता है।
मरुस्थलीय क्षेत्रों में दिन के समय सूर्य के सीधे प्रकाश और रात में तीव्र विकिरण के कारण अधिक दैनिक तापमान पाया जाता है। परिणामस्वरूप चट्टानें क्रमिक रूप से फैलती और सिकुड़ती हैं।
चट्टानों का बार-बार विस्तार और संकुचन इन संधियों को ओर फैला देता है और बड़े-बड़े चट्टानी खंड अंततः कोणीय ब्लॉकों में टूट जाते हैं।
इस प्रक्रिया को ब्लॉक विघटन कहा जाता है। ऊर्ध्वाधर संधि वाली चट्टानें ब्लॉक अपक्षय के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। घुमावदार संधि वाली चट्टानें अपक्षयित हो जाती हैं।
यदि चट्टानों की दरारों में जल का रिसाव होता है, तो यह अंदर की ओर और अधिक दबाव डालता है जिसके परिणामस्वरूप चट्टाने टूट जाती हैं।
Incorrect
उत्तर: d)
मरुस्थलीय क्षेत्रों में तापमान में तेजी से बदलाव होने या पहाड़ों पर पाले की क्रिया के कारन ब्लॉक और कणिकामय अधिक अपक्षय होता है।
मरुस्थलीय क्षेत्रों में दिन के समय सूर्य के सीधे प्रकाश और रात में तीव्र विकिरण के कारण अधिक दैनिक तापमान पाया जाता है। परिणामस्वरूप चट्टानें क्रमिक रूप से फैलती और सिकुड़ती हैं।
चट्टानों का बार-बार विस्तार और संकुचन इन संधियों को ओर फैला देता है और बड़े-बड़े चट्टानी खंड अंततः कोणीय ब्लॉकों में टूट जाते हैं।
इस प्रक्रिया को ब्लॉक विघटन कहा जाता है। ऊर्ध्वाधर संधि वाली चट्टानें ब्लॉक अपक्षय के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। घुमावदार संधि वाली चट्टानें अपक्षयित हो जाती हैं।
यदि चट्टानों की दरारों में जल का रिसाव होता है, तो यह अंदर की ओर और अधिक दबाव डालता है जिसके परिणामस्वरूप चट्टाने टूट जाती हैं।
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Question 3 of 5
3. Question
निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया चट्टानों में खनिजों के संवर्धन में योगदान नहीं देती है?
- चट्टानों का अपक्षय
- नदियों की अपरदन और निक्षेपण क्रिया
सही उत्तर कूट चुनिए:
Correct
उत्तर: d)
कई निम्न-श्रेणी के अयस्कों का संवर्धन तब होता है जब इन मूल्यवान धातुओं के धातु युक्त विलय शिरा या अन्य निक्षेपों के साथ नीचे की ओर प्रवाहित हो जाते हैं और फिर उथली गहराई पर केंद्रित, बोनान्ज़ा ग्रेड डिपाजिट में पुन: अवक्षेपित हो जाते हैं।
इन समृद्ध निक्षेपों में से कुछ काफी वृहत होते हैं, जो लंबे समय तक अपक्षय के कारण बनते हैं।
प्राकृतिक संकेन्द्रण की यह प्रक्रिया के कारन समृद्ध अयस्क पिंडों का निर्माण होता है।
Incorrect
उत्तर: d)
कई निम्न-श्रेणी के अयस्कों का संवर्धन तब होता है जब इन मूल्यवान धातुओं के धातु युक्त विलय शिरा या अन्य निक्षेपों के साथ नीचे की ओर प्रवाहित हो जाते हैं और फिर उथली गहराई पर केंद्रित, बोनान्ज़ा ग्रेड डिपाजिट में पुन: अवक्षेपित हो जाते हैं।
इन समृद्ध निक्षेपों में से कुछ काफी वृहत होते हैं, जो लंबे समय तक अपक्षय के कारण बनते हैं।
प्राकृतिक संकेन्द्रण की यह प्रक्रिया के कारन समृद्ध अयस्क पिंडों का निर्माण होता है।
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Question 4 of 5
4. Question
डेल्टा निर्माण प्रक्रिया किन परिस्थितियों में अत्यधिक प्रभावित होती हैं
- तट पर बार-बार ज्वार भाटा का आना
- डेल्टा से संलग्न समुद्र का उथला होना
- नदी के मुहाने पर समकोण पर तीव्र धारा का प्रवाहित होना
सही उत्तर कूट चुनिए:
Correct
उत्तर: b)
डेल्टा के निर्माण के लिए निम्नलिखित परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं:
नदी के ऊपरी प्रवाह में सक्रिय क्षरण से प्राप्त बजरी, रेत और तलछट का डेल्टा के रूप में निक्षेपण होना। निम्न कटाव डेल्टा निर्माण में बाधा उत्पन करता है।
तट पर ज्वार की अनुपस्थिति होना।
डेल्टा के साथ समुद्र उथला होना चाहिए।
इसके अलावा, नदी के मुहाने पर समकोण पर कोई तीव्र धारा प्रवाहित नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह तलछट को हटा सकती है। नदी मार्ग बड़ी झील की अनुपस्थित होनी चाहिए।
Incorrect
उत्तर: b)
डेल्टा के निर्माण के लिए निम्नलिखित परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं:
नदी के ऊपरी प्रवाह में सक्रिय क्षरण से प्राप्त बजरी, रेत और तलछट का डेल्टा के रूप में निक्षेपण होना। निम्न कटाव डेल्टा निर्माण में बाधा उत्पन करता है।
तट पर ज्वार की अनुपस्थिति होना।
डेल्टा के साथ समुद्र उथला होना चाहिए।
इसके अलावा, नदी के मुहाने पर समकोण पर कोई तीव्र धारा प्रवाहित नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह तलछट को हटा सकती है। नदी मार्ग बड़ी झील की अनुपस्थित होनी चाहिए।
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Question 5 of 5
5. Question
कार्स्ट स्थलाकृति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- ये सामान्यतः कार्बोनेट चट्टानों में निर्मित होती हैं।
- ये स्थलाकृति केवल उष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण वातावरण में पाई जाती हैं।
- विश्व की आबादी का लगभग एक चौथाई हिस्सा कार्स्ट क्षेत्रों से आपूर्ति किए गए जल पर निर्भर करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: b)
कार्स्ट शब्द एक विशिष्ट स्थलाकृति का वर्णन करता है जो सतही जल या भूजल द्वारा अंतर्निहित घुलनशील चट्टानों के विघटन (रासायनिक विलयन भी कहा जाता है) को इंगित करता है। हालांकि ये आमतौर पर कार्बोनेट चट्टानों (चूना पत्थर और डोलोमाइट) से संबंधित है लेकिन अन्य अत्यधिक घुलनशील चट्टानें (जिप्सम और रॉक साल्ट) भी कार्स्ट क्षेत्रों में पाई जा सकती हैं।
पृथ्वी सतह के दस प्रतिशत हिस्से पर कार्स्ट स्थलाकृतियां पाई जाती हैं और विश्व की आबादी का एक चौथाई हिस्सा कार्स्ट क्षेत्रों से आपूर्ति किए गए जल पर निर्भर करता है। ये आर्द्र क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं जहां कार्बोनेट चट्टानें मौजूद है, लेकिन समशीतोष्ण, उष्णकटिबंधीय, अल्पाइन और ध्रुवीय वातावरण में भी पाई जाती हैं।
हालांकि कार्स्ट प्रक्रियाएं सुंदर परिदृश्यों का निर्माण करती हैं, लेकिन इससे भूजल प्रदूषण की समस्या हो सकती है।
Incorrect
उत्तर: b)
कार्स्ट शब्द एक विशिष्ट स्थलाकृति का वर्णन करता है जो सतही जल या भूजल द्वारा अंतर्निहित घुलनशील चट्टानों के विघटन (रासायनिक विलयन भी कहा जाता है) को इंगित करता है। हालांकि ये आमतौर पर कार्बोनेट चट्टानों (चूना पत्थर और डोलोमाइट) से संबंधित है लेकिन अन्य अत्यधिक घुलनशील चट्टानें (जिप्सम और रॉक साल्ट) भी कार्स्ट क्षेत्रों में पाई जा सकती हैं।
पृथ्वी सतह के दस प्रतिशत हिस्से पर कार्स्ट स्थलाकृतियां पाई जाती हैं और विश्व की आबादी का एक चौथाई हिस्सा कार्स्ट क्षेत्रों से आपूर्ति किए गए जल पर निर्भर करता है। ये आर्द्र क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं जहां कार्बोनेट चट्टानें मौजूद है, लेकिन समशीतोष्ण, उष्णकटिबंधीय, अल्पाइन और ध्रुवीय वातावरण में भी पाई जाती हैं।
हालांकि कार्स्ट प्रक्रियाएं सुंदर परिदृश्यों का निर्माण करती हैं, लेकिन इससे भूजल प्रदूषण की समस्या हो सकती है।
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