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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 6 अक्टूबर 2021

 

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


  

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

1. 1890 एवं प्रारंभिक 1900 का दशक न केवल भारत में बल्कि दक्षिण अफ्रीका में भी उदारवादी संघर्ष का दौर था। गांधीजी के दक्षिण अफ्रीका के अनुभव ने उन्हें भारत में नेतृत्व के लिए किन तरीकों से तैयार किया? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: आधुनिक भारत का संक्षिप्त इतिहास : राजीव अहीर (स्पेक्ट्रम प्रकाशक)

निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

गांधीजी के देश में आगमन के समय के आसपास दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ा? समझाते हुए अपने उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में संघर्ष के मध्यम चरण के दौरान उपयोग किए गए विरोध/संघर्ष के साधनों की सूची बनाएं।

अफ्रीका में रहते हुए गांधी द्वारा किए गए विभिन्न आंदोलनों का उल्लेख कीजिए। उनके प्रभावों पर प्रकाश डालिए।

सत्ता के खिलाफ भारतीयों का नेतृत्व करने में गांधजी द्वारा अपनाई गई कुछ सीखों पर प्रकाश डालिए (उदा: उन्होंने सीखा कि धार्मिक विविधता को कैसे संभालना है)।

निष्कर्ष:

गांधीजी जब भारत लौटे, तब तक वे कुछ नेताओं एवं जनता के मध्य कितने प्रसिद्ध थे?

बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विश्व का इतिहास, जिसमें 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप तथा समाज पर उनका प्रभाव शामिल होंगे।

2. स्वतंत्रता प्राप्त करने के बावजूद अफ्रीकी राज्यों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसने इसे राजनीतिक उथल-पुथल एवं आर्थिक पिछड़ेपन में डुबो दिया। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: आधुनिक विश्व का इतिहास: जैन एवं माथुर

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अफ्रीका में उपनिवेशवाद का विघटन एवं यह कैसे संपन्न हुआ, इसके बारे में लिखते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि स्वतंत्र अफ्रीकी राष्ट्रों के सामने आने वाली समस्याएं बहुत भिन्न नहीं थीं। सामान्य समस्याओं की सूची बनाएं एवं उदाहरणों का उपयोग कीजिए।

कुछ विशिष्ट समस्याओं का भी उल्लेख कीजिए, जिन्होंने भिन्न-भिन्न अफ्रीकी देशों (उदा: दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद, पश्चिमी अफ्रीका में गृह युद्ध, तानाशाहों के उद्भव आदि) को त्रस्त किया।

अफ्रीकी देशों पर उपरोक्त के प्रभावों का उल्लेख कीजिए एवं इसे वर्तमान समय से जोड़िए।

निष्कर्ष:

इस तथ्य पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए कि कैसे अफ्रीकी देश आज तक अपने औपनिवेशिक अतीत से प्रभावित हो रहे हैं।

 


सामान्य अध्ययनII


  

विषय: संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ।

3. जब स्थानीय निकायों के लिए नीति निर्माण आधुनिक तकनीक एवं आर्थिक विवेक से मिलती है, तब परिणामी उत्पाद स्वामित्व (SVAMVITA) योजना होती है। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

स्वामित्व (SVAMVITA) योजना के लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के बारे में संक्षेप में लिखते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति विवाद के सामान्य मुद्दों का उल्लेख कीजिए।

स्वामित्व (SVAMVITA) योजना की विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।

यह योजना ग्रामीण आबादी को ऋण एवं अन्य वित्तीय लाभ लेने के लिए अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग करने में कैसे सक्षम बनाएगी? उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

यह उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए कि यह योजना भूमि विवादों को हल करने के लिए स्थानीय शासन में सकारात्मक प्रोत्साहन प्रदान करेगी और वित्तीय उधार को बढ़ावा देकर आर्थिक गति भी प्रदान करेगी।

 


सामान्य अध्ययनIII


  

विषय: समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय।

4. सूक्ष्म वित्त एक वित्तीय प्रणाली नहीं है बल्कि देश से गरीबी को दूर करने एवं सामाजिक परिवर्तन लाने का एक उपकरण है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सूक्ष्मवित्त उद्योग की ऋण संरचना का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:

कुछ व्यवसाय या निवेश गतिविधि शुरू करने के लिए एवं बिना किसी संपार्श्विक के गरीबों को औपचारिक ऋण उधार संरचनाओं की कमी का वर्णन कीजिए।

महिलाओं को सशक्त बनाने में सूक्ष्म वित्त क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डालिए।

भारत एवं विदेशों में सूक्ष्मवित्तीयन के कुछ सफल मॉडलों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

यह उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए कि हमारी आबादी का एक बड़ा वर्ग गरीब है। अतः गरीबी को कम करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए वित्तपोषण का जमीनी स्तर का दृष्टिकोण एक बहुत ही आवश्यक रणनीति है।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

5. राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्संरचना कंपनी लिमिटेड (NARCL) की स्थापना का उद्देश्य क्या है एवं इसे बैड बैंक क्यों कहा जाता है? परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी के प्रभावी कामकाज के लिए आवश्यक कारकों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

 सन्दर्भ: moneycontrol.com

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वित्तीय संस्थानों में खराब ऋणों की स्थिति एवं वित्तीय संस्थानों के समग्र प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए ऐसे ऋणों को पृथक करने की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरूआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्संरचना कंपनी लिमिटेड (NARCL) की संरचना का वर्णन कीजिए एवं इसके अधिदेश का भी उल्लेख कीजिए, जो इसे एक बैड बैंक बनाता है।

विभिन्न वित्तीय संस्थानों पर फैले अशोध्य ऋणों के प्रभावों पर प्रकाश डालिए।

राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्संरचना कंपनी लिमिटेड (NARCL) के प्रभावी प्रदर्शन के लिए परिसंपत्तियों को संभालने के लिए सही प्रोत्साहन संरचना एवं एक अभिनव दृष्टिकोण के साथ सही टीम की आवश्यकता का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

यह समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए कि अशोध्य ऋणों के प्रभावी समाधान के लिए स्थानीय वास्तविकताओं एवं आवश्यकताओं के साथ वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का अनुकरण किया जाना चाहिए।

  

विषय: आंतरिक सुरक्षा के लिये चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्त्वों की भूमिका।

6. वर्तमान समय में भू-राजनीति स्थलीय एवं समुद्री सीमा से आगे बढ़ गई है एवं हाल ही में, बाह्य अंतरिक्ष में भी प्रमुखता से पाई गई है। बाह्य अंतरिक्ष के बढ़ते व्यावसायीकरण एवं सैन्यीकरण तथा इस पर भारत की प्रतिक्रिया पर आलोचनात्मक टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वैज्ञानिक एवं मानव अभियानों के माध्यम से बाह्य अंतरिक्ष में प्रभुत्व स्थापित करने के लिए राष्ट्रों के बीच दौड़ का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

चीन के आक्रामक अभियानों एवं अंतरिक्ष अन्वेषण में नवीन चीन-रूस सहयोग के कुछ उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

1967 की बाह्य अंतरिक्ष संधि एवं सभी मानव जाति के लाभ के लिए बाह्य अंतरिक्ष का दोहन करने के उसके लक्ष्य का उल्लेख कीजिए।

अंतरिक्ष की दौड़ के प्रति भारत के राजनयिक दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डालिए एवं कुछ उदाहरणों के माध्यम से भारत की स्वयं की वैज्ञानिक प्रगति एवं अभियानों के विकल्पों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

यह उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए कि बाह्य अंतरिक्ष संधि के सिद्धांत को कायम रखने वाला एक सामान्य नियामक दृष्टिकोण समय की आवश्यकता है।

 


सामान्य अध्ययनIV


  

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से प्राप्त शिक्षा।

7. निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है? (150 शब्द)

 “अधिकार पर नैतिकता स्थापित नहीं की जा सकती, भले ही वह अधिकार दैवीय हो”।

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उद्धरण का शाब्दिक अर्थ समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसके मूल अर्थ पर प्रकाश डालते हुए समझाइए कि नैतिकता अंदर से होनी चाहिए एवं उसे आरोपित नहीं किया जा सकता है।

नैतिकता के सिद्धांतों को आत्मसात करने के लिए सत्तावादी दृष्टिकोण की विफलता का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

वर्तमान समय में उद्धरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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