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[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 22 सितम्बर 2021

 

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


  

विषय: विश्व का इतिहास, जिसमें 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप तथा समाज पर उनका प्रभाव शामिल होंगे।

1. फ्रांसीसी क्रांति न केवल राजा की निरपेक्ष शक्ति के विरुद्ध एक लोकप्रिय विद्रोह था बल्कि अभिजात वर्ग के विशेषाधिकारों एवं सम्पति के विरुद्ध भी था। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

फ्रांसीसी क्रांति को संक्षेप में परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

फ्रांसीसी क्रांति के राजनीतिक कारणों का उल्लेख कीजिए।

फ्रांसीसी क्रांति के सामाजिक कारणों के बारे में लिखिए।

फ्रांसीसी क्रांति के अन्य कारणों (आर्थिक एवं बौद्धिक) का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

संक्षेप में बताइये कि उपरोक्त के संयुक्त प्रभाव के परिणामस्वरूप फ्रांसीसी क्रांति प्रारम्भ हुई एवं निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विश्व का इतिहास, जिसमें 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप तथा समाज पर उनका प्रभाव शामिल होंगे।

 2. यद्यपि यह अपने सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल रही एवं अनेक बार हिंसक हो गई लेकिन फ्रांसीसी क्रांति ने विश्व को लोगों की इच्छा में निहित शक्ति को दर्शाकर आधुनिक राष्ट्रों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ:  Insights on India

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

1789 की फ्रांसीसी क्रांति का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

फ्रांसीसी क्रांति के लक्ष्यों का उल्लेख कीजिए।

यह अपने सभी लक्ष्यों के साथ-साथ अपनी अन्य सीमाओं जैसे हिंसा, राजशाही की बहाली आदि को प्राप्त करने में सक्षम क्यों नहीं थी? समझाइए।

आधुनिक विश्व इतिहास पर फ्रांसीसी क्रांति के प्रभावों को विस्तार से समझाइए।

भारत पर फ्रांसीसी क्रांति के प्रभावों का भी उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

क्रांति के प्रभावों पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनII


  

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

3. कल्याणकारी राज्य की प्राप्ति के लिए समाज के कमजोर वर्गों का उत्थान करना एक संवैधानिक दायित्व है। इस कथन के आलोक में, क्या जाति आधारित जनगणना सामाजिक समता प्राप्त करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के लिए महत्वपूर्ण है? समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में कल्याणकारी राज्य प्राप्त करने के लिए विभिन्न संवैधानिक दायित्वों का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:

भारत में कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए किए गए उपायों का उल्लेख कीजिए।

भारत में जाति आधारित जनगणना का उल्लेख कीजिए।

जाति आधारित जनगणना के नकारात्मक पहलुओं के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIII


  

विषय: समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय।

4. गिग श्रमिकों के अधिकारों को लेकर अस्पष्टता एवं व्यवसायों के नियंत्रण के संदर्भ में प्लेटफ़ॉर्म की ज़िम्मेदारियाँ, जो उन्हें कर्मचारियों के रूप में काम पर रखने एवं सामाजिक सुरक्षा की लागत के बिना कर्मचारियों के साथ व्यवहार करने की अनुमति देती हैं, को तत्काल संबोधित करने की आवश्यकता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: Live Law , Insights on India

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

गिग श्रमिकों को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

गिग अर्थव्यवस्था में उस अस्पष्टता पर प्रकाश डालिए, जिसके परिणामस्वरूप गिग श्रमिकों का शोषण होता है।

इसके समाधान के लिए आवश्यक तत्काल उपायों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: प्रौद्योगिकी मिशन; पशुपालन का अर्थशास्त्र।

5. लघु एवं सीमांत किसानों की कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका होने के बावजूद, उनमें से अधिकांश को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कृषि की संबद्ध गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए नीतिगत समर्थन प्रदान करने का यह उपयुक्त समय है। जांच कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में लघु एवं सीमांत किसानों का सन्दर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में लघु एवं सीमांत किसानों की समस्याओं का वर्णन कीजिए।

कृषि की संबद्ध गतिविधियों में लघु एवं सीमांत किसानों के लिए नए अवसरों की आवश्यकता की जांच कीजिए।

लघु एवं सीमांत किसानों के लिए कृषि को टिकाऊ एवं बेहतर लाभकारी बनाने के तरीकों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: आंतरिक सुरक्षा के लिये चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्त्वों की भूमिका।

6. नागा शांति प्रक्रिया अभी भी एक गतिरोध बनी हुई है एवं 2015 के नागा शांति समझौते के बावजूद इसे अंतिम रूप देने के लिए हितधारकों के बीच बाधाओं एवं मतभेदों को अभी तक हल नहीं किया गया है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

2015 के नागा शांति समझौते का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

समझौते के कुछ विषयों को लेकर एनएससीएन (आई-एम) एवं वार्ताकार आर.एन. रवि के मध्य उत्पन्न तनाव का उल्लेख कीजिए।

अन्य बाधाओं पर भी प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए सभी हितधारकों के साथ एक दीर्घकालिक एवं शांतिपूर्ण समझौते को प्राप्त करने के लिए आगे की राह निर्धारित कीजिए।

 


सामान्य अध्ययनIV


  

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से प्राप्त शिक्षा।

7. निम्नलिखित उद्धरण से आप क्या समझते हैं?

“शिक्षा जो चरित्र का निर्माण नहीं करती है, बिल्कुल व्यर्थ है” – महात्मा गांधी

(150 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

उत्तरकीसंरचना:

परिचय:

उद्धरण की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषयवस्तु:

साक्षर होने एवं शिक्षित होने के मध्य क्या अंतर है? स्पष्ट कीजिए।

समझाइए कि मूल्यों के बिना शिक्षा आत्मा के बिना शरीर के समान है।

इसके दुष्परिणामों का उल्लेख कीजिए।

उपरोक्त को सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

चरित्र निर्माण के लिए मूल्यों को विकसित करने के तरीकों का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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