[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 15 सितम्बर 2021

 

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


  

विषय: स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।

1. गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के गठन के क्या कारण थे? इसके गठन में भारत ने क्या भूमिका निभाई? अपने घोषित उद्देश्यों को प्राप्त करने में गुटनिरपेक्ष आंदोलन की सफलताओं एवं सीमाओं का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: अध्याय -4 – एनसीईआरटी कक्षा 12- स्वतंत्रत भारत में राजनीति।

 निर्देशक शब्द:

 मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के गठन एवं इसके उद्देश्यों के बारे में संक्षेप में लिखते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के गठन के कारणों के बारे में लिखिए।

जवाहरलाल नेहरू द्वारा गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के विकास में दिए गए योगदान पर विशेष बल देते हुए इसके गठन में भारत द्वारा निभाई गई भूमिका के बारे में विस्तार से लिखिए।

इसके उद्देश्यों के संबंध में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की सफलताओं पर विस्तार से चर्चा कीजिए। इसकी कमियों का भी उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की वर्तमान प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।

 2. 1962 के भारत-चीन युद्ध के अनेक परिणाम सामने आए एवं भारत एक आदर्शवादी विदेश नीति से व्यावहारिक नीति की ओर बढ़ा। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: अध्याय -4 – एनसीईआरटी कक्षा 12- स्वतंत्रत भारत में राजनीति।

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

1962 के भारत-चीन युद्ध के प्रारम्भ होने एवं उसके परिणामों का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

विभिन्न मोर्चों पर भारत-चीन युद्ध के परिणामों का उल्लेख कीजिए।

इस प्रकार की पराजय को रोकने के लिए भारत द्वारा किए गए परिवर्तनों के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि 1962 में सीखे गए कड़वे सबक आधुनिक भू-राजनीति में प्रासंगिक हैं।

 


सामान्य अध्ययनII


  

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

3. भारत में स्थानीय निकायों को पारदर्शिता एवं दक्षता को बढ़ावा देते हुए स्मार्ट एवं समावेशी शासन की ओर बढ़ने की आकांक्षा रखनी चाहिए। इस संबंध में आवश्यक कदमों की चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

तेजी से बढ़ते शहरीकरण एवं गांवों से सुशासन की अधिक मांग तथा स्थानीय निकायों के शासन पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उन विभिन्न क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए, जिनमें सरकारी सेवाओं को नए सिरे से देखने की आवश्यकता है।

उदाहरण प्रस्तुत कीजिए एवं समझाइए कि उपरोक्त को स्थानीय प्रशासन में कैसे शामिल किया जा सकता है।

निष्कर्ष:

यह समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए कि आधुनिक समय के मुद्दों को ऐसे आधुनिक समाधानों की आवश्यकता है, जो टिकाऊ एवं मापनीय दोनों हों।

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

4. एक भारत-यूनाइटेड किंगडम मुक्त व्यापार समझौता व्यापार में नए अवसरों को खोल सकता है तथा एक समान इतिहास साझा करने वाले लोगों, विचारों और संस्थानों को एक साथ ला सकता है। जांच कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत-यूके संबंधों के संदर्भ में मुक्त व्यापार समझौते के बारे में लिखते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

विषय वस्तु:

दोनों देशों के मध्य ऐतिहासिक द्विपक्षीय संबंधों की संक्षिप्त एवं वर्तमान स्थिति प्रस्तुत कीजिए।

दोनों देशों के लिए, विशेष रूप से ब्रेक्सिट एवं कोविड-19 महामारी के कारण हुए व्यवधानों के बाद मुक्त व्यापार समझौते के संभावित लाभों पर प्रकाश डालिए।

इसमें शामिल संभावित चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

मुक्त व्यापार समझौते की संभावित प्राप्ति के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIII


  

विषय: उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।

5. क्या आपको लगता है कि पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के अंतर्गत शामिल किया जाना चाहिए? समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यह समझाते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए कि जब जीएसटी को लागू किया गया था, उस समय पेट्रोलियम उत्पादों को इसके दायरे से बाहर रखा गया था एवं हाल ही में इसे शामिल किए जाने पर चर्चा हुई है।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि अनेक अर्थशास्त्रियों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है क्योंकि जीएसटी व्यवस्था के तहत प्रभावी दर मौजूदा कीमतों से कम होगी।

इस प्रस्ताव के सन्दर्भ में शामिल चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

वर्तमान परिदृश्य में इस कदम का स्वागत किया जाना चाहिए या नहीं, इस पर टिप्पणी कीजिए एवं आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग तथा दैनिक जीवन पर इसका प्रभाव।

6. ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी क्या है? निकट भविष्य में भारत में ऑटोनॉमस वाहनों की व्यवहार्यता पर टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ:  Live Mint

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी के बारे में संक्षेप में लिखते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भविष्य होने के संदर्भ में, ऑटोनॉमस ड्राइविंग क्षेत्र में विकसित किए जा रहे प्रोटोटाइप की बढ़ती प्रवृत्ति का उल्लेख कीजिए।

भारतीय सड़क अवसंरचना, यातायात नियमों की नागरिक भावना, उन्नत आईटी अवसंरचना, विधायी संशोधनों की आवश्यकता, विघटनकारी प्रौद्योगिकी की सार्वजनिक स्वीकृति आदि के विश्लेषण के माध्यम से भारत में ऐसे वाहनों की व्यवहार्यता पर टिप्पणी कीजिए।

निष्कर्ष:

स्वायत्त ड्राइविंग प्रौद्योगिकी को अपनाने के सन्दर्भ में एक आवश्यक समर्थन संरचना के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIV


  

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से प्राप्त शिक्षा।

7. निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है? (150 शब्द)

 “एक राष्ट्र की ताकत घर की अखंडता से प्राप्त होती है” -कन्फ्यूशियस

 प्रश्न का स्तर: सरल

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अखंडता क्या है? परिभाषित कीजिए। 

 विषय वस्तु:

उद्धरण को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

अखंडता राष्ट्र की ताकत कैसे हो सकती है? सोदाहरण उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

एक राष्ट्र को मजबूत बनाने में अखंडता के महत्व को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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