[इनसाइट्स सिक्योर MISSION – 2022] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 31 अगस्त 2021

 

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/ उनका योगदान।

1. प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात भारतीय नेताओं में समाजवाद की बढ़ती लोकप्रियता के कारणों की चर्चा कीजिए। इसने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संबंध में क्या परिवर्तन किया? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: अध्याय-24 – भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपन चंद्र।

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय राष्ट्रवादियों के मध्य समाजवादी आदर्शों एवं विचारधारा से समाजवाद के उदय तथा बाद में लोकप्रियता के संबंध में संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसके विस्तृत कारणों पर प्रकाश डालिए।

राष्ट्रीय आंदोलन पर समाजवाद के प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

इसके द्वारा लाए गए परिवर्तनों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

समाजवाद ने राष्ट्रीय आंदोलन एवं नए स्वतंत्र भारत के लिए जो समग्र विरासत छोड़ी, उसका संक्षेप में वर्णन करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

2. 1936-1939 के मध्य भारतीय राजनीति में एक बदलाव देखा गया क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आंदोलन एवं टकराव की राह पर संवैधानिक राजनीति का चयन किया। प्रांतों में कांग्रेस के 28 महीने लंबे शासन का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: अध्याय-26 – भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपन चंद्र।

निर्देशक शब्द:

मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कांग्रेस के मंत्रालयों के गठन की पृष्ठभूमि एवं उससे विभिन्न वर्गों के लोगों की व्यापक तथा विविध अपेक्षाओं का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

कांग्रेस के मंत्रालयों के गठन से लोगों के विविध समूहों द्वारा की गयी अपेक्षाओं के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए।

अपने 28 माह के छोटे शासन में कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रकाश डालिए।

कांग्रेस शासन में आने वाली बाधाओं का उल्लेख कीजिए तथा इसकी कमियों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

कांग्रेस मंत्रालयों की सबसे बड़ी उपलब्धियों को सारांश में बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ।

3. उष्णकटिबंधीय चक्रवात क्या हैं एवं उन्हें अटलांटिक-उत्तर पूर्वी प्रशांत महासागर क्षेत्र में कैसे वर्गीकृत किया जाता है? उष्ण कटिबंधीय चक्रवात के निर्माण की क्रियाविधि की व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द: 

व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

चक्रवात क्या है? परिभाषित कीजिए एवं उष्णकटिबंधीय चक्रवात की विशेषताओं को दर्शाते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:

पवन की गति के आधार पर उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की विभिन्न श्रेणियों की व्याख्या कीजिए।

अटलांटिक-उत्तर-पूर्वी प्रशांत महासागर क्षेत्र में चक्रवातों की दिशाओं को दर्शाने वाला एक योजनाबद्ध मानचित्र प्रस्तुत कीजिए।

एक चक्रवात के निर्माण के लिए आवश्यक परिस्थितियों एवं इसे सशक्त करने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

उपरोक्त बिंदुओं का सारांश प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

4. अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के संदर्भ में, ‘नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था’ वाक्यांश से आप क्या समझते हैं? नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के समक्ष उपस्थित अनेक खतरों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था / उदार अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:  

विशेष रूप से वर्तमान समय में नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के मुख्य घटकों पर विस्तार से प्रकाश डालिए।

नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न करने वाले विभिन्न भू-राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा, सामाजिक एवं पर्यावरणीय कारकों पर विस्तार से चर्चा कीजिए। अपने उत्तर की पुष्टि के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए खतरों के प्रभावों पर प्रकाश डालिए तथा शक्ति संतुलन स्थापित करने के लिए आवश्यक कदमों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

5. अपने पेरिस दायित्वों को प्राप्त करने की दिशा में भारत के अब तक के प्रदर्शन का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। 2030 तक अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ने के लिए किन नीति एवं व्यवहारिक परिवर्तनों की आवश्यकता है? (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

पेरिस जलवायु समझौते के संबंध में भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) के बारे में लिखते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) के संबंध में भारत के प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण कीजिए। नीतियों, कानूनों, नियमों और आदेशों के संदर्भ में इस संबंध में उठाए गए कदमों का उल्लेख कीजिए। भारत के प्रदर्शन की तुलना अन्य प्रमुख शक्तियों से कीजिए। भारत की कमियों का उल्लेख कीजिए।

सरकार की ओर से नीतिगत बदलावों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर व्यवहार में बदलाव का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए तार्किक एवं पारिस्थितिक रूप से सोचने और कार्य करने की आवश्यकता को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन- संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।

6. भारत के क्वाड (Quad) भागीदारों के साथ मालाबार 2021 नौसैनिक युद्ध अभ्यास समुद्री सुरक्षा मुद्दों पर भाग लेने वाले देशों के मध्य विचारों के अभिसरण तथा एक खुले, समावेशी हिन्द-प्रशांत के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

हाल ही में आयोजित मालाबार 2021 युद्धाभ्यास का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस सन्दर्भ में सम्बंधित देशों के विचारों के अभिसरण के बारे में लिखिए।

हिन्द-प्रशांत आर्थिक परियोजनाओं के विकास के साथ-साथ समुद्री डोमेन जागरूकता एवं समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के सन्दर्भ में लिखिए।

हाल की घटनाओं में भारत-चीन के पहलू एवं वैश्विक शक्तियों के संरेखण एवं पुन: संरेखण के बारे में चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इन युद्ध अभ्यासों के भू-राजनीतिक महत्व को संक्षेप में बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIV


 

विषय: सामाजिक प्रभाव एवं अनुनय।

7. अनुनय एवं प्रभाव के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए। क्या आप इस विचार से सहमत हैं कि अनुनय प्रायः बल से अधिक प्रभावशाली होता है? उदाहरण सहित अपने मत की पुष्टि कीजिए। (250 शब्द)

 प्रश्न का स्तर: मध्यम

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि के लिए एक व्यावहारिक दृष्टिकोण: डी.के. बालाजी।

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अनुनय एवं प्रभाव को अपने शब्दों में स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उपयुक्त दृष्टांतों के माध्यम से, अनुनय एवं प्रभाव के विपरीत दृष्टिकोणों पर प्रकाश डालिए। दोनों के मध्य अंतर को स्पष्ट रूप से रेखांकित करने के लिए उदाहरणों का प्रयोग कीजिए।

बल एवं अनुनय के सापेक्ष प्रभाव पर प्रकाश डालिए। बल एवं अनुनय से जुड़ी विभिन्न भावनाओं के बारे में लिखिए। अपने तर्क की पुष्टि के लिए उदाहरणों का प्रयोग कीजिए।

निष्कर्ष:

अनुनय, प्रभाव के विपरीत एक मजबूत उपकरण कैसे है? समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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