How to Follow Secure Initiative?
How to Self-evaluate your answer?
MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन– I
विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/ उनका योगदान।
1. हालांकि कई लोगों के लिए यह उलझन भरा था, लेकिन नमक के मुद्दे को सविनय अवज्ञा आंदोलन के मुख्य पहलू के रूप में रखने की गांधीजी की रणनीति अच्छी तरह से सोची-समझी, सावधानीपूर्वक जाँची हुई थी एवं इसका प्रभाव सार्वभौमिक था। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: सरल
सन्दर्भ: अध्याय-22 – भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपन चंद्र।
निर्देशक शब्द:
स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
सविनय अवज्ञा आंदोलन को जन्म देने वाली विभिन्न घटनाओं का परिचय देते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।
विषय वस्तु:
अंग्रेजों के विरुद्ध एक आंदोलन प्रारम्भ करने के लिए नमक को एक मुद्दे के रूप में चुनने के पीछे गांधीजी की रणनीति का उल्लेख कीजिए एवं इसे गांधीजी के रचनात्मक कार्य के तरीके, आर्थिक पहलू, भावनात्मक पहलू, सविनय अवज्ञा पहलू एवं जन अपील के कारकों पर प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
एक अहिंसक जन आंदोलन की नींव रखने वाले नमक सत्याग्रह के प्रभावों का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।
2. भारत भर में लोकप्रिय प्रतिक्रिया एवं क्षेत्रीय पैटर्न के संदर्भ में सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रसार की व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: सरल
सन्दर्भ: अध्याय-22 – भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपन चंद्र।
निर्देशक शब्द:
व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
सविनय अवज्ञा आंदोलन एवं इसकी शुरुआत का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
सविनय अवज्ञा आंदोलन की विभिन्न क्षेत्रीय अभिव्यक्तियों को दर्शाने वाला एक मानचित्र प्रस्तुत कीजिए।
इसमें शामिल भारत भर के विभिन्न नेताओं का उल्लेख कीजिए।
साथ ही बहिष्कार के नए रूपों का वर्णन कीजिए।
निष्कर्ष:
आंदोलन के प्रभावों पर टिप्पणी करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: महिलाओं एवं महिला संगठनों की भूमिका।
3. तमाम हंगामे के बावजूद, हमारे देश में अभी भी बलात्कार के मामलों की सुनवाई के लिए एक ऐसी कुशल एवं तीव्र प्रणाली का अभाव है, जिससे पीड़ितों की गोपनीयता एवं गरिमा की भावना को न्यूनतम क्षति पहुंचे। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Indian Express , The Hindu
निर्देशक शब्द:
टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की स्थिति प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। इस सन्दर्भ में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के हालिया डाटा का प्रयोग कीजिए।
विषय वस्तु:
उल्लेख कीजिए कि हाथरस, हैदराबाद एवं निर्भया के मामलों में नाराजगी के बावजूद भारत में बलात्कार की पुरानी समस्या बनी हुई है।
उपरोक्त के कारणों को स्पष्ट कीजिए।
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रोकने के लिए लोक व्यवस्था किस हद तक उत्तरदायी रही है? जांच कीजिए।
इसके अन्य कारकों का भी उल्लेख कीजिए।
देश को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को कम करने के लिए आवश्यक तत्काल कदमों का उल्लेख कीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– II
विषय: गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय।
4. बायोफोर्टिफिकेशन (Biofortification) क्या है? सतत विकास लक्ष्य-2 (SDG -2) के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भारत के प्रयासों के संबंध में बायोफोर्टिफिकेशन की क्षमता का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: कठिन
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
बायोफोर्टिफिकेशन एवं इसकी प्रक्रिया को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
सतत विकास लक्ष्य-2 एवं इसे पूरा करने के लिए भारत द्वारा अब तक उठाए गए कदमों का उल्लेख कीजिए।
भारत में भूख एवं कुपोषण के मुद्दों को संबोधित करने के संबंध में बायोफोर्टिफिकेशन की क्षमता के बारे में विस्तार से बताइये।
छिपी हुई भूख के पहलू पर प्रकाश डालिए।
बायोफोर्टिफिकेशन एवं इसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले अनेक अन्य लाभों के संबंध में भारत की क्षमताओं पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
भारत में बायोफोर्टिफिकेशन की दिशा में आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकलिए।
सामान्य अध्ययन– III
विषय: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।
5. हिमालयी क्षेत्र में जलविद्युत परियोजनाओं द्वारा उत्पन्न विभिन्न जोखिमों का विश्लेषण कीजिए। मौजूदा जोखिमों को और अधिक बढ़ाने से सम्बंधित जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर प्रकाश डालिए। इसे कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
विश्लेषण कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।
प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
जलविद्युत की क्षमता के बारे में लिखते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
हिमालयी क्षेत्र की मौजूदा परियोजनाओं को दर्शाने के लिए एक मानचित्र प्रस्तुत कीजिए।
जलविद्युत परियोजनाओं से सम्बंधित विभिन्न जोखिमों के बारे में लिखिए। उदाहरण सहित उनकी पुष्टि कीजिए।
जलवायु परिवर्तन ने हिमालयी क्षेत्र के सन्दर्भ में इन मौजूदा असुरक्षाओं में वृद्धि कैसे की है? स्पष्ट कीजिए।
जलविद्युत परियोजनाओं में वृद्धि करने से पहले एवं हिमालयी क्षेत्र में मौजूदा परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन उपायों का सुझाव दीजिए, जिन्हें ध्यान में रखा जाना चाहिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।
6. केंद्र एवं राज्य सरकारों को नीतिगत दिशा-निर्देशों से आगे बढ़कर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की भविष्य की तकनीकी एवं ढांचागत मांगों को पूरा करने के लिए कदम उठाने चाहिए। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
इलेक्ट्रिक वाहनों के संबंध में भारत भर में हाल ही में अपनाए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
इलेक्ट्रिक वाहनों के संबंध में वर्तमान परिदृश्य एवं भारत में इसकी क्षमता के बारे में लिखिए।
इसके आर्थिक एवं पारिस्थितिक लाभों का उल्लेख कीजिए।
इसके प्रचार एवं मौजूदा सीमाओं के लिए उपस्थित योजनाओं एवं नीतिगत उपायों पर चर्चा कीजिए।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– IV
विषय: भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।
7. हालांकि बेंथम एवं जे.एस.मिल उपयोगितावाद के सिद्धांत के महान समर्थक हैं लेकिन उनके दृष्टिकोणों में कुछ अंतर हैं। स्पष्ट कीजिए। (150 शब्द)
प्रश्न का स्तर: कठिन
सन्दर्भ: plato.stanford.edu
निर्देशक शब्द:
स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
उपयोगितावाद को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
बेंथम की उपयोगितावादी अवधारणा का वर्णन कीजिए।
इसके विपरीत जे. एस. मिल के उपयोगितावाद एवं व्यक्तिवाद के विचारों पर प्रकाश डालिए।
दोनों के विचारों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत कीजिए।
उनकी समानताओं का भी उल्लेख कीजिए।
उनके दर्शन को स्पष्ट करने के लिए उदाहरणों का प्रयोग कीजिए।
निष्कर्ष:
बेंथम अथवा जे.एस. मिल के अनुसार उपयोगितावाद की अधिक प्रासंगिक अवधारणा का समर्थन करने के लिए उदाहरण प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
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