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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 29 जुलाई 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

1. उत्तर प्रदेश मसौदा जनसंख्या विधेयक एक सक्षम मानसिकता को संहिताबद्ध एवं संस्थागत बनाने का प्रयास करता है। इस संदर्भ में विधेयक से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न का संक्षिप्त संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

मसौदा विधेयक में अपात्रता के प्रावधानों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।

विधेयक से सम्बंधित प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

इनके समाधान के लिए उपायों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

 2. सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में निवेश करने में भारत की विफलता के परिणामस्वरूप इस उद्योग में निजी सेवाओं की बड़ी भूमिका अनुपातहीन रूप से सामने आई है। समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Live Mint

निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न का सन्दर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • भारत में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति प्रस्तुत कीजिए।
  • भारत में स्वास्थ्य सेवा के निजीकरण ने अपने उद्देश्यों की पूर्ति क्यों नहीं की है? समझाइए।
  • सुझाव दीजिए कि क्या करने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: आपदा और आपदा प्रबंधन।

3. यूरोप में बाढ़ की घटना हमारे लिए डच मंत्र “जल के साथ जिओ एवं प्रकृति के साथ निर्माण करो” को अपनाने के लिए एक पुकार है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। संबंधित तथ्य भी प्रस्तुत कीजिए।

विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • बाढ़ की घटनाओं में वृद्धि के कारणों पर चर्चा कीजिए।
  • बाढ़ की रोकथाम के डच मॉडल पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि यूरोप में बाढ़ भारत में हमें प्रकृति के अनुकूल व्यावहारिक नीतियों एवं प्रथाओं को अपनाने के लिए एक जागृति पुकार के रूप में कार्य करती है।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

 4. दिवाला एवं शोधन अक्षमता (संशोधन) विधेयक, 2020 की प्रमुख विशेषताओं की व्याख्या कीजिए एवं इसके महत्व का भी विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विधेयक के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • प्री-पैकेज्ड दिवाला निपटान प्रक्रिया (PIRP) पर चर्चा कीजिए। यह कॉर्पोरेट दिवाला निपटान प्रक्रिया (CIRP) से कैसे भिन्न है? समझाइए।
  • इसकी सभी प्रमुख विशेषताओं को विस्तार से समझाइए।
  • कॉर्पोरेट दिवाला निपटान प्रक्रिया (CIRP) पर प्री-पैक के क्या लाभ हैं? चर्चा कीजिए।
  • इसके पक्ष-विपक्ष दोनों को विस्तार से बताइए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

 5. हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई पर्यटक त्रासदी, पारिस्थितिकी के संरक्षण के महत्व की ओर इशारा करती है। उपयुक्त सुझावों के साथ स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न में दिए गए मुद्दे की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि पर्वतों में विकास के असंगत मॉडल को प्रोत्साहित करना, जिसका प्रतिनिधित्व बड़ी जलविद्युत परियोजनाएं एवं बड़े पैमाने पर वनों का विनाश एवं नदियों पर बांध निर्माण करते हैं, इसकी पारिस्थितिकी को नष्ट कर देगा।

क्षेत्र की स्थानीय पारिस्थितिकी पर बुनियादी ढांचे, विद्युत विकास के प्रभावों पर चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

सुझाव दीजिए कि क्या करने की आवश्यकता है। इस दिशा में सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों पर प्रकाश डालिए एवं निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIV


 

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

 6. आय असमानता, संसाधन कुप्रबंधन एवं स्वास्थ्य संबंधी खतरे वैश्वीकरण के कुछ नकारात्मक परिणाम हैं। इस संदर्भ में, सिविल सेवकों को आज किन नैतिक दुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है? इनसे निपटने के तरीके में कैसे बदलाव आया है? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरूचि: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वैश्वीकरण के सामान्य प्रभावों पर संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • वैश्वीकरण के द्वारा किए गए परिवर्तनों के कारण सिविल सेवकों द्वारा सामना की जाने वाली प्रमुख नैतिक दुविधाओं की व्याख्या कीजिए।
  • सम्बंधित चुनौतियों से निपटने एवं नैतिक दुविधाओं को हल करने के दृष्टिकोण में अंतर स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

ऐसी चुनौतियों का समाधान करने के लिए सुझाव प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकलिए।

 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र।

7. किसी व्यवसाय की सफलता में विपणन एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है। उपयुक्त उदाहरणों के साथ, किसी उत्पाद या सेवा के विपणन में शामिल नैतिक मुद्दों पर चर्चा कीजिए। इन मुद्दों को कैसे सुलझाया जा सकता है? (250 शब्द)

 सन्दर्भ: marketing-schools.org

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विपणन के महत्व एवं उसमें शामिल नैतिक विचार के महत्व को रेखांकित कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • विपणन किसे कहते हैं? समझाइए।
  • अधिक स्पष्टता के लिए उदाहरण सहित नैतिक मुद्दों पर चर्चा कीजिए।
  • अनैतिक विपणन प्रथाओं के समाधान के लिए स्व-विनियमन, नैतिक संहिता एवं कानूनी पहलुओं की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके समाधान की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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