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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 9 जुलाई 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

1. महामारी ने भारत के गरीबी संकट को और खराब कैसे किया है? समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न से सम्बंधित कुछ प्रमुख तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उन प्रमुख कारकों पर चर्चा कीजिए, जिन्होंने लोगों को गरीबी की ओर धकेला है।

इसे दूर करने के लिए क्या करने की आवश्यकता है? सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

इसके समाधान की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

 2. भारत एक प्रभावशाली जनसांख्यिकीय स्थान में प्रवेश कर चुका है और अब समय आ गया है कि हमारी जनसंख्या स्थिरीकरण रणनीतियों को महिलाओं के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए समायोजित किया जाए। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत की जनसंख्या के आकार से संबंधित प्रमुख तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य तथा अधिकारों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

भारत द्वारा अब तक की गई प्रगति की विवेचना कीजिए।

समझाइए कि भारत द्वारा इस जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने में सक्षम होने के लिए युवा जनसंख्या को न केवल स्वस्थ, प्रबुद्ध और कुशल होना चाहिए बल्कि उन्हें यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य सहित अपनी पूरी क्षमता विकसित करने के लिए अधिकार एवं विकल्प भी प्रदान किए जाने चाहिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

3. “आसियान के साथ भारत का संबंध उसकी विदेश नीति का एक प्रमुख स्तंभ एवं एक्ट ईस्ट पॉलिसी की नींव है”, टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: mea.gov.in

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

आसियान क्या है? इसकी अवधारणा एवं आदर्श वाक्य के सन्दर्भ में संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि आसियान के साथ एक मजबूत एवं बहुआयामी संबंधों पर भारत का ध्यान 1990 के दशक की शुरुआत से विश्व के राजनीतिक एवं आर्थिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव और आर्थिक उदारीकरण की ओर भारत के अपने कदम का परिणाम है।

आसियान एवं उसके संबंधों के संबंध में भारत के समक्ष शक्तियों तथा अवसरों की विस्तार से चर्चा कीजिए।

इसके समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

 4. कोविड 19 महामारी के दौरान प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं से निपटने में न्यायपालिका की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

कोविड 19 महामारी के दौरान उत्पन्न प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं पर प्रकाश डालिए।

न्यायपालिका द्वारा अब तक किए गए प्रयासों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

5. जम्मू एवं कश्मीर के लोगों की क्षेत्रीय आकांक्षाओं पर प्रकाश डालिए एवं वर्तमान परिदृश्य में बाधाओं एवं अवसरों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: tribuneindia.com

निर्देशक शब्द:

 प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सम्बंधित बैठक के हाल के एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर की स्थिति की व्याख्या कीजिए एवं समझाइए कि जम्मू-कश्मीर के प्रति नीतिगत दृष्टिकोण की समीक्षा करने का समय आ गया है।
  • समझाइए कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मौजूदा चर्चाओं के अंतर्निहित कारणों का कोई भी आकलन करने से पहले, सर्वप्रथम कश्मीर नीति के एक विरोधाभास को पहचानना महत्वपूर्ण है।
  • इससे सम्बंधित चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

सम्बंधित मुद्दों को हल करने के लिए समाधान सुझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

 6. “सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को प्राप्त करने के लिए किफायती, विश्वसनीय, टिकाऊ एवं आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच एक पूर्व शर्त है।” इस संदर्भ में इस मोर्चे पर भारत में हुई प्रगति का वर्णन कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 वर्णन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

किफायती, विश्वसनीय, टिकाऊ एवं आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच से संबंधित एसडीजी के प्रासंगिक विवरण को दर्शाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

सतत विकास लक्ष्य सभी के लिए किफायती विश्वसनीय टिकाऊ एवं आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच कैसे सुनिश्चित करते हैं? स्पष्ट कीजिए।

विकास के लिए ऊर्जा के महत्व पर सामान्य चर्चा कीजिए।

ऊर्जा एवं सतत विकास के बीच संबंध स्थापित कीजिए।

इस दिशा में भारत द्वारा अब तक की गई प्रगति पर एक लेख लिखिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि टिकाऊ एवं आधुनिक ऊर्जा में भारत द्वारा की गई प्रगति से लोगों को अनेक लाभ हुए हैं। पूर्वोक्त योजनाओं/पहलों के साथ भारत सरकार 2022 तक किफायती  ऊर्जा (एसडीजी लक्ष्य 7) तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य बना रही है।

 


सामान्य अध्ययनIV


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

7. क्या आपको लगता है कि नैतिक सिद्धांत प्रकृति में सार्वभौमिक हैं? प्रासंगिक उदाहरणों के साथ अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  researchgate.net

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नैतिक सिद्धांतों से आप क्या समझते हैं? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • नैतिक सार्वभौमिकता की अवधारणा के बारे में चर्चा कीजिए।
  • नैतिक सापेक्षवाद की अवधारणा पर चर्चा कीजिए।
  • सार्वभौमवाद एवं सापेक्षवाद दोनों के लिए प्रासंगिक उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

उत्तर में प्रस्तुत किये गए तर्कों के आधार पर निष्कर्ष निकालिए।


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