HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- महान हिमालय का कोर ग्रेनाइट चट्टानों से बना है।
- दक्कन के पठार में वर्षभर भारी वर्षा होती है क्योंकि यह मध्य और दक्षिणी भारत की प्रमुख पहाड़ियों की हवाओं के पवनाभिमुख स्थित है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
दक्कन का पठार एक विशाल त्रिकोणीय पठार है, जो उत्तर में विंध्य और पूर्वी तथा पश्चिमी घाट से घिरा हुआ है।
यह क्षेत्र ज्यादातर अर्ध-शुष्क है क्योंकि यह दोनों घाटों के पवनाभिमुख पर स्थित है। दक्कन का अधिकांश भाग पर्णपाती चौड़ी पत्ती वाले जंगल के एक छोटे क्षेत्र के साथ बिखरे हुए कांटेदार झाड़ियों से ढका हुआ है। दक्कन में जलवायु गर्म ग्रीष्मकाल से लेकर हल्की सर्दियों तक होती है।
Incorrect
उत्तर: a)
दक्कन का पठार एक विशाल त्रिकोणीय पठार है, जो उत्तर में विंध्य और पूर्वी तथा पश्चिमी घाट से घिरा हुआ है।
यह क्षेत्र ज्यादातर अर्ध-शुष्क है क्योंकि यह दोनों घाटों के पवनाभिमुख पर स्थित है। दक्कन का अधिकांश भाग पर्णपाती चौड़ी पत्ती वाले जंगल के एक छोटे क्षेत्र के साथ बिखरे हुए कांटेदार झाड़ियों से ढका हुआ है। दक्कन में जलवायु गर्म ग्रीष्मकाल से लेकर हल्की सर्दियों तक होती है।
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Question 2 of 5
2. Question
पहाड़ों पर स्थान आमतौर पर मैदानी क्षेत्रों की तुलना में ठंडे होते हैं, इसका कारण है:
Correct
उत्तर: a)
हवा का घनत्व ऊंचाई के साथ कम हो जाता है, और इसलिए इसमें पृथ्वी को सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊष्मा को स्थानांतरित करने की क्षमता होती है।
वायुमंडल सीधे सूर्य से नहीं, बल्कि पृथ्वी के संपर्क में आने वाली हवा से गर्म होता है।
इसलिए, हल्की हवा पहाड़ों पर वार्मिंग क्षमता को कम कर देती है। ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान में गिरावट होती है।
उदाहरण के लिए, आगरा और दार्जिलिंग एक ही अक्षांश पर स्थित हैं, लेकिन आगरा में जनवरी का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस है जबकि दार्जिलिंग में यह केवल 4 डिग्री सेल्सियस होता है।
Incorrect
उत्तर: a)
हवा का घनत्व ऊंचाई के साथ कम हो जाता है, और इसलिए इसमें पृथ्वी को सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊष्मा को स्थानांतरित करने की क्षमता होती है।
वायुमंडल सीधे सूर्य से नहीं, बल्कि पृथ्वी के संपर्क में आने वाली हवा से गर्म होता है।
इसलिए, हल्की हवा पहाड़ों पर वार्मिंग क्षमता को कम कर देती है। ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान में गिरावट होती है।
उदाहरण के लिए, आगरा और दार्जिलिंग एक ही अक्षांश पर स्थित हैं, लेकिन आगरा में जनवरी का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस है जबकि दार्जिलिंग में यह केवल 4 डिग्री सेल्सियस होता है।
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Question 3 of 5
3. Question
कोरिओलिस बल निम्नलिखित में से किसमें भूमिका निभाता है?
- जेट स्ट्रीम की दिशा
- व्यापारिक पवनों की दिशा
- इम्पैक्ट क्रेटर
- विसर्प का निर्माण
सही उत्तर कूट चुनिए:
Correct
उत्तर: d)
जेट धाराएँ आमतौर पर लंबी दूरी तक प्रवाहित होती हैं और हजारों मील लंबी हो सकती हैं। वे असंतत हो सकती हैं और अक्सर पूरे पर्यावरण में विसर्प के रूप में प्रवाहित होती हैं। जेट स्ट्रीम में विसर्प बाकी हवाओं की तुलना में धीमी गति से प्रवाहित होते हैं और इसलिए रॉस्बी वेव्स कहलाती हैं। ये कोरिओलिस प्रभाव के कारण धीमी गति से प्रवाहित होती हैं।
कोरिओलिस बल उत्तरी गोलार्द्ध में हवा को दायीं ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में बायीं ओर विक्षेपित करता है।
कोरिओलिस बल तरल जल पर भी कार्य करता है और जल को हवा की तरह ही विक्षेपित करता है। इससे नदियों में ‘विसर्प‘ का निर्माण हो जाता है।
Incorrect
उत्तर: d)
जेट धाराएँ आमतौर पर लंबी दूरी तक प्रवाहित होती हैं और हजारों मील लंबी हो सकती हैं। वे असंतत हो सकती हैं और अक्सर पूरे पर्यावरण में विसर्प के रूप में प्रवाहित होती हैं। जेट स्ट्रीम में विसर्प बाकी हवाओं की तुलना में धीमी गति से प्रवाहित होते हैं और इसलिए रॉस्बी वेव्स कहलाती हैं। ये कोरिओलिस प्रभाव के कारण धीमी गति से प्रवाहित होती हैं।
कोरिओलिस बल उत्तरी गोलार्द्ध में हवा को दायीं ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में बायीं ओर विक्षेपित करता है।
कोरिओलिस बल तरल जल पर भी कार्य करता है और जल को हवा की तरह ही विक्षेपित करता है। इससे नदियों में ‘विसर्प‘ का निर्माण हो जाता है।
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Question 4 of 5
4. Question
वलित पर्वत के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- वलित पर्वतों का निर्माण ओरोजेनी नामक प्रक्रिया से होता है।
- ये अभिसरण प्लेट सीमाओं पर निर्मित होते हैं, जिसे कभी-कभी महाद्वीपीय टकराव क्षेत्र या संपीड़न क्षेत्र कहा जाता है।
- अधिकांश वलित पर्वत मुख्य रूप से आग्नेय चट्टानों से निर्मित होते हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
वलित पर्वतों का निर्माण वहां होता हैं जहां पृथ्वी की दो या अधिक टेक्टोनिक प्लेटों आपस में टकराती हैं। इसके कारण सीमाओं का संकुचन होता है और चट्टान एवं मलबा पर्वत, पहाड़ियों, पर्वत श्रृंखलाओं आदि के रूप में परिवर्तित हो जाता है।
वलित पर्वतों का निर्माण ओरोजेनी नामक प्रक्रिया से होता है। ओरोजेनिक घटना से वलित पर्वतों के निर्माण में लाखों वर्ष लगते हैं।
वलित पर्वत अक्सर महाद्वीपीय क्रस्ट से जुड़े होते हैं। ये अभिसरण प्लेट सीमाओं पर निर्मित होते हैं, जिन्हें कभी-कभी महाद्वीपीय टकराव क्षेत्र या संपीड़न क्षेत्र कहा जाता है। अभिसारी प्लेट सीमाओं पर टेक्टोनिक प्लेट एक दूसरे से टकराती हैं। संपीड़न चट्टान के निर्माण में महत्वपूर्ण होता है।
अधिकांश वलित पर्वत मुख्य रूप से उच्च दबाव और अपेक्षाकृत कम तापमान के प्रभाव में गठित तलछटी चट्टान और रूपांतरित चट्टान से निर्मित होते हैं।
वलित पर्वत विश्व में पाए जाने वाले सबसे सामान्य प्रकार के पर्वत हैं। हिमालय, एंडीज और आल्प्स आदि इसके उदाहरण हैं।
Incorrect
उत्तर: a)
वलित पर्वतों का निर्माण वहां होता हैं जहां पृथ्वी की दो या अधिक टेक्टोनिक प्लेटों आपस में टकराती हैं। इसके कारण सीमाओं का संकुचन होता है और चट्टान एवं मलबा पर्वत, पहाड़ियों, पर्वत श्रृंखलाओं आदि के रूप में परिवर्तित हो जाता है।
वलित पर्वतों का निर्माण ओरोजेनी नामक प्रक्रिया से होता है। ओरोजेनिक घटना से वलित पर्वतों के निर्माण में लाखों वर्ष लगते हैं।
वलित पर्वत अक्सर महाद्वीपीय क्रस्ट से जुड़े होते हैं। ये अभिसरण प्लेट सीमाओं पर निर्मित होते हैं, जिन्हें कभी-कभी महाद्वीपीय टकराव क्षेत्र या संपीड़न क्षेत्र कहा जाता है। अभिसारी प्लेट सीमाओं पर टेक्टोनिक प्लेट एक दूसरे से टकराती हैं। संपीड़न चट्टान के निर्माण में महत्वपूर्ण होता है।
अधिकांश वलित पर्वत मुख्य रूप से उच्च दबाव और अपेक्षाकृत कम तापमान के प्रभाव में गठित तलछटी चट्टान और रूपांतरित चट्टान से निर्मित होते हैं।
वलित पर्वत विश्व में पाए जाने वाले सबसे सामान्य प्रकार के पर्वत हैं। हिमालय, एंडीज और आल्प्स आदि इसके उदाहरण हैं।
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Question 5 of 5
5. Question
मेघालय के पठार की सतह का अत्यधिक क्षरण हुआ है और कुछ स्थान वनस्पति विहीन हो गए हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा इसका संभावित कारण हो सकता है?
Correct
उत्तर: b)
इस क्षेत्र में सबसे अधिक वर्षा दक्षिण पश्चिम मानसून से होती है। नतीजतन, मेघालय के पठार की सतह का अत्यधिक क्षरण हुआ है। चेरापूंजी स्थायी वनस्पति रहित चट्टानी सतह का उदाहरण है।
Incorrect
उत्तर: b)
इस क्षेत्र में सबसे अधिक वर्षा दक्षिण पश्चिम मानसून से होती है। नतीजतन, मेघालय के पठार की सतह का अत्यधिक क्षरण हुआ है। चेरापूंजी स्थायी वनस्पति रहित चट्टानी सतह का उदाहरण है।
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