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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 30 जून 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

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सामान्य अध्ययनI


 

विषय: सामाजिक सशक्तिकरण।

1. समाज में लैंगिक समानता संबंधी परिवर्तन को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय स्तर पर हस्तक्षेप करना आवश्यक है। क्या आप सहमत हैं? टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

समाज में लैंगिक समानता से संबंधित परिवर्तन से आप क्या समझते हैं? इसकी व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति दर्शाते हुए कुछ आंकड़े प्रस्तुत कीजिए।

हमारे समाज में महिलाओं को जिन लैंगिक मानदंडों का सामना करना पड़ता है, उनकी व्याख्या कीजिए।

उन तरीकों एवं साधनों पर चर्चा कीजिए जिनके माध्यम से इन उपर्युक्त मानदंडों को बेहतर तरीके से परिवर्तित किया जा सकता है।

विद्यालय स्तर पर हस्तक्षेप के महत्व पर चर्चा कीजिए। उदाहरण या केस स्टडी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

इस दिशा में सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए निष्कर्ष निकालिए एवं समाधान सुझाइए।

 

विषय: विश्व के इतिहास में 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव।

2. मलय प्रायद्वीप की औपनिवेशीकरण प्रक्रिया के लिए कौन-कौन सी समस्याएँ उपयुक्त थीं? समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: विश्व इतिहास: नॉर्मन लोव।

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

‘विऔनिवेशीकरण’ शब्द को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उपनिवेशवाद की समाप्ति के प्रमुख कारकों को प्रस्तुत कीजिए।

इसकी समयरेखा (टाइमलाइन) प्रस्तुत कीजिए एवं सामान्य रूप से इसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि मलय प्रायद्वीप के विघटन के साथ गरीबी हटाने, आर्थिक विकास, नस्लीय एकीकरण, कम्युनिस्ट विद्रोह एवं सिंगापुर का विलय प्रमुख चुनौतियां थीं।

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

3. भारत को महामारी को नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक प्रकार की तलाश करने की आवश्यकता है, जिसमें एचआईवी एड्स, तपेदिक जैसी पुराने रोगों से प्राप्त सबक कुछ मूल्यवान सुझाव दे सकता है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:   The Hindu

 निर्देशक शब्द:

टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न का सन्दर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत को महामारी को नियंत्रित करने में एचआईवी एड्स, तपेदिक जैसी पुराने रोगों से प्राप्त सबक कुछ मूल्यवान सुझाव कैसे दे सकता है? विस्तार से समझाइए।

एड्स का उदाहरण दीजिए। इसकी सफलताओं एवं असफलताओं पर सुझाव दीजिए।

इसका लाभ कैसे उठाया जा सकता है? प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

4. भारत में राजद्रोह की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने वाले केदारनाथ फैसले की समीक्षा की आवश्यकता पर विचार-विमर्श कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 विचार-विमर्श कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सम्बन्ध में अपने ज्ञान और समझ के अनुसार एक सारगर्भित रूप में उत्तर प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

केदारनाथ मामले पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • केदारनाथ मामले पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।
  • केदारनाथ फैसले की समीक्षा की आवश्यकता क्यों है? समझाइये।
  • देश में राजद्रोह कानून के पक्ष और विपक्ष दोनों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि लोगों को सरकार की आलोचना करने का अधिकार है, जो लोकतंत्र का अभिन्न अंग है। इसलिए, सरकार की आलोचना करने के लिए लोगों को दंडित करने वाले राजद्रोह के कानून को असंवैधानिक घोषित किया जाना चाहिए।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

5. वन बहाली जलवायु शमन रणनीतियों के प्रमुख तत्वों में से एक है। इस संदर्भ में, भारत में अवक्रमित वन परिदृश्य को बहाल करने के लिए किए गए उपायों की जांच कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express

निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वन बहाली से आप क्या समझते हैं? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों (CFR) के विविध लाभ भारत के लिए सीएफआर अधिकारों को मान्यता देने और समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं।

भारत में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के कानूनी अधिदेश की व्याख्या कीजिए।

सीएफआर अधिकारों को मान्यता देने और समर्थन करने के लिए भारत के लिए बाध्यकारी कारणों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

बन्नी घास के मैदानों की केस स्टडी प्रस्तुत कीजिए।

 निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 

विषय: उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।

 6.सार्वजनिक उद्यमों के आक्रामक निजीकरण की भारत की नीति का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

निजीकरण से आप क्या समझते हैं? समझाइए एवं इससे जुड़े रुझानों पर संक्षेप में प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि आर्थिक संकुचन की पृष्ठभूमि में सार्वजनिक उद्यमों के आक्रामक निजीकरण पर पुनर्विचार करना आवश्यक है।

इस सन्दर्भ में भारत सरकार की नीतियों पर चर्चा कीजिए।

एक सशक्त एवं आक्रामक निजीकरण से सम्बंधित चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

सुझाव दीजिए कि क्या करने की आवश्यकता है एवं आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए। 

 

 


सामान्य अध्ययनIV


 

विषय: सिविल सेवा के लिये अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमज़ोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।

7. “अन्तःकरण” शब्द का क्या अर्थ है? क्या अन्तःकरण हमारे जीवन के लिए, विशेष रूप से एक सिविल सेवक के लिए एक विश्वसनीय नैतिक दिशासूचक है? व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अंतःकरण की परिभाषा प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

हमें अथवा सिविल सेवकों को अंतःकरण पर विश्वास क्यों करना चाहिए? चर्चा कीजिए।

इस विचार की व्याख्या कीजिए कि किसी व्यक्ति का अंतःकरण सही एवं गलत के मध्य एक उत्तरदायी मध्यस्थ है एवं इसलिए अंतःकरण, निर्णय निर्धारण के लिए विश्वसनीय नैतिक दिशासूचक है।

सिविल सेवकों के लिए इसकी प्रासंगिकता को स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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