HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में चक्रवातों की उत्पत्ति के लिए निम्नलिखित में से कौन-से कारक जिम्मेदार हैं?
- समुद्री सतह का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से अधिक।
- चक्रवाती भंवर के निर्माण के लिए कोरिओलिस बल की उपस्थिति।
- ऊर्ध्वाधर हवा की गति में अत्यधिक परिवर्तन।
- पहले से मौजूद कमजोर निम्न दाब वाला क्षेत्र।
सही उत्तर कूट चुनिए:
Correct
उत्तर: c)
बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में चक्रवातों की उत्पत्ति के लिए जिम्मेदार सामान्य कारक हैं:
- समुद्री सतह का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से अधिक।
- चक्रवाती भंवर के निर्माण के लिए कोरिओलिस बल की उपस्थिति।
- ऊर्ध्वाधर हवा की गति में निम्न परिवर्तन।
- पहले से मौजूद कमजोर निम्न दाब वाला क्षेत्र या निम्न स्तर का चक्रवाती परिसंचरण।
- समुद्र तल प्रणाली के ऊपर ऊपरी अपसरण।
Incorrect
उत्तर: c)
बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में चक्रवातों की उत्पत्ति के लिए जिम्मेदार सामान्य कारक हैं:
- समुद्री सतह का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से अधिक।
- चक्रवाती भंवर के निर्माण के लिए कोरिओलिस बल की उपस्थिति।
- ऊर्ध्वाधर हवा की गति में निम्न परिवर्तन।
- पहले से मौजूद कमजोर निम्न दाब वाला क्षेत्र या निम्न स्तर का चक्रवाती परिसंचरण।
- समुद्र तल प्रणाली के ऊपर ऊपरी अपसरण।
-
Question 2 of 5
2. Question
ध्रुवीय भंवर (Polar Vortex) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- ध्रुवीय भंवर ध्रुवों पर निम्न दाब का एक सर्पिल भंवर होता है जो ध्रुवीय क्षेत्रों और मध्य अक्षांशों के बीच तापमान में वृद्धि के कारण सर्दियों के महीनों में सबसे मजबूत होता है।
- ध्रुवीय भंवर समताप मंडल में चक्रण करता है।
- जब भंवर सबसे मजबूत होता है, तो ठंडी वायु उत्तरी अमेरिका या यूरोप में प्रवाहित होती है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
ध्रुवीय भंवर क्या है?
ध्रुवीय भंवर ध्रुवों पर निम्न दाब का एक सर्पिल भंवर होता है जो सर्दियों के महीनों में ध्रुवीय क्षेत्रों और अमेरिका एवं यूरोप जैसे मध्य अक्षांशों के बीच तापमान में वृद्धि के कारण सबसे मजबूत होता है।
विशेषताएं:
ध्रुवीय भंवर समताप मंडल में चक्रण करता है।
आमतौर पर, जब भंवर सबसे मजबूत होता है, तो ठंडी वायु के उत्तरी अमेरिका या यूरोप में प्रवाहित होने की कम संभावना होती है। दूसरे शब्दों में, यह एक अवरोधक का निर्माण करता है जो मध्य अक्षांशों को ठंडी आर्कटिक वायु से संरक्षण प्रदान करता है।
लेकिन कभी-कभी, निचले वायुमंडल से ऊपर की ओर फैलने वाली तरंग ऊर्जा के कारण ध्रुवीय भंवर बाधित और कमजोर हो जाता है। जब ऐसा होता है, तो समताप मंडल, अकस्मात समताप मंडल के गर्म होने के रूप में जानी जाने वाली घटना के कारन तेजी से गर्म होता है।
वार्मिंग ध्रुवीय भंवर को कमजोर कर देती है और यह इसके स्थान को ध्रुव के कुछ दक्षिण में स्थानांतरित कर देती है, या भंवर को ‘सिस्टर भंवर‘ में विभाजित कर देती है।
Incorrect
उत्तर: a)
ध्रुवीय भंवर क्या है?
ध्रुवीय भंवर ध्रुवों पर निम्न दाब का एक सर्पिल भंवर होता है जो सर्दियों के महीनों में ध्रुवीय क्षेत्रों और अमेरिका एवं यूरोप जैसे मध्य अक्षांशों के बीच तापमान में वृद्धि के कारण सबसे मजबूत होता है।
विशेषताएं:
ध्रुवीय भंवर समताप मंडल में चक्रण करता है।
आमतौर पर, जब भंवर सबसे मजबूत होता है, तो ठंडी वायु के उत्तरी अमेरिका या यूरोप में प्रवाहित होने की कम संभावना होती है। दूसरे शब्दों में, यह एक अवरोधक का निर्माण करता है जो मध्य अक्षांशों को ठंडी आर्कटिक वायु से संरक्षण प्रदान करता है।
लेकिन कभी-कभी, निचले वायुमंडल से ऊपर की ओर फैलने वाली तरंग ऊर्जा के कारण ध्रुवीय भंवर बाधित और कमजोर हो जाता है। जब ऐसा होता है, तो समताप मंडल, अकस्मात समताप मंडल के गर्म होने के रूप में जानी जाने वाली घटना के कारन तेजी से गर्म होता है।
वार्मिंग ध्रुवीय भंवर को कमजोर कर देती है और यह इसके स्थान को ध्रुव के कुछ दक्षिण में स्थानांतरित कर देती है, या भंवर को ‘सिस्टर भंवर‘ में विभाजित कर देती है।
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Question 3 of 5
3. Question
पृथ्वी के भीतर असातत्य (discontinuity) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- मोहरोविकिक असातत्य: मेंटल और कोर के बीच संक्रमण क्षेत्र।
- गुटेनबर्ग असातत्य: क्रस्ट और मेंटल के बीच संक्रमण क्षेत्र।
- लेहमैन असातत्य: बाह्य कोर और आंतरिक कोर के बीच संक्रमण क्षेत्र।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
पृथ्वी का आंतरिक भाग विभिन्न प्रकार की सामग्रियों से बना हुआ है। उनमें से प्रत्येक सामग्री अपने भौतिक और रासायनिक गुणों, जैसे तापमान, घनत्व आदि से एक दूसरे से भिन्न होती है। पृथ्वी के अंदर उनकी विशेषताओं के अनुसार अनेक परतें होती हैं। ये सभी परतें एक संक्रमण क्षेत्र के माध्यम से एक दूसरे से अलग होती हैं। इन संक्रमण क्षेत्रों को असातत्य कहा जाता है।
पृथ्वी के भीतर पाँच असातत्य हैं।
कॉनराड असातत्य: सीमा और सियाल के बीच संक्रमण क्षेत्र।
मोहरोविकिक असातत्य: क्रस्ट और मेंटल के बीच संक्रमण क्षेत्र।
रेपिटी असातत्य: बाहरी मेंटल और आंतरिक मेंटल के बीच संक्रमण क्षेत्र।
गुटेनबर्ग असातत्य: मेंटल और कोर के बीच संक्रमण क्षेत्र।
लेहमैन असातत्य: बाह्य कोर और आंतरिक कोर के बीच संक्रमण क्षेत्र।
Incorrect
उत्तर: b)
पृथ्वी का आंतरिक भाग विभिन्न प्रकार की सामग्रियों से बना हुआ है। उनमें से प्रत्येक सामग्री अपने भौतिक और रासायनिक गुणों, जैसे तापमान, घनत्व आदि से एक दूसरे से भिन्न होती है। पृथ्वी के अंदर उनकी विशेषताओं के अनुसार अनेक परतें होती हैं। ये सभी परतें एक संक्रमण क्षेत्र के माध्यम से एक दूसरे से अलग होती हैं। इन संक्रमण क्षेत्रों को असातत्य कहा जाता है।
पृथ्वी के भीतर पाँच असातत्य हैं।
कॉनराड असातत्य: सीमा और सियाल के बीच संक्रमण क्षेत्र।
मोहरोविकिक असातत्य: क्रस्ट और मेंटल के बीच संक्रमण क्षेत्र।
रेपिटी असातत्य: बाहरी मेंटल और आंतरिक मेंटल के बीच संक्रमण क्षेत्र।
गुटेनबर्ग असातत्य: मेंटल और कोर के बीच संक्रमण क्षेत्र।
लेहमैन असातत्य: बाह्य कोर और आंतरिक कोर के बीच संक्रमण क्षेत्र।
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Question 4 of 5
4. Question
महाद्वीपीय विस्थापन (Continental Drift) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- सिद्धांत को अल्फ्रेड वेगेनर ने प्रस्तुत किया था।
- महाद्वीपों के विस्थापन के लिए पोल-फ्लाइंग फाॅर्स और ज्वारीय बल जिम्मेदार थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
जर्मन मौसम विज्ञानी अल्फ्रेड वेगेनर ने 1912 में “महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत” के रूप में एक व्यापक तर्क प्रस्तुत किया था। यह महासागरों और महाद्वीपों के वितरण से संबंधित था।
वेगनर ने सुझाव दिया कि महाद्वीपों के विस्थापन के लिए पोलर-फ्लाइंग फाॅर्स और ज्वारीय बल जिम्मेदार थे। पोलर-फ्लाइंग फाॅर्स पृथ्वी के घूर्णन से संबंधित है। आप इस तथ्य से अवगत हैं कि पृथ्वी एक पूर्ण गोला नहीं है; भूमध्य रेखा पर यह उभरी हुयी है। यह उभार पृथ्वी के घूमने के कारण उत्पन्न हुआ है। दूसरा बल जो वेगनर द्वारा सुझाया गया था – ज्वारीय बल – चंद्रमा और सूर्य के आकर्षण के कारण उत्पन्न होता है जो समुद्र के जल में ज्वार को उत्पन्न करता है। हालाँकि, अधिकांश विद्वानों ने इन बलों को पूरी तरह से अपर्याप्त माना।
Incorrect
उत्तर: d)
जर्मन मौसम विज्ञानी अल्फ्रेड वेगेनर ने 1912 में “महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत” के रूप में एक व्यापक तर्क प्रस्तुत किया था। यह महासागरों और महाद्वीपों के वितरण से संबंधित था।
वेगनर ने सुझाव दिया कि महाद्वीपों के विस्थापन के लिए पोलर-फ्लाइंग फाॅर्स और ज्वारीय बल जिम्मेदार थे। पोलर-फ्लाइंग फाॅर्स पृथ्वी के घूर्णन से संबंधित है। आप इस तथ्य से अवगत हैं कि पृथ्वी एक पूर्ण गोला नहीं है; भूमध्य रेखा पर यह उभरी हुयी है। यह उभार पृथ्वी के घूमने के कारण उत्पन्न हुआ है। दूसरा बल जो वेगनर द्वारा सुझाया गया था – ज्वारीय बल – चंद्रमा और सूर्य के आकर्षण के कारण उत्पन्न होता है जो समुद्र के जल में ज्वार को उत्पन्न करता है। हालाँकि, अधिकांश विद्वानों ने इन बलों को पूरी तरह से अपर्याप्त माना।
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Question 5 of 5
5. Question
महासागर में सुनामी लहरों की गति काफी हद तक निर्भर करती है
Correct
उत्तर: a)
सुनामी (Tsunamis) समुद्र के नीचे भूकंप या ज्वालामुखी विस्फोट के कारण उत्पन्न होने वाली विशाल लहरें होती हैं। समुद्र की गहराई में, सुनामी लहरों की ऊँचाई अधिक नहीं होती हैं। लेकिन जैसे-जैसे लहरें स्थल की ओर गति करती हैं, उनकी ऊँचाई समुद्र की गहराई कम होने के साथ-साथ अधिक होती जाती है।
यह लहर के स्रोत से दूरी के बजाय महासागर की गहराई पर निर्भर करती है। सुनामी लहरें गहरे जल के ऊपर जेट विमानों की तरह तेजी से गमन कर सकती हैं, केवल उथले जल में इनकी गति धीमी हो जाती है।
Incorrect
उत्तर: a)
सुनामी (Tsunamis) समुद्र के नीचे भूकंप या ज्वालामुखी विस्फोट के कारण उत्पन्न होने वाली विशाल लहरें होती हैं। समुद्र की गहराई में, सुनामी लहरों की ऊँचाई अधिक नहीं होती हैं। लेकिन जैसे-जैसे लहरें स्थल की ओर गति करती हैं, उनकी ऊँचाई समुद्र की गहराई कम होने के साथ-साथ अधिक होती जाती है।
यह लहर के स्रोत से दूरी के बजाय महासागर की गहराई पर निर्भर करती है। सुनामी लहरें गहरे जल के ऊपर जेट विमानों की तरह तेजी से गमन कर सकती हैं, केवल उथले जल में इनकी गति धीमी हो जाती है।
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