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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 07 June 2021

 

विषयसूची

 सामान्य अध्ययन-II

1. दीर्घकालीन वीजा हेतु NPR पर्ची वैध

2. परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI)

3. कोवैक्सिन की तुलना में कोविशील्ड द्वारा अधिक एंटीबॉडीज़ का निर्माण: अध्ययन

4. सीरिया द्वारा संभवतः रासायनिक हथियारों का 17 बार प्रयोग किया जा चुका है: OPCW

5. एनटीपीसी, संयुक्त राष्ट्र के सीईओ वाटर मैंडेट में शामिल

 

सामान्य अध्ययन-IV

1. पंचायतों के लिए एक आदर्श नागरिक घोषणापत्र

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. तियानमेन चौक नरसंहार

2. विश्व पर्यावरण दिवस

3. यूनटैब योजना

4. स्कूलों में कोडिंग और डेटा साइंस शुरू करने हेतु सीबीएसई और माइक्रोसॉफ्ट के मध्य भागेदारी

5. आई-फैमिलिया

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

दीर्घकालीन वीजा हेतु NPR पर्ची वैध


संदर्भ:

हाल ही में, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट करते हुए कहा है, कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के गैर-मुस्लिम छह अल्पसंख्यक समुदायों के प्रवासी, दीर्घकालीन वीजा (long-term visasLTVs) के लिए आवेदन करते समय, भारत में अपने प्रवास-अवधि के प्रमाण के रूप में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register NPR) नामांकन पर्ची भी प्रस्तुत कर सकते हैं।

पृष्ठभूमि:

तीन देशों के छह समुदाय – हिंदू, सिख, जैन, पारसी, ईसाई और बौद्ध- के लिए ‘नागरिकता अधिनियम’, 1955 की धारा 5 और 6 के तहत देशीयकरण (Naturalisation) या पंजीकरण (Registration) के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने हेतु दीर्घकालीन वीजा (long-term visas- LTVs) के लिए आवेदन करना एक पूर्व-शर्त है।

  • और, भारत में प्रवास-अवधि को साबित करने के लिए 10 से अधिक दस्तावेजों की एक साक्ष्य सूची तैयार की गई है। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) नामांकन पर्ची भी इस साक्ष्य सूची में शामिल है।
  • पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हिंदुओं और सिखों के लिए दीर्घकालीन वीजा (LTV) देने का विशेष प्रावधान पहली बार वर्ष 2011 में किया गया था।

दीर्घकालीन वीजा (LTV) क्या हैं?

‘दीर्घकालीन वीजा’, गैर-भारतीय मूल के विदेशियों के लिए दिए जाने वाले विभिन्न वीजा की एक श्रेणी है। ‘दीर्घकालीन वीजा’ धारक व्यक्ति को भारत में, लगातार 180 दिनों (छह महीने) से अधिक समय तक रहने की अनुमति होती है। इसे मुख्यतः रोजगार तथा छात्रों के लिए प्रदान किया जाता है।

दीर्घकालीन वीजा के लाभ:

  • पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यक समुदायों के दीर्घकालीन वीजा (LTV) धारक व्यक्तियों के लिए अपने परिवार के लिए एक छोटा सा घर खरीदने की अनुमति होती है और कि वे कोई एक व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं।
  • दीर्घकालीन वीजा धारक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के पात्र होते हैं। यह वीजा, धारकों के लिए देश में संपत्ति खरीदने की भी अनुमति देता है।

‘राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर’ (NPR) क्या है?

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को पहली बार वर्ष 2010 में तैयार किया गया और फिर 2015 में इसे अद्यतन किया गया था।

  • NPR, सामान्य निवासियों का एक रजिस्टर है, जिसमे गांव स्तर तक इनका निवास संबंधी विवरण दर्ज होता है। “जन्म, मृत्यु और प्रवास के कारण होने वाले परिवर्तनों को शामिल करने के लिए” समय-समय पर ‘राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर’ को अद्यतन किया जाता है।
  • ‘राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर’ के अगले चरण में, पिता और माता के जन्म की तारीख और स्थान, निवास का अंतिम स्थान और मातृभाषा आदि से संबंधित विवादास्पद प्रश्न शामिल किए जाने की उम्मीद है।
  • इसका अगला चरण, वर्ष 2021 मकान सूचीकरण और मकान-गणना के साथ अपडेट किया जाना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

भारतीय नागरिकता का अर्जन और निर्धारण:

भारतीय नागरिकता प्राप्त करने हेतु चार तरीके निर्धारित हैं: जन्म, वंशानुगत, पंजीकरण और देशीयकरण। इन प्रावधानों को ‘नागरिकता अधिनियम’, 1955 के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

पंजीकरण द्वारा:

केंद्र सरकार आवेदन प्राप्त होने पर किसी व्यक्ति (अवैध प्रवासी न हो) को पंजीकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्रदान कर सकती है। इसके लिए कुछ अनिवार्य नियम हैं:

  1. भारतीय मूल का व्यक्ति, जो नागरिकता प्राप्त करने हेतु आवेदन करने से ठीक पहले 7 वर्षों से भारत में रह चुका हो।
  2. भारतीय मूल का व्यक्ति जो अविभाजित भारत के बाहर या किसी अन्य देश में रह रहा हो।
  3. वह व्यक्ति, जिसने भारतीय नागरिक से विवाह किया हो और पंजीकरण के लिए आवेदन करने से पूर्व भारत में 7 साल से रह रहा हो।
  4. उन व्यक्तियों के नाबालिग बच्चे जो भारत के नागरिक हैं।

देशीयकरण द्वारा:

कोई व्यक्ति देशीयकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकता है, यदि वह सामान्य रूप से 12 वर्षों (आवेदन की तिथि से पहले 12 महीने और कुल मिलाकर 11 वर्षो तक) से भारत में रह रहा हो और नागरिकता अधिनियम की तीसरी अनुसूची में निर्धारित सभी योग्यताओं को पूरा करता है।

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, (Citizenship (Amendment) Act), 2019:

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के प्रावधानों के अनुसार, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई, जो 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश कर चुके थे, उन्हें अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा।

 

इंस्टा जिज्ञासु:

क्या आप जानते हैं कि ‘राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर’ को अपडेट करने की प्रक्रिया भारत के रजिस्ट्रार जनरल और पदेन जनगणना आयुक्त के तत्वावधान में की जाएगी? ‘राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर’ के अधिक जानने हेतु देखें: 

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. नागरिकता से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
  2. NPR डेटा के घटक
  3. सामान्य निवासी कौन है?
  4. NPR कौन तैयार करता है?
  5. कोई व्यक्ति भारतीय नागरिकता कैसे प्राप्त कर सकता है?
  6. क्या एक भारतीय नागरिक दोहरी नागरिकता रख सकता है?
  7. दीर्घकालीन वीजा क्या हैं?
  8. नागरिकता अधिनियम में नवीनतम संशोधन

मेंस लिंक:

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के तहत डेटा संग्रह के लिए राज्यों द्वारा विरोध क्यों किया जा रहा है। चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI)


(Performance Grading Index)

संदर्भ:

हाल ही में, शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ‘प्रदर्शन श्रेणी सूचकांक’ अर्थात ‘परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स’ (Performance Grading Index- PGI) 2019-20 जारी किया गया है।

परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स’ के बारे में:

  1. ‘परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स’ (PGI), सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘स्कूली शिक्षा’ के संबंध में 70 संकेतकों के आधार पर उनके प्रदर्शन को ‘ग्रेड’ देने का एक उपकरण है।
  2. पीजीआई पहली बार 2019 में 2017-18 के संदर्भ में प्रकाशित किया गया था।
  3. सूचकांक में संकेतकों को 2 श्रेणियों में बांटा गया है – परिणाम और प्रशासन, तथा प्रबंधन। पहली श्रेणी में चार क्षेत्रों (डोमेन) में तथा दूसरी श्रेणी में एक क्षेत्र को शामिल किया गया है ।
  4. उद्देश्य: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए शिक्षकों की ऑनलाइन भर्ती और स्थानांतरण, छात्रों और शिक्षकों की इलेक्ट्रॉनिक उपस्थिति जैसी सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
  5. महत्व: ग्रेडिंग प्रणाली, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी कमियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने हेतु उपयुक्त हस्तक्षेपों को डिजाइन करने में सहायता करती है।

नवीनतम निष्कर्ष:

  1. पंजाब, चंडीगढ़, तमिलनाडु, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह तथा केरल को 2019-20 के लिए उच्चतम ग्रेड (ए++) प्राप्त हुआ है।
  2. दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, पुडुचेरी, दादरा और नगर हवेली को ‘ए प्लस’ श्रेणी में स्थान दिया गया हैं।
  3. पंजाब के लिए ‘प्रशासन और प्रबंधन’ श्रेणी में सर्वाधिक अंक प्राप्त हुए हैं।
  4. अवसंरचना और सुविधाओं की श्रेणी में बिहार और मेघालय को सबसे कम अंक मिले हैं।

 

इंस्टा जिज्ञासु:

क्या आप जानते हैं, कि फ्यूचर इंडेक्स 2019 हेतु ‘वर्ल्डवाइड एजुकेशन’ में भारत पांच रैंक की छलांग लगाकर 35वें स्थान पर पहुंच गया है। यहां पढ़ें, 

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) के बारे में
  2. जारी कर्ता?
  3. रैंकिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले संकेतक
  4. नवीनतम सूचकांक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रदर्शन

मेंस लिंक:

परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

कोवैक्सिन की तुलना में कोविशील्ड द्वारा अधिक एंटीबॉडीज़ का निर्माण: अध्ययन


संदर्भ:

हाल ही में, भारत में टीकाकरण की वास्तविक प्रभावशीलता का अध्ययन करने के लिए एक शोध किया गया था। यह शोधअध्ययन स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों (HCW) पर किया गया था।

इस शोध के दौरान, जनवरी से मई 2021 तक, 13 राज्यों के 22 शहरों में 515 स्वास्थ्य कर्मियों का आकलन किया गया था।

प्रमुख निष्कर्ष:

  1. कोविशील्ड (Covishield) वैक्सीन द्वारा कोवैक्सिन (Covaxin) की तुलना में अधिक एंटीबॉडीज़ का निर्माण किया गया।
  2. पहली खुराक लेने के बाद, कोविशील्‍ड वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्तियों में एंटी स्‍पाइक एंटीबॉडी से संबंधित सीरोपॉजिटिविटी रेट (Seropositivity rates), कोवैक्सिन लगवाने वाले की तुलना में काफी अधिक था।
  3. कोवैक्सिन लेने वालों की तुलना में कोविशील्ड लेने वाले व्यक्तियों की एंटी-स्पाइक एंटीबॉडीज़ में प्रतिक्रिया दर और औसत वृद्धि काफी अधिक थी।

टीका (Vaccine) क्या होता है?

टीके, शरीर में किसी ‘रोग-जनक अभिकर्मक’ का हमला होने पर, व्यक्ति के संक्रमित होने से पहले ही, रोगाणु के खिलाफ मुकबला करने करने के लिए, प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रशिक्षित करते हैं। टीके, शरीर के लिए भविष्य में रोगाणुओं से बचाव के लिए तैयार करते हैं।

वैक्सीन की क्रियाविधि:

  • टीकों में एंटीजन नामक एक घटक होता है, जो आमतौर पर, जिस रोगज़नक़ के खिलाफ टीका विकसित किया जाता है, उसी का एक अंश होता है।
  • एंटीजन, एक बार मानव शरीर के अंदर प्रविष्ट हों जाने के बाद, बिना बीमारी को बढाए, सुरक्षात्मक एंटीबॉडी विकसित करने हेतु प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करते हैं।
  • इस तरह, एक बार जब किसी व्यक्ति का पूर्णरूपेण टीकाकरण हो जाता है, तो उसमे एंटीबॉडीज़ विकसित हो जाती है और वह बीमारी से सुरक्षित रहता है।

कोविशील्ड बनाम कोवैक्सिन

  1. कोविशील्ड (ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित वैक्सीन) वायरल-वेक्टर प्लेटफॉर्म पर आधारित है।
  2. कोवैक्सिन (भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा संयुक्त रूप से विकसित), एक निष्क्रिय (Inactivated) वैक्सीन है।

‘वायरल-वेक्टर’ टीके (Viral-Vectored Vaccines) कौन से होते हैं?

संक्रामक रोग जीव विज्ञान में, वेक्टर (vector), रोगजनक कर्मिकों के परिवहन हेतु एक वाहन के रूप में कार्य करता है। उदाहरण के लिए, मच्छर, मलेरिया फैलाने वाले प्लास्मोडियम (Plasmodium) नामक परजीवी के वाहक होते हैं।

वायरल-वेक्टर टीकों में, एक लक्षित एंटीजन जीन को मानव कोशिकाओं में प्रविष्ट करने हेतु एक वायरस का वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है।

  • इस तरह ऐसे कई वायरल वैक्टर हैं, जिनके अलग-अलग फायदे होते हैं। इनमे से, एडेनोवायरस वैक्टर’ (Adenovirus Vectors) का सर्वाधिक उपयोग किया जाता है, हालांकि इससे मनुष्यों में बहुत हल्की सर्दी-जुखाम या लक्षणहीन संक्रमण (asymptomatic infections) के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
  • कोविशील्ड में SARS-CoV-2 स्पाइक प्रोटीन को मानव कोशिकाओं में प्रविष्ट कराने हेतु ‘चिंपैंजी एडेनोवायरस’ (AZD1222 या ChAdOx1) का उपयोग किया जाता है।
  • चिंपैंजी एडेनोवायरस (chimpanzee adenovirus) का उपयोग इसलिए किया जाता है, क्योंकि मनुष्यों में इस एडेनोवायरस के खिलाफ पहले से एंटीबॉडीज़ मौजूद नहीं होते हैं।

निष्क्रिय (Inactivated) या मृत (Killed) टीके कौन से होते हैं?

जो रोगजनक (वायरस या बैक्टीरिया), अपनी प्रतिकृतियों का निर्माण नहीं कर सकते, उनसे कोई बीमारी नहीं फ़ैल सकती है। अतः, फॉर्मेलिन जैसे रसायनों का उपयोग करके, किसी वायरस या बैक्टीरिया को निष्क्रिय कर, इनके लिए एक सुरक्षित प्रतिरक्षाजन (Immunogen) में परिवर्तित किया जा सकता है।

  • चूंकि, निष्क्रिय वायरस या बैक्टीरिया प्रतिकृतियां नहीं बना पाते हैं, इसलिए, हमें इन टीकों की कई खुराकों की जरूरत हो सकती है, और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में सुधार करने हेतु एक अन्य पदार्थ भी देना पड़ सकता है – इसे ‘सहायक’ (Adjuvant) कहा जाता है।
  • ‘सहायक’ (Adjuvant- ऐजवन्ट) पदार्थ के रूप में सामान्यतः ‘फिटकरी’ (alum) का प्रयोग किया जाता है, इसके अलावा, शार्क के लिवर में मिलने वाला तेल, और कुछ अन्य पदार्थ भी ‘सहायक’ के रूप में प्रयुक्त किये जाते हैं ।
  • भारत का कोवैक्सिन तथा चीन के कई टीके, ‘निष्क्रिय प्लेटफॉर्म’ पर विकसित किए गए हैं।

 

इंस्टा जिज्ञासु:

क्या आप जानते हैं, RNA वैक्सीन, आरएनए टीके, सबयूनिट वैक्सीन, लाइव-एटेन्यूएटेड वैक्सीन आदि भी टीकों के अन्य प्रकार होतें है? इनके बारे में यहाँ पढ़ें,

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. एंटीबॉडी क्या हैं?
  2. एंटीजन / प्रतिजन क्या हैं?
  3. टीके क्या हैं? ये किस प्रकार कार्य करते है?
  4. टीकों के प्रकार।
  5. mRNA क्या है?

मेंस लिंक:

वैक्सीन की बर्बादी पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

 सीरिया द्वारा संभवतः रासायनिक हथियारों का 17 बार प्रयोग किया जा चुका है: OPCW


संदर्भ:

‘रासायनिक हथियार निषेध संगठन’ (Organisation for the Prohibition of Chemical Weapons- OPCW) के प्रमुख ने ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद’ को सूचित करते हुए कहा है, कि OPCW के विशेषज्ञों द्वारा  सीरिया के खिलाफ लगाए गए 77 आरोपों की जांच की गई है, और इनके निष्कर्षों के अनुसार, 17 मामलों में सीरिया ने रासायनिक हथियारों का संभावित या निश्चित रूप से इस्तेमाल किया है।

पृष्ठभूमि:

पश्चिमी देशों द्वारा, रासायनिक हथियारों के एक घातक हमले के लिए, दमिश्क को दोषी ठहराए जाने के बाद, सितंबर 2013 में सीरिया पर, उसके करीबी सहयोगी रूस द्वारा ‘रासायनिक हथियार अभिसमय’ (Chemical Weapons Convention- CWC) में शामिल होने के लिए दबाव डाला गया था।

रासायनिक हथियार निषेध संगठन’ (OPCW) के बारे में:

यह,‘परमाणु अप्रसार संधि’ (Non-Proliferation Treaty- NPT) की शर्तों को लागू करने और इनका कार्यान्वयन करने हेतु ‘रासायनिक हथियार अभिसमय’ (Chemical Weapons Convention- CWC), 1997 के द्वारा स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है।

  • OPCW और संयुक्त राष्ट्र के बीच संबंध समझौते के तहत, वर्ष 2001 तक OPCW, अपने निरीक्षण और अन्य कार्रवाईयों के बारे में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र को रिपोर्ट करती थी।
  • इस संगठन को रासायनिक हथियारों को खत्म करने संबंधी व्यापक प्रयासों के लिए वर्ष 2013 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

शक्तियां:

OPCW को हस्ताक्षरकर्ता देशों द्वारा ‘समझौते’ के अनुपालन को सत्यापित करने हेतु निरीक्षण करने की शक्ति प्राप्त है।

रासायनिक हथियार अभिसमय’ द्वारा निम्नलिखित कृत्यों को निषिद्ध किया गया है:

  1. रासायनिक हथियारों का विकास, उत्पादन, अधिग्रहण, संग्रहण, या प्रतिधारित रखना।
  2. रासायनिक हथियारों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हस्तांतरण।
  3. रासायनिक हथियारों का उपयोग अथवा सैन्य उपयोग के लिए तैयारी।
  4. CWC -निषिद्ध गतिविधियों में शामिल होने के लिए अन्य राज्यों की सहायता करना, प्रोत्साहित करना या प्रेरित करना।
  5. ‘युद्ध की एक विधि के रूप में’ दंगा नियंत्रण एजेंटों का उपयोग।

 

इंस्टा जिज्ञासु:

क्या आप जानते है, कि भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) को ‘रासायनिक हथियार निषेध संगठन’ (OPCW) द्वारा 2021 से शुरू होने वाले तीन साल के कार्यकाल के लिए बाहरी लेखा परीक्षक के रूप में चुना गया है। यहाँ पढ़ें, 

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. OPCW के बारे में
  2. CWC क्या है
  3. सदस्य
  4. कार्यकारी परिषद के कार्य
  5. OPCW के बाह्य लेखा परीक्षक की भूमिका और कार्य

मेंस लिंक:

‘रासायनिक हथियार अभिसमय’ पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

 एनटीपीसी, संयुक्त राष्ट्र के सीईओ वाटर मैंडेट में शामिल


(NTPC joins UN’s CEO Water mandate)

संदर्भ:

भारत की सबसे की सबसे बड़ी विद्युत कंपनी NTPC लिमिटेड ने प्रतिष्ठित ‘यूएन ग्लोबल कॉम्पेक्ट’ के सीईओ वाटर मैंडेट (UN Global Compact’s CEO Water Mandate) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

सीईओ वाटर मैंडेट क्या है?

सीईओ वाटर मैंडेट (CEO Water Mandate),एक संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कॉम्पैक्ट (UN Global Compact) पहल है, जो पानी, स्वच्छता और सतत विकास लक्ष्यों पर पानी और स्वच्छता एजेंडा को बेहतर बनाने के लिए कंपनियों की प्रतिबद्धता और प्रयासों को प्रदर्शित करती है।

  • सीईओ वाटर मैंडेट को जल संबंधी व्यापक रणनीतियों और नीतियों के विकास, कार्यान्वयन और प्रकटीकरण में कंपनियों की सहायता के लिए डिजाइन किया गया है।
  • यह कंपनियों को समान विचारधारा वाले व्यवसायों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, सार्वजनिक प्राधिकरणों, नागरिक समाज संगठनों और अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ साझेदारी करने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म भी प्रदान करता है।

‘संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कॉम्पैक्ट पहल’ क्या है?

(UN Global Compact initiative)

यह, एक गैर-बाध्यकारी संयुक्त राष्ट्र समझौता है, जो दुनिया भर के व्यवसायों और फर्मों को, सतत और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नीतियों को अपनाने, और उनके कार्यान्वयन संबंधी रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

  • इसे वर्ष 2000 में लॉन्च किया गया था।
  • यह, व्यवसायों के लिए एक सिद्धांत-आधारित फ्रेमवर्क है, और इसके तहत मानवाधिकारों, श्रम, पर्यावरण और भ्रष्टाचार-रोधी क्षेत्रों में दस सिद्धांतों को निर्धारित किया गया है।
  • ग्लोबल कॉम्पेक्ट के तहत, कंपनियों को संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, श्रमिक समूहों और नागरिक समाज के साथ जोड़ा जाता है।
  • विश्व के शहर भी, ‘द सिटीज प्रोग्राम’ (the Cities Programme) के माध्यम से ‘ग्लोबल कॉम्पैक्ट’ में शामिल हो सकते हैं।

NTPC का विजन:

  • एनटीपीसी द्वारा उचित जल प्रबंधन पर अपने संयंत्र-स्थानों में पहले से ही कई उपाय किये जा रहे हैं।
  • एनटीपीसी, विद्युत् उत्पादन की अपनी मुख्य व्यावसायिक गतिविधि को अंजाम देते हुए जल संरक्षण और प्रबंधन हेतु 3R (रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकल) पर और अधिक जोर देगा।

भारत में किस सीमा तक जल संकट की समस्या है?

  • समग्र जल प्रबंधन सूचकांक (2018)’ पर नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 600 मिलियन से अधिक भारतीय अत्यधिक जल-संकट का सामना कर रहे हैं।
  • विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2030 तक प्रति व्यक्ति पानी उपलब्धता की वर्तमान मात्रा 1,588 घन मीटर प्रति वर्ष से घटकर आधे से भी कम हो जाएगी। इससे भारत में अधिकाँश लोगों के लिए अकल्पनीय आपदा का सामना करना पड़ेगा।

विश्व के कुल ताजे पाने का 4% भारत में पाया जाता है, जिससे विश्व की 17% जनसंख्या की जरूरतें पूरी की जाती हैं।

 

इंस्टा जिज्ञासु:

क्या आप जल अभिसमय और जल और स्वास्थ्य पर प्रोटोकॉल के बारे में जानते हैं? क्या भारत इस अभिसमय का हस्ताक्षरकर्ता है? यहां पढ़ें,

 

प्रीलिम्स लिंक:

  1. संयुक्त राष्ट्र सीईओ वाटर मैंडेट के बारे में
  2. यूएन ग्लोबल कॉम्पैक्ट पहल के बारे में
  3. वैश्विक सघन शहर कार्यक्रम
  4. ‘समग्र जल प्रबंधन सूचकांक’ पर नीति आयोग की रिपोर्ट

मेंस लिंक:

यूएन ग्लोबल कॉम्पैक्ट पहल पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्रोत: पीआईबी

 


सामान्य अध्ययन- IV


 

विषय: नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

पंचायतों के लिए एक आदर्श नागरिक घोषणापत्र


(A Model Panchayat Citizens Charter)

संदर्भ:

हाल ही में, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के साथ कार्यों को संरेखित करते हुए, 29 क्षेत्रों में सेवाओं के वितरण के हेतु एक आदर्श पंचायत नागरिक घोषणा पत्र / रूपरेखा (A Model Panchayat Citizens Charter) जारी किया गया है।

इसे पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) द्वारा ‘राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान’ (National Institute of Rural Development & Panchayati Raj- NIRDPR) के सहयोग से तैयार किया गया है।

महत्व:

यह नागरिक घोषणा पत्र सेवाओं डिजाइनिंग एवं सुपुर्दगी करते हुए स्थाई विकास हेतु सार्वजनिक सेवाओं का पारदर्शी एवं प्रभावी वितरण सुनिश्चित करेगा और विविध विचारों को सम्मिलित करके स्थानीय सरकारों की समावेशिता और जवाबदेही को बढ़ाएगा।

आवश्यकता:

  • पंचायतें ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार का तीसरा स्तर है और भारतीय जनता की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी के लिए सरकार के साथ संपर्क का प्रथम स्तर है।
  • पंचायतें, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243G में यथा विहित बुनियादी सेवाओं विशेषकर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, शिक्षा, पोषण, पेयजल की सुपुर्दगी के लिए उत्तरदायी हैं।

नागरिक घोषणा पत्र के बारे में:

  • नागरिक घोषणा पत्र (Citizens’ Charters) पहल, सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने वाली संस्थाओं के साथ लेन-देने करने के दौरान, नागरिकों को दिन-ब-दिन होने वाली समस्याओं का हल खोजने का एक जबाव है।
  • नागरिक घोषणा पत्र की अवधारणा, सेवा प्रदाता और उसके उपयोगकर्ताओं के बीच विश्वास सुनिश्चित करती है।
  • इस अवधारणा को पहली बार 1991 में यूनाइटेड किंगडम में प्रस्तुत और कार्यान्वित किया गया था।

मूल रूप से तैयार किए गए ‘सिटीजन चार्टर’ आंदोलन में छह सिद्धांत शामिल किए गए थे:

  1. गुणवत्ता: सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार
  2. विकल्प: जहाँ भी संभव हो।
  3. मानक: निर्दिष्ट करें कि क्या अपेक्षा की जाए और मानकों को पूरा न करने पर क्या प्रतिक्रिया की जाए।
  4. मूल्य: करदाताओं के पैसों का मूल्य समझा जाए।
  5. जवाबदेही: व्यक्ति और संगठन।
  6. पारदर्शिता

भारत में सिटीजन चार्टर की अवधारणा:

सिटीजन चार्टर की अवधारणा को पहली बार, मई 1997 में, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन’ में अपनाया गया था।

स्रोत: पीआईबी

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


तियानमेन चौक नरसंहार

(Tiananmen square massacre)

संदर्भ: हाल ही में तियानमेन चौक नरसंहार की 32वीं वर्षगांठ मनाई गई।

इस नरसंहार के बारे में:

4 जून, 1989 को चीनी सैनिकों द्वारा बीजिंग के तियानमेन स्क्वायर के आसपास लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर दमन-कारी कार्रवाई की गई थी।

  • इस कार्रवाई के दौरान हुई मौतों का कोई आधिकारिक मौत का आंकड़ा कभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन मानवाधिकार समूहों का अनुमान है कि चीनी सैनिकों द्वारा हजारों नहीं तो सैकड़ों के संख्या में लोग मारे गए थे।
  • इस विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले, मुख्य रूप से छात्र थे, जो चीन में लोकतंत्र, स्वतंत्र भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता की मांग कर रहे थे।

विश्व पर्यावरण दिवस

पर्यावरण जागरूकता और संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।

  • 5 जून 1972 को स्वीडन के स्टॉकहोम में मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन का आयोजन किया गया था। हालाँकि, इसे पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका में 1974 में ‘केवल एक पृथ्वी’ थीम के साथ मनाया गया था।
  • विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीम: “रीइमेजिन, रीक्रिएट, रीस्टोर” ( Recreate. Restore) है। यह थीम, संयुक्त राष्ट्र के ‘पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक’ पर आधारित है, जिसे इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा लॉन्च किया जाएगा।
  • इसका आयोजन प्रत्येक वर्ष ‘संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम’ (UNEP) द्वारा किया जाता है। हर वर्ष अलग- अलग देश विश्व पर्यावरण दिवस की मेज़बानी करते हैं।
  • विश्व पर्यावरण दिवस 2021 के लिए, पाकिस्तान वैश्विक मेजबान होगा।

यूनटैब योजना

(YounTab scheme)

केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में उप-राज्यपाल द्वारा डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘यूनटैब योजना’ का शुभारंभ किया गया है।

इस योजना के तहत, कक्षा 6 से 12 वीं तक के सरकारी स्कूल के छात्रों को पाठ्यपुस्तकों, वीडियो व्याख्यान और ऑनलाइन कक्षाओं के एप्लीकेशनस सहित प्री-लोडेड ऑनलाइन और ऑफलाइन सामग्री के साथ 12,300 टैबलेट वितरित किए जाएंगे।

स्कूलों में कोडिंग और डेटा साइंस शुरू करने हेतु सीबीएसई और माइक्रोसॉफ्ट के मध्य भागेदारी

  • सीबीएसई ने कक्षा 6 से 12 वीं तक के स्कूलों में कोडिंग और डेटा साइंस शुरू करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ भागेदारी किया है।
  • इन नए विषयों को 2021-22 शैक्षणिक सत्र में शुरू किया जाएगा।

आई-फैमिलिया

(I-Familia)

  • यह लापता व्यक्तियों की पहचान करने के लिए एक वैश्विक डेटाबेस है।
  • इसे इंटरपोल द्वारा लॉन्च किया गया है।
  • यह परिवार के डीएनए के माध्यम से लापता व्यक्तियों की पहचान करने में सक्षम है और सदस्य देशों के जटिल मामलों को सुलझाने में पुलिस की मदद कर सकता है।

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