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INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन– I
विषय: सामाजिक सशक्तिकरण, महिला एवं महिला संगठनों की भूमिका।
1. भारत की दूसरी कोविड लहर का भार ग्रामीण महिलाएं क्यों उठा रही हैं? ग्रामीण महिलाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ धारणीय एवं लिंग-समावेशी आर्थिक सुधार की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रश्न में दिए गए कथन की पुष्टि के लिए कुछ प्रमुख तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
ग्रामीण महिलाओं पर महामारी का अधिक प्रभाव क्यों पड़ा है? सम्बंधित कारणों पर चर्चा कीजिए।
इसके समाधान के लिए क्या किये जाने की आवश्यकता है? विश्लेषण कीजिए एवं उपाय भी सुझाइए।
निष्कर्ष:
ग्रामीण महिलाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ धारणीय एवं लिंग-समावेशी आर्थिक सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– II
विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय। स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।
2. भारत जैसे स्तरित स्वास्थ्य प्रणालियों एवं सांस्कृतिक मान्यताओं वाले देश में आधुनिक चिकित्सा के पक्ष में पारंपरिक प्रणालियों को पूर्णतः अस्वीकार करना नासमझी होगी। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: tribuneindia.com
निर्देशक शब्द:
टिप्पणी कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
इस तथ्य पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि महामारी ने आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के बीच मौजूदा दोष रेखाओं को उजागर एवं गहरा कर दिया है।
विषय वस्तु:
प्रश्न की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत कीजिए।
साक्ष्य के आधार पर स्वास्थ्य प्रणालियों को पुनर्परिभाषित करने के महत्व की चर्चा कीजिए। अपने तर्क के समर्थन में उदाहरण भी दीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि हमें एक आवश्यक नियामक तंत्र, शिक्षण मानक, लाइसेंस प्रणाली और विपणन मानदंड विकसित करने की आवश्यकता है, जो सभी प्रणालियों पर समान रूप से लागू हों।
विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।
3. विज्ञान एवं अनुप्रयुक्त प्रौद्योगिकियों में अधिक महिलाओं की भागीदारी, समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: researchgate.net
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत में लैंगिक समानता की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित (एसटीईएम) क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी की स्थिति पर चर्चा कीजिए।
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में सुधार के लिए कुछ उपाय सुझाइए।
- इस दिशा में सरकार के प्रयासों पर चर्चा कीजिए। लागू नीतिगत उपायों पर प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
लैंगिक समानता को विकास परिप्रेक्ष्य के एक अनिवार्य पहलू के रूप में देखने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।
4. वैक्सीन हिचकिचाहट (vaccine hesitancy) से आप क्या समझते हैं? इसके परिणामों पर चर्चा कीजिए एवं इस मुद्दे को हल करने के लिए कुछ संचार रणनीति का सुझाव भी दीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
वैक्सीन हिचकिचाहट क्या है? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
इसके परिणामों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।
इसे दूर करने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
5. मॉडल काश्तकारी अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए एवं इसके क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालिए तथा इन्हें दूर करने के उपायों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
यह समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि मॉडल काश्तकारी अधिनियम का उद्देश्य किराये के आवास उद्देश्यों के लिए खाली आवास स्टॉक को खोलना एवं काश्तकारों तथा जमींदारों के मध्य मौजूद भरोसे की कमी को स्पष्ट रूप से उनके दायित्वों को स्पष्ट करके पाटने में सहायता करना है।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:
- मॉडल काश्तकारी अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा कीजिए।
- इसमें संशोधनों की आवश्यकता क्यों है? समझाइए। इसमें शामिल चुनौतियों पर भी प्रकाश डालिए।
- इसके समाधान के लिए उपाय सुझाइए।
निष्कर्ष:
वर्तमान कठिन समय में मॉडल काश्तकारी अधिनियम कैसे सहायता करेगा? समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– III
विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।
6. वैश्विक न्यूनतम निगम कर के उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए। यह बेस इरोजन एंड प्रॉफिट शिफ्टिंग (BEPS) के मुद्दों को दूर करने में कैसे सहायक है? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए।
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
वैश्विक न्यूनतम निगम कर को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:
- प्रश्न की पृष्ठभूमि पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।
- वैश्विक न्यूनतम निगम कर व्यवस्था से भारत के लिए संभावित लाभों पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– IV
विषय: भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।
7. “बेईमान अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए सरकारी अनुमति की आवश्यकता भ्रष्टाचार के लिए एक सुरक्षा कवच है।” क्या आप सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)
सन्दर्भ: prsindia.org
निर्देशक शब्द:
स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
प्रश्न का सन्दर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
प्रश्न से सम्बंधित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।
इसके पक्ष एवं विपक्ष दोनों पर चर्चा कीजिए।
सुझाव दीजिए कि क्या करने की आवश्यकता है, इस पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों को उद्धृत कीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि यह विचार कि कानून को लोक सेवकों और निजी नागरिकों के लिए अलग-अलग होना चाहिए, एक कालानुक्रमिकता है, जिसका सैद्धांतिक रूप से कोई आधार नहीं है एवं व्यवहार में इसका कोई बचाव नहीं है।
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