[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 3 जून 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव। सामाजिक सशक्तीकरण, संप्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।

1. वैश्वीकरण ने भारत में सांस्कृतिक विविधता के मूल सिद्धांतों को किस सीमा तक पूर्वनिर्धारित किया है? समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: un.org

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वैश्वीकरण की सामान्य परिभाषा प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

वैश्वीकरण के सकारात्मक प्रभावों जैसे- भाषाई विविधता, जाति विविधता, धार्मिक विविधता, नस्लीय विविधता आदि पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

इसके नकारात्मक प्रभावों का भी विश्लेषण कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि वैश्वीकरण एक सीमा तक एक समेकक बल के रूप में कार्य करता है, लेकिन निगरानी की पहुंच से भारत को अपने बहुभाषी, बहु-धार्मिक और बहु-जाति समाज को संरक्षित करने में सहायता मिलेगी।

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

 2. महामारी के दौरान ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की कमियों का विश्लेषण कीजिए। प्रक्रिया को लचीला बनाने के लिए उठाए जा सकने वाले कुछ कदमों का प्रस्ताव भी प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)                           

सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को दर्शाने वाले कुछ प्रमुख तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • भारतीय ग्रामीण स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  • भारतीय ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली की क्या कमजोरियाँ हैं एवं ग्रामीण क्षेत्रों पर कोविड-19 के असमान प्रभावों में उनकी क्या अभिव्यक्तियाँ हैं? विस्तार से चर्चा कीजिए।
  • भविष्य की महामारियों के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को लचीला बनाने के उपायों का सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि यद्यपि एक दिन या एक सप्ताह या एक महीने में अपनी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को बदलना असंभव है लेकिन इस दिशा में सही कदम भविष्य की महामारियों और अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने में सहायता करेंगे।

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

3. केंद्र-राज्य संबंधों में संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए भारत में बेहतर शासन के लिए संघीय गठबंधन की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:   The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

आप केंद्र एवं राज्यों के मध्य के हालिया संघर्ष को दर्शाते हुए उत्तर प्रारम्भ कर सकते हैं।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • केंद्र एवं राज्यों के मध्य के उन मुद्दों पर चर्चा कीजिए, जिन्हें प्रायः विकास के लिए एक चुनौती के रूप में देखा जाता है।
  • इनसे सम्बंधित चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
  • इस प्रकार राज्य गठबंधन की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

भारत में बेहतर शासन के लिए संघीय गठबंधन की आवश्यकता को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

 4. भारत की कूटनीति पर कोविड-19 की दोनों लहरों का प्रभाव कितना विविध था? महामारी के परिणाम से निपटने के लिए निकट भविष्य में भारत किन परीक्षणों का सामना कर सकता है? समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को दर्शाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

कोविड की दोनों लहरों में भारत के कूटनीतिक ढांचे की व्याख्या कीजिए।

दोनों लहरों के दौरान भारत द्वारा अपनाये गए वैक्सीन कूटनीति के विभिन्न आयामों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि अस्थाई सदस्य के रूप में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपनी सीट और डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी बोर्ड में अपनी स्थिति के साथ, भारत पिछले कुछ महीनों में कोविड-19 कुप्रबंधन के अपने खोए हुए पायदान को पुनः हासिल करने की कोशिश कर सकता है।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

5. एक विशिष्ट वैश्विक कार्बन प्रोत्साहन योजना प्रत्येक देश को जलवायु परिवर्तन की लागत को कम करने के लिए प्रेरित कर सकती है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Live Mint

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

वैश्विक जलवायु परिवर्तन एवं विश्व स्तर पर इसका शमन करने की आवश्यकता के महत्व की व्याख्या कीजिए।

वैश्विक कार्बन प्रोत्साहन योजना के महत्व पर चर्चा कीजिए।

इसका विस्तार से विश्लेषण कीजिए एवं समाधान सुझाइए।

 निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

 6. हाल के वर्षों में उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाओं के विकास पर विचार-विमर्श कीजिए। डिजिटल इंडिया को सक्षम बनाने के सरकार के दृष्टिकोण में इसके महत्व का भी विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:   Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 विचार-विमर्श कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सम्बन्ध में अपने ज्ञान और समझ के अनुसार एक सारगर्भित रूप में उत्तर प्रस्तुत कीजिए।

 विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के सन्दर्भ से सम्बंधित कुछ प्रमुख तथ्य प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाओं को समझाते हुए इनके विकास पर एक लेख लिखिए। 

उदाहरण दीजिए एवं डिजिटल इंडिया को सक्षम बनाने के सरकार के दृष्टिकोण में इसके महत्व का विश्लेषण कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIV


 

विषय: भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।

7. जॉन रॉल्स (John Rawls) के अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति की नैतिकता के सिद्धांतों का उल्लेख कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: जी सुब्बाराव और पी एन चौधरी

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में नैतिकता के सिद्धांत क्या हैं? संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में नैतिकता के सिद्धांतों पर सोदाहरण विस्तार से चर्चा कीजिए।

जॉन रॉल्स (John Rawls) के अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति की नैतिकता के सिद्धांतों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।


Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates

Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos