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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 28 मई 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययनI


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. प्रारंभिक बौद्ध स्तूप-कला ने लोक विषयों एवं कथाओं का चित्रण करते हुए बौद्ध आदर्शों को शानदार ढंग से चित्रित किया। समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

स्तूप से आप क्या समझते हो? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

बौद्ध स्तूपों के उपयोग की समयरेखा (Timeline) पर चर्चा कीजिए।

स्तूपों पर चित्रित बौद्ध दर्शन पर टिप्पणी कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इस प्रकार, स्तूपों को संरचनात्मक रूप में चित्रित बुद्ध की शिक्षाओं के रूप में माना जा सकता है, जो न केवल धार्मिक पूजा स्थल के रूप में कार्य करता है बल्कि बौद्ध धर्म के संदेश के प्रचार में भी सहायता करता है।

 


सामान्य अध्ययनII


 

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

 2. नेपाल में बार-बार होने वाली राजनीतिक अशांति ने भारतीय हितों से बार-बार समझौता किया है। हालिया राजनीतिक संकट के आलोक में भारत के लिए आगे की राह की जांच कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Print

निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में दर्शाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • नेपाल जिस राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है, उस पर विस्तार से चर्चा कीजिए।
  • भारत पर इसके प्रभावों की विस्तार से व्याख्या कीजिए।
  • भारत के पक्ष पर प्रकाश डालिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIII


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

 3. चक्रीय अर्थव्यवस्था की अवधारणा को समझाइए। उदाहरण देते हुए भारत में इसकी उपयोगिता की विवेचना कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Business Standard 

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

विवेचना कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न के सभी पक्षों की तार्किक व्याख्या कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

चक्रीय अर्थव्यवस्था को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • चक्रीय अर्थव्यवस्था की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा कीजिए।
  • चक्रीय अर्थव्यवस्था द्वारा प्रदान किए जाने वाले अवसरों की व्याख्या कीजिए।
  • भारत में चक्रीय अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा कीजिए। भारत में चक्रीय अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।

 निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।

 4. महामारी ने डेयरी उद्योग की गतिशीलता को कैसे परिवर्तित किया है? भारत में इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा कीजिए एवं सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ का समर्थन करने वाले प्रमुख तथ्यों को प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

डेयरी उद्योग की गतिशीलता पर महामारी के प्रभावों पर प्रकाश डालिए।

इससे सम्बंधित मुद्दों को विस्तार से सूचीबद्ध कीजिए।

समझाइए कि गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा पर उपभोक्ताओं का बढ़ा हुआ ध्यान तथा एक स्थायी आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने की बढ़ती आवश्यकता डेयरी कंपनियों को तेज गति से अनेक गतिविधियों को अपनाने के लिए मजबूर करेगी।

निष्कर्ष:

इसका समाधान सुझाइए, इस दिशा में सरकार द्वारा प्रस्तावित नीतियों पर प्रकाश डालिए एवं निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

 5. अंतरिक्ष अन्वेषण यात्रा के विकास पर एक लेख लिखिए एवं चर्चा कीजिए कि नवीन अंतरिक्ष युग में उभरती चुनौतियों का प्रबंधन कैसे किया जाए ताकि बाह्य अंतरिक्ष को वैश्विक आम से आम लोगों की त्रासदी में परिवर्तित होने से रोका जा सके। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Economic TImes

निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

हम जिस अंतरिक्ष युग में रह रहे हैं, उसके प्रमुख तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर के मुख्य भाग में निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए:

  • अंतरिक्ष युग के महत्व पर चर्चा कीजिए। हाल के अंतरिक्ष प्रयासों को सूचीबद्ध कीजिए।
  • इन अंतरिक्ष यात्रा लक्ष्यों को प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालिए।
  • इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आगे की राह क्या होनी चाहिए? सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: सा.अ.2– सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

सा.अ.3– मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका।

 6. समय के साथ भारत में सेंसरशिप व्यवस्था कैसे विकसित हुई है तथा भारत में मीडिया सामग्री को नियंत्रित करने वाला वर्तमान ढांचा क्या है? समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सेंसरशिप से आप क्या समझते हैं? समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में सेंसरशिप के इतिहास की विवेचना कीजिए।

भारत में मीडिया सामग्री को नियंत्रित करने वाले वर्तमान ढांचे पर प्रकाश डालिए।

 निष्कर्ष:

देश में मीडिया को विनियमित करने के लिए एक सही ढांचे के महत्व को स्पष्ट करते हुए  निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययनIV


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

7. उपयोगितावाद की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए। सरकार में इसके उपयोग को सोदाहरण समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उपयोगितावाद को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उपयोगितावाद की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

सरकार में इसके उपयोग पर प्रकाश डालिए।

उपयुक्त उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्त्व को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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